Wednesday , 29 January 2020
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एनसीपी का अजित ‘पावर’ भाजपा के ‘फडनवीस’ में आया

सेना का ‘उद्धव’ फेल शिवसेना जगी तब तक भाजपा सरकार बनी
महाराष्ट्र की राजनीति में आधी रात उठापटक : सुबह 5 बजे राष्ट्रपति शासन हटा, सुबह 7.30 पर भाजपा के देवेन्द्र फडनवीस ने सीएम एवं अजित पवार ने डिप्टी सीएम की शपथ ली
मुुंबई (कार्यालय संवाददाता)। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद एक महीने तक चले राजनीतिक गतिरोध के बाद अचानक एक बड़े सियासी उलटफेर में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के देवेन्द्र फडऩवीस ने मुख्यमंत्री पद और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के एक धड़े के अजीत पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
राज्यपाल भगत ङ्क्षसह कोश्यारी ने सुबह करीब साढ़े 7 बजे फडऩवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा के अजीत पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी। कोश्यारी ने फडऩवीस को सदन में अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया है।
कोश्यारी ने पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोङ्क्षवद से महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाने की अनुशंसा की। सुबह करीब साढ़े पांच बजे राष्ट्रपति शासन हटाये जाने के बाद राजभवन में फडऩवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा के पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी गयी। कोश्यारी ने राजभवन में दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। इस मौके पर भाजपा और राकांपा दोनों पार्टियों का कोई भी बड़ा नेता उपस्थित नहीं था।
सरकार के गठन के बाद राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने सरकार में शामिल होने के अजीत पवार के निर्णय से किनारा कर लिया जबकि फडऩवीस ने दावा किया कि उनके पास पूर्ण बहुमत है। शरद पवार ने दावा किया कि अजीत पवार के पास मात्र 10-11 विधायक हैं, पहले उनके साथ 15 विधायक थे जिनमें से 4 विधायक लौट आये हैं। इस प्रकार से शपथ ग्रहण के बावजूद सरकार के समीकरणों के बारे में अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है। अजीत पवार को कितने विधायकों का समर्थन हासिल है और बहुमत के लिए बाकी विधायक कहां से आएंगे, इस बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है।
शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा भाजपा के अध्यक्ष एवं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फडऩवीस और अजीत पवार को ट््वीट पर बधाई दी। फडऩवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री का मौका देने के लिये मोदी, शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा को धन्यवाद दिया। महाराष्ट्र में विधानसभा के चुनाव 21 अक्टूबर को हुए थे और परिणाम 24 अक्टूबर को मतगणना हुई थी। 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को सर्वाधिक 105, शिवसेना को 56, राकांपा को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें हासिल हुईं थीं। शपथ ग्रहण के खिलाफ सुको पहुंची शिवसेना
नई दिल्ली (एजेंसी)। महाराष्ट्र में शनिवार सुबह हुए भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को शिवसेना ने स्वीकार करने से मना कर दिया है और वह इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। राज्य की महत्वपूर्ण पार्टी शिवसेना ने भाजपा के देवेंद्र फडणवीस को सीएम और एनसीपी के अजित पवार को डेप्युटी सीएम पद की शपथ दिलाने के खिलाफ शनिवार को शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की।
उल्लेखनीय है कि सरकार बनाने के लिए तैयार दिख रहा शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन उस वक्त हैरान रह गया जब सुबह उन्हें देवेंद्र (शेष पेज 8 पर)प्रधानमंत्री के विशेषाधिकार प्रयोग के बाद हटा महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासननई दिल्ली (एजेंसी)। बिना केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक बुलाये महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाये जाने को लेकर उठ रही आपत्तियों के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसमें संवैधानिक औपचारिकताओं का पूरी तरह से पालन किया गया है और यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने विशिष्ट अधिकारों का प्रयोग किये जाने के बाद उठाया गया है।
केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाये जाने को लेकर केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक का कोई विवरण नहीं देते हुए शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य में स्थायी सरकार देने के लिए अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग किया है।
उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रधानमंत्री में मंत्रिमंडल का अधिकार निहित होता है। भारत सरकार के नियमावली में नियम संख्या 12 के तहत प्रधानमंत्री को विशिष्ट परिस्थितियों में मंत्रिमंडल की ओर से खुद फैसला करने का अधिकार होता है और बाद में मंत्रिमंडल की बैठक में उसकी स्वीकृति हासिल की जाती है। (शेष पेज 8 पर)शरद पवार ने बागी भतीजे पर लिया कड़ा ऐक्शनअजित को विधायक दल के नेता पद से हटायामुंबई (कार्यालय संवाददाता)। महाराष्ट्र की राजनीति में मचे ड्रामे के बीच अब एनसीपी अपने घर को संभालने में जुटी है। इसी के तहत एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार को पार्टी के विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है। इसके साथ ही दिलीप वलसे पाटील को पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया है। बता दें कि सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ अजित पवार के डेप्युटी सीएम की शपथ लेने को लेकर एनसीपी ने शनिवार शाम को बैठक की, जिसमें कुल 50 विधायक मौजूद थे। अजित पवार ने एनसीपी के विधायकों के समर्थन की एक सूची राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सौंपी थी। साफ है कि अजित पवार ने भले ही शरद पवार को गच्चा देने की कोशिश की हो, लेकिन वह पार्टी में किनारे लगते दिख रहे हैं।

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