Friday , 18 October 2019
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कर्नाटक सरकार गंभीर संकट में

इस्तीफे स्वीकार हुए तो अल्पमत में आ जाएगी कुमारस्वामी सरकार
दरअसल, 13 विधायकों के इस्तीफे के बाद 224 सदस्यीय विधानसभा में सदस्यों की संख्या 210 हो जाएगी, एक विधायक पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। कांग्रेस-जेडीएस के पास 105 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास भी 105 विधायकों का समर्थन है। हाल यह है कि मुंबई के जिस सॉफिटेल होटल में बागी विधायक ठहरे हैं, वहां बीजेपी और कांग्रेस के कई नेता उन्हें लुभाने के लिए पहुंच रहे हैं। महाराष्ट्र भाजपा के उपाध्यक्ष और एमएलसी प्रसाद लाड ने असंतुष्ट विधायकों से होटल पहुंचकर मुलाकात की है।

कांग्रेस की विधायकों को वॉर्निंगअसंतुष्ट विधायकों को मनाने की कोशिश में जुटे हैं दोनों पार्टियों के नेताभाजपा ने लगाया आरोप, कांग्रेस खुद गिराना चाहती है कुमारस्वामी सरकारबेंगलुरू (एजेंसी)। कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार गंभीर संकट में घिर गई है। अगर 13 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार किया जाता है तो कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ जाएगी। हालांकि कांग्रेस और जेडीएस नेतृत्व असंतुष्ट विधायकों को मनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने असंतुष्ट विधायकों की मान-मनौव्वल की कोशिशों के बीच मंगलवार को होने वाली विधायक दल की बैठक के लिए सर्कुलर भी जारी कर दिया है। विधायकों को वॉर्निंग दी गई है कि अगर बैठक से नदारद रहे तो कड़ा ऐक्शन होगा। हालात को संभालने के लिए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी भी अमेरिका से आनन-फानन में स्वदेश लौट आए हैं। रविवार शाम को वह दिल्ली से विशेष विमान से बेंगलुरु पहुंचे।
उधर, कांग्रेस विधायक दल की बैठक 9 जुलाई को होगी। पार्टी ने अपने सभी विधायकों को सर्कुलर जारी कर उन्हें बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने को कहा है। सर्कुलर में इसका भी जिक्र किया गया है कि जो भी विधायक बैठक में अनुपस्थित होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश कुंडु राव और कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी केसी वेणुगोपाल भी शामिल होंगे। भाजपा की वेट ऐंड वॉच की रणनीति
राज्य के तेजी से बदलते घटनाक्रम पर भाजपा की पैनी नजर है। पार्टी के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा ने सरकार बनाने के सवाल पर कहा है कि विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर के निर्णय के बाद पार्टी आगे फैसला लेगी। विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर मंगलवार को फैसला ले सकते हैं। भाजपा देखो और इंतजार करो की रणनीति पर चल रही है। मुंबई के एक प्राइवेट होटल में ठहरे कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायक बीजेपी आलाकमान से ‘इशारेÓ का इंतजार कर रहे हैं। भाजपा सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व ने महाराष्ट्र से आने वाले रेल मंत्री पीयूष मंत्री और कर्नाटक के भाजपा महासचिव अरविंद लिंबावली को सूबे की सियासी गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी है। कहा जा रहा है कि लिंबावली सीधे-सीधे महाराष्ट्र की भाजपा की अगुआई वाली सरकार के साथ तालमेल में काम कर रहे हैं ताकि कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों को एक साथ रखे रहना सुनिश्चित किया जा सके।
कांग्रेस खुद गिराना चाहती है सरकार : केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा, कांग्रेस पार्टी एचडी कुमारस्वामी की सरकार को बाहर करने की कोशिश में है। यह कांग्रेस का गेमप्लान है कि एचडी देवगौड़ा और उनके परिवार को सत्ता से बाहर किया जाए। इसके लिए सिद्धारमैया जिम्मेदार हैं और कई अन्य सीनियर कांग्रेस लीडर भी इसमें शामिल हैं।कांग्रेस नेता बोले- जल्द लौट आएंगे विधायक
इधर, कांग्रेस के संकटमोचक कहे जाने वाले डीके शिवकुमार ने रविवार को पूर्व पीएम और जेडीएस के वरिष्ठ नेता एचडी देवेगौड़ा से मुलाकात की। इसके बाद डीके शिवकुमार ने कहा कि हमने और जेडीएस ने अपने नेताओं की मीटिंग बुलाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि मसला जल्द ही हल हो जाएगा। शिवकुमार ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि विधायक लौट आएंगे।
मनाने में जुटी है कांग्रेस : हालांकि कांग्रेस-जेडीएस को इन कोशिशों में सफलता मिलती नहीं दिख रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस विधायक प्रताप गौड़ा ने कहा है कि वह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। सियासी उठापठक के बीच सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भाजपा पर सरकार गिराने की कोशिश का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा ने कहा है कि सिद्धारमैया खुद अपनी सरकार गिराने में जुटे हुए हैं।

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