Monday , 26 August 2019
Top Headlines:
Home » Business » कड़वी हुई गरीबों की चीनी

कड़वी हुई गरीबों की चीनी

सावधि जमा पूंजी लगाई दांव पर
उपरोक्त अतिरिक्त चीनी खरीदने के लिए निगम की सावधि जमा पूंजी की राशि को भी अफसरों ने दांव पर लगा दिया। ओवर ड्राफ्ट से चीनी मिलों को भुगतान कर प्रतिमाह अनावश्यक रूप से अत्यधिक ब्याज का भी भुगतान कर निगम को करोड़ों रुपए की चपत लगाई गई। निगम के अफसरों ने निगम की एफडी को तुड़वाकर यह अतिरिक्त चीनी का स्टाक खरीदा। इससे लाखों रुपए ब्याज का निगम को नुकसान अलग हुआ।
अब सड़ा 50 हजार क्विंटल माल
प्रदेश के गोदामों में पिछले एक वर्ष से भी अधिक समय से नहीं उठ सकी चीनी अब सडऩे लगी है। सूत्रों के अनुसार 50 हजार क्विंटल चीनी जो लगभग 20 करोड़ रुपए कीमत की है, अब सड़ रही है। कई स्थानों पर स्टॉक को महीनों से हाथ तक नहीं लगाया गया। जबकि चीनी को एक वर्ष से अधिक रखने पर वह खराब हो जाती है और अवधिपार होने लगती है। बताया गया कि फिलहाल अजमेर, कोटा, अलवर, उदयपुर सहित अन्य कई जिलों में चीनी का स्टॉक सड़ रहा है।नगर संवाददाता . उदयपुर
प्रदेश में गरीब अंत्योदय परिवारों की चीनी पर भी घोटालेबाज अफसरों ने डाका डाल दिया है। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के अफसरों ने करोड़ों रूपए की अधिक चीनी का स्टाक खरीदकर प्रदेश के सभी जिलों में भेज दिया जो समय पर नहीं उठ सका और अब सड़ चुका है। इस चीनी घोटाले को दबाने के लिए निगम इसे नीलाम कर अपने कारनामे को ढंकने की तैयारी भी कर रहा है।
इस चीनी घोटाले को अंजाम देने वाले निगम के जयपुर स्तर के आला अधिकारियों से लेकर निचले स्तर तक के अफसरों को बचाने की पुरजोर कोशिश चल रही है। निगम ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में निगम के पास भरपूर स्टॉक में चीनी पहले से पड़ी थी लेकिन भारी कमीशनखोरी के चक्कर में निगम के प्रबंध निदेशक, महा प्रबंधक वित्त ने मिलों से वित्तीय वर्ष 2017-18 के
(शेष पेज 8 पर)पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद 78 हजार क्विंटल अधिक चीनी खरीदी, 20 करोड़ की चीनी सड़ीमंत्रालय के यह मामला ध्यान में है। इस प्रकरण में दोषी लोगों के खिलाफ जयपुर के बजाजनगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। जल्द ही दोषी लोगों के खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
-रमेशकुमार मीणा,
मंत्री, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग,
राजस्थान सरकार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*