Monday , 22 October 2018
Top Headlines:
Home » India » केंद्र ने राजीव के हत्यारों की रिहाई की मांग ठुकराई

केंद्र ने राजीव के हत्यारों की रिहाई की मांग ठुकराई

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह राजीव गांधी हत्याकांड के सात दोषियों को रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के प्रस्ताव का समर्थन नहीं करती है, क्योंकि इन मुजरिमों की सजा की माफी से ‘खतरनाक परंपराÓ की शुरूआत होगी और इसके ‘अंतरराष्ट्रीय नतीजेÓ होंगे।

जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस के. एम. जोसेफ की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने गृह मंत्रालय द्वारा इस संबंध में दायर दस्तावेज देखने के बाद शुक्रवार को मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। शीर्ष अदालत ने 23 जनवरी को केंद्र सरकार से कहा था कि तमिलनाडु सरकार के 2016 के पत्र पर तीन महीने के भीतर निर्णय ले। राज्य सरकार राजीव गांधी हत्याकांड के सात दोषियों की सजा माफ करके उनकी रिहाई करने के निर्णय पर केंद्र की सहमति चाहती है। राज्य सरकार ने इस संबंध में दो मार्च, 2016 को केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। केंद्र की सहमति जरूरीइसमें कहा गया था कि राज्य सरकार ने इन सात दोषियों को रिहा करने का निर्णय लिया है परंतु शीर्ष अदालत के 2015 के आदेश के अनुरूप इसके लिए केंद्र की सहमति लेना अनिवार्य है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव वी. बी. दुबे ने न्यायालय में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है, केंद्र सरकार, दंड प्रक्रिया संहिता का पालन करते हुए तमिलनाडु सरकार के 2 मार्च, 2016 के पत्र में इन सात दोषियों की सजा और माफ करने के प्रस्ताव से सहमत नहीं है।
मंत्रालय ने कहा कि निचली अदालत ने दोषियों को मौत की सजा देने के बारे में ‘ठोस कारणÓ दिए हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी इस हत्याकांड को देश में हुए अपराधों में सबसे घृणित कृत्य करार दिया था। चार विदेशियों, जिन्होंने तीन भारतीयों की मिलीभगत से देश के पूर्व प्रधानमंत्री और 15 अन्य की नृशंस हत्या की थी, को रिहा करने से बहुत ही खतरनाक परपंरा स्थापित होगी और भविष्य में ऐसे ही अन्य अपराधों के लिए इसके गंभीरतम अंतरराष्ट्रीय नतीजे हो सकते हैं। आत्मघाती हमले में राजीव की हुई थी हत्या बता दें कि राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनाव सभा के दौरान एक आत्मघाती महिला ने विस्फोट करके हत्या कर दी थी। बाद में इस महिला की पहचान धनु के रूप में हुई। इस विस्फोट में धनु सहित 14 अन्य लोग भी मारे गये थे। यह संभवत: पहला मामला (शेष पेज 8 पर)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.