Friday , 16 November 2018
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फैसले के खिलाफ अपील करेगा मंदिर बोर्ड

सबरीमाला विवाद
तिरूवनंतपुरम। केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर छिड़े विवाद के बाद मंदिर बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर करने का फैसला लिया है। त्रावणकोर देवासम बोर्ड अध्यक्ष ए पद्मकुमार ने कहा कि मंदिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश को अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बोर्ड अपील करेगा।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। शुक्रवार को पुलिस फोर्स की सुरक्षा में दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे मुमकिन नहीं होने दिया। इस विवाद में राजनीतिक दल भी एक दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इस बीच, माकपा ने सबरीमाला विवाद की तुलना बाबरी मस्जिद विवाद से कर दी है।
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सबरीमाला प्रदर्शन और बाबरी प्रकरण का पैटर्न एक ही जैसा है। येचुरी ने सारे विवाद का ठीकरा भाजपा और संघ पर फोड़ा है। साथ ही कांग्रेस को घेरते हुए यह भी कहा कि वहां चोर ही पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं। येचुरी ने कहा है कि किसी भी श्रद्धालु को मंदिर में प्रवेश से रोका नहीं जा रहा लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इसकी आड़ में समस्या खड़ी कर रहे हैं।
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रास्ते में महिलाओं को रोका गया
शुक्रवार को सबरीमाला मंदिर के बाहर का नजारा युद्ध के मैदान में बदल गया। माहवारी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे लोगों ने सबरीमाला सन्निधानम के समीप वलिया नदापंडाल में दो महिलाओं को आगे जाने से रोका। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई महिलाएं प्रवेश के लिए पहुंच रही हैं लेकिन उन्हें एंट्री पॉइंट से ही लौटाया जा रहा है।
लौटाई गई ईसाई महिला
सबरीमाला मंदिर में दर्शन के लिए पहुंची एक ईसाई महिला को भी विरोध के बाद वापस लौटना पड़ा। महिला मैरी स्वीटी ने बताया कि उसे महिला पत्रकार और महिला ऐक्टिविस्ट के विरोध के बाद लौटाए जाने की बात नहीं पता थी। वह दर्शन करने पहुंची थी लेकिन प्रदर्शन और विरोध के कारण उसे बिना दर्शन के ही लौटना पड़ा।

केंद्र ने केरल सरकार को लिखी थी चिट्ठीमाओवादी महिलाओं को भड़का रहे हैं’ नई दिल्ली। सबरीमाला मंदिर पर जारी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंदिर में सभी वर्ग की महिलाओं को जाने की इजाजत के बाद भी प्रदर्शनकारी शुक्रवार को भी ‘प्रतिबंधितÓ आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में नहीं घुसने दिया। इस बीच, दो महिलाओं के एंट्री पॉइंट पर पहुंचने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आखिकार पुलिस सुरक्षा के साथ मंदिर तक पहुंचीं दोनों महिलाओं को वापस लौटना पड़ा। इस बीच मीडिया के हाथ ऐसी चिी लगी है जो यह बताने के लिए काफी है कि केरल सरकार को पहले से (शेष पेज 8 पर)

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