Sunday , 23 February 2020
Top Headlines:
Home » Political » कर्नाटक के 17 अयोग्य विधायकों को मिली चुनाव लडऩे की अनुमति

कर्नाटक के 17 अयोग्य विधायकों को मिली चुनाव लडऩे की अनुमति

आज थामेंगे भाजपा का हाथ
बेंगलुरू (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के 17 अयोग्य विधायकों को चुनाव लडऩे की इजाजत दे दी है। 5 दिसंबर को होने वाले उपचुनाव से पहले ही ये सभी नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि ये सभी नेता 14 नवंबर को भाजपा में शामिल होंगे।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री अश्वत्थनारायण सी एन ने कहा, उन लोगों (अयोग्य विधायकों) ने भाजपा में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है और हमारे वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है। पार्टी में शामिल होने के लिए उनका स्वागत है। दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि गुरूवार सुबह बेंगलुरू में वह मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कतील की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एच डी देवगौड़ा ने कहा, आखिरी फैसला यह है कि ये विधायक चुनाव लड़ सकेंगे। इसलिए स्पीकर का आदेश निरस्त हो गया है। बाकी सबकुछ सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणी भर है।
अश्वत्थनारायण के साथ कुछ अयोग्य विधायकों ने फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी के संगठन महासचिव बी एल संतोष से नई दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने बताया कि पार्टी नेता और अयोग्य विधायक मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से गुरूवार को मुलाकात करेंगे और भविष्य की योजना के बारे में निर्णय करेंगे । उप मुख्यमंत्री ने बताया, कोई दिक्कत या कोई अन्य चीज नहीं है, वे पार्टी में शामिल होना चाहते हैं और शामिल होंगे। उपचुनाव और अन्य बातें बाद में होंगी।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस और जेडीएस के 17 विधायकों को तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार की ओर से अयोग्य करार दिए जाने के फैसले को बरकरार रखा लेकिन उन्हें 5 दिसंबर को होने वाला उपचनुाव लडऩे की अनुमति दे दी है। बता दें कि 17 में से 15 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं क्योंकि 2 सीटों- मस्की और राजराजेश्वरी से संबंधित याचिकाएं कर्नाटक हाई कोर्ट में पेंडिंग हैं।
उपचुनाव बाद ऐसा होगा समीकरण
15 सीटों पर उपचुनाव होंगे तो विधानसभा की संख्या भी बढ़ जाएगी और बहुमत का आंकड़ा भी। येदियुरप्पा सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए 15 सीटों के उपचुनावों में भाजपा के लिए हर हाल में 6 सीटें जीतना जरूरी हो गया है। इस समय विधानसभा का हाल देखें तो 207 सीटों में से भाजपा+ के पास 106 सीटें हैं। 207+15 यानी 222 होगी विधानसभा सीटों की संख्या तो भाजपा को बहुमत के लिए 112 सीटें चाहिए होंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*