Sunday , 25 August 2019
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कर्नाटक में सियासी जंग की मियाद बढ़ी

दिनभर सियासी ड्रामे के बाद टला फ्लोर टेस्ट अब 22 को
बेंगलुरू (एजेंसी)। कर्नाटक में विश्वास प्रस्ताव को लेकर जारी सियासी जंग की मियाद और बढ़ गई है। शुक्रवार देर शाम राज्यपाल वजुभाई वाला के निर्देश को दरकिनार करते हुए विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार ने सदन की कार्यवाही 22 जुलाई (सोमवार) तक के लिए स्थगित कर दी। अब विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग सोमवार को होगी। इससे पहले दोपहर में राज्यपाल ने सीएम को चिी लिखकर शाम 6 बजे तक बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था। राज्यपाल की चिी लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सीएम : इसके बाद राज्यपाल की चिी के खिलाफ सीएम एचडी कुमारस्वामी कोर्ट पहुंच गए। उन्होंने राज्यपाल द्वारा विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए डेडलाइन तय करने पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट से कहा कि वह विधानसभा की कार्यवाही में दखल नहीं दे सकते। वहीं सदन में विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग शुक्रवार को ही कराने को लेकर भाजपा-कांग्रेस विधायकों में जमकर बहस हुई। भाजपा विधायकों ने मामले को लंबा खींचने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे विश्वास प्रस्ताव की शुचिता प्रभावित होगीराज्यपाल ने सीएम को लिखे थे दो पत्र इससे पहले राज्यपाल वजुभाई वाला ने गुरूवार को कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर केआर रमेश कुमार को पहला खत लिखकर कहा था कि वह गुरूवार को ही विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराए। यहां भी राज्यपाल की सलाह को अनसुना करते हुए डेप्युटी स्पीकर ने गुरुवार रात को सदन की कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया था। विरोध में बीजेपी सदस्यों ने रातभर सदन में ‘धरनाÓ दिया। भाजपा विधायकों ने गुरूवार रात को विधानसभा में ही खाना खाया और वहीं पर सोए भी। दूसरे ‘लव लेटरÓ से दुख पहुंचा : कुमारस्वामी राज्यपाल की दूसरी चिी के बाद मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि गवर्नर के दूसरे ‘लव लेटरÓ से उन्हें दुख पहुंचा है। विधानसभा में सीएम ने कहा, ‘मैं गवर्नर का सम्मान करता हूं। लेकिन उनके दूसरे लव लेटर से मुझे कष्ट हुआ है।Ó इसके बाद उन्होंने पूर्व सीएम और भाजपा नेता बी. एस. येदियुरप्पा के पीए संतोष की निर्दलीय विधायक एच. नागेश के साथ हवाई जहाज में चढ़ते वक्त की कथित तस्वीर दिखाते हुए भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप दोहराया।
भाई के नींबू लाने पर कुमारस्वामी की सफाई
भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी का मुख्यमंत्री पद खतरे में देख उनके भाई ने टोटका भी आजमाया है। टोटके के लिए सीएम के भाई और सूबे में मंत्री एचडी रेवन्ना शुक्रवार को सदन में नींबू लेकर आए। हालांकि कुमारस्वामी ने कहा है कि ऐसा कुछ नहीं है। बता दें कि कुछ दिन पहले रेवन्ना नंगे पांव सदन में पहुंचे थे। तब भी इसे अनुष्ठान या टोटका जैसा बताया गया था। बताते हैं कि रेवन्ना मुसीबत के समय अपने हाथ में नींबू लिए रहते हैं। उनका मानना है कि इससे मुसीबत टल जाती है। शुक्रवार को ही प्रक्रिया खत्म करना चाहते थे स्पीकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने स्पीकर से यहां तक कह दिया कि प्रक्रिया में जितना समय लगता है लगने दें। उनकी तरफ के लोग देर रात सदन में शांति से बैठने को तैयार हैं। वहीं, कांग्रेस-जेडीएस विधायकों ने सदन की कार्यवाही को सोमवार या फिर मंगलवार तक स्थगित करने की मांग की थी। हालांकि, तब इसे स्पीकर ने खारिज कर दिया था और कहा था कि उन्हें दुनिया का सामना करना है। इसके अलावा स्पीकर ने प्रक्रिया को जल्द समाप्त करने की इच्छा जताते हुए कहा था कि विश्वास प्रस्ताव पर काफी विचार-विमर्श हो चुका है और अब वह इस प्रक्रिया को आज (शुक्रवार को) ही समाप्त करना चाहते हैं।

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