Tuesday , 12 November 2019
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कश्मीर को लेकर ट्रंप के दावे का कोई सबूत नहीं

अमेरिका ने अपने रिकॉड्र्स चेक कर भारत को बताया
नई दिल्ली (एजेंसी)।
क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली मुलाकात में कश्मीर मुद्दे पर कुछ बात हुई थी? दोनों देशों के पास कम-से-कम इसका कोई रिकॉर्ड तो नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी आखिरी बार जापान के शहर ओसाका में पिछले महीने आयोजित जी-20 सम्मेलन में मिले थे। कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता को लेकर ट्रंप के नाटकीय दावे के बाद मची सियासी हलचल के बीच दोनों देशों ने अपने-अपने आधिकारिक रिकॉर्ड्स खंगाले और पाया कि ट्रंप के ताजा बयान से संबंधित किसी बात का कहीं, कोई जिक्र नहीं है। खुद अमेरिका ने भारत को कहा कि उसके किसी रिकॉर्ड में ट्रंप के दावे का सबूत नहीं मिला।
रिकॉर्ड्स में ट्रंप के दावे का नहीं है कोई जिक्र
सूत्रों ने बताया कि अमेरिका ने अनौपचारिक तौर पर भारतीय पक्ष से बात की और इस बात की पुष्टि भी की कि न तो अमेरिकी विदेश मंत्रालय और न ही व्हाइट हाउस के आधिकारिक रिकॉर्ड्स में ट्रंप के दावे को लेकर कुछ भी पाया गया है। इधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी ट्रंप-मोदी संवाद के रिकॉर्ड्स चेक किए और पाया कि कश्मीर पर दूर-दूर तक ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई जिससे कि ट्रंप को मोदी की बात समझने में किसी प्रकार के भ्रम की आशंका भी जताई जा सके।
ट्रंप के दावे के बाद यूएस विदेश मंत्रालय का बयान
दोनों देशों के बीच पिछले कुछ घंटों में हुए सूचना के आदान-प्रदान के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर ताजा हालात से निपटने की कोशिश की जिसमें ट्रंप के बयान को सीधे-सीधे खारिज तो नहीं किया गया, लेकिन इस मुद्दे पर अमेरिका का नजरिया जरूर दोहराया गया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है जिस पर दोनों पक्ष ही बातचीत करेंगे। ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान और भारत के (वार्ता की मेज पर) बैठने का स्वागत करेगा और (इस काम में) अमेरिका मदद करने को तैयार है। (शेष पेज 8 पर)

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