Sunday , 24 March 2019
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इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के शुभारंभ पर बोले प्र.म. मोदी

‘कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था को लैंड माइन्स पर बिठाया’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की शुरूआत करते हुए कहा कि लोन डिफॉल्टर्स से सरकार एक-एक पैसा वसूल रही है। उन्होंने नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट (एनपीए) समस्या के लिए यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ”नामदारोंÓÓ ने फोन बैंकिंग के जरिए महज 6 साल में लाखों करोड़ रूपये कुछ बड़े लोगों को बांट दिए। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार देश की अर्थव्यवस्था को लैंड माइन्स पर बिठाकर चली गई।
प्रधानमंत्री ने कहा, आजादी के बाद से लेकर 2008 तक हमारे देश के सभी बैंकों ने कुल मिलाकर 18 लाख करोड़ रूपये की राशि ही लोन के तौर पर दी थी। लेकिन 2008 के बाद सिर्फ छह साल में यह राशि बढ़कर 52 लाख करोड़ रूपये हो गई, ले जाओ, बाद में मोदी आएगा रोएगा, ले जाओ। यानी जितना लोन बैंकों ने आजादी के बाद दिया था उसका दोगुना लोन पिछली सरकार के 6 साल में दिया।
फोन बैंकिंग से नामदारों ने दिया लोन
प्रधानमंत्री ने कहा, ये लोन कैसे दिया जाता था? तेरा भी भला-मेरा भी भला। उस समय एक परंपरा आई थी फोन बैंकिंग। नामदार यदि फोन कर दे तो लोन मिल ही जाता था। जिस भी धन्नासेठ को लोन चाहिए था वह नामदारों से बैंकों में फोन करवा देता था। बैंकवाले फिर उसे अरबों का लोन दे देते थे। सारे कानून से ऊपर था नामदारों का फोन। सवाल उठता है कि बैंकों ने मना क्यों नहीं किया? क्योंकि नामदारों के द्वारा ही अधिकारी नियुक्त होते थे। जब ये लोग डिफॉल्ट करने लगे तो भी बैंकों को फोन आने लगे कि उन्हें फिर लोन दीजिए। एक लोन लेकर दूसरा लोन चुकाने लगे। जो लोग इस गोरखधंधे में थे उन्हें पता था कि पोल जरूर खुलेगी।
”देश से छुपाया गया सचÓÓ
प्रधानमंत्री ने कहा, एक और साजिश रची गई, कितना पैसा फंसा है यह देश से छुपाया गया। देश को कहा गया कि सिर्फ 2 लाख करोड़ रूपये फंसे हैं। 2014 में जब हमारी सरकार बनी तो बैंकों को सही हिसाब देने को कहा गया। तब पता चला कि 9 लाख करोड़ रूपये फंसे हुए हैं। ब्याज जुडऩे की वजह से यह राशि बढ़ती जा रही है। 2014 में सरकार बनने के कुछ समय बाद ही हमें अहसास हो गया था कि ये नामदार देश को ऐसी लैंडमाइन पर बिठाकर गया है, उस समय देश को बताया जाता तो विस्फोट हो जाता। हमने एहतियात के साथ देश को संभाला।
”शुरू हो गई है लोन की वापसीÓÓ
उन्होंने एनपीए समस्या से निपटने की तैयारी को लेकर कहा, हमारी ही सरकार एनपीए की समस्या देश के सामने लेकर आई है। हमने इस बीमारी को दूर करने के लिए कई कदम उठाए हैं। 50 करोड़ से बड़े सभी कर्ज की जांच की गई। हमने कानून बदले, बैंकों का मर्जर किया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। भगोड़ों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। बड़े लोन लेने वालों की बैंक डिटेल भी सरकार के पास रखना शुरू कर दिया है। 12 सबसे बड़े डिफॉल्टर जिन्हें 2014 के पहले लोन दिया था, जिनके एनपीए की राशि पौने 2 लाख करोड़ रूपये हैं, उन पर कार्रवाई हो रही है। उन 12 के अलावा अन्य 27 के खिलाफ करीब 1 लाख करोड़ रूपये का एनपीए है। इनकी वापसी पर भी काम चल रहा है। जिन लोगों को लगता था कि उनके खाते में केवल इनकमिंग ही रहेगा अब आउटगोइंग की शुरूआत हुई है।1 मिनट से भी कम समय में खुलेगा खाता
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोस्ट पेमेंट बैंक का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस नए बैंक में अकाउंट खोलकर इसकी शुरूआत की। इस नए सरकारी बैंक में अकाउंट महज एक मिनट से भी कम में खाता खोला जा सकता है। खाता खोलने वाले की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। 12 महीने के भीतर खाताधारक को केवाईसी (नो योर कस्टमर) नियमों को पूरा करना होगा।
एक मिनट से कम में खुलेगा खाता
ऑनलाइन एप डाउनलोड कर भी खाता खोला जा सकता है। इसमें एक मिनट से कम का समय लगेगा। लेकिन 12 महीने के भीतर आपको पोस्ट ऑफिस या फिर चेक पोइंट में अपने डॉक्युमेंट जमा कराने होंगे।
अंगूठा लगाते ही हो जाएंगे सारे काम
कोई भी व्यक्ति जीरो पेमेंट पर आधार कार्ड देकर डाकघर में सेविंग अकाउंट खुलवा सकता है। इसके बाद इसमें कम से कम 100 रूपए रखने होंगे। वहीं करंट अकाउंट में कम से कम 1000 रूपए बैलेंस रखना होगा। अकाउंट होल्डर को किसी भी तरह की सर्विस लेने के लिए अपना अकाउंट नंबर भी याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि उनका सारा काम उनके थम्ब इम्प्रेशन के साथ होगा। जो लोग बैंक नहीं आ सकते है, उनके लिए डोर टू डोर सर्विस शुरू की जाएगी। डाकिये के माध्यम से घर बैठे ही बैंक की सारी सुविधा उपलब्ध होगी।
घर पर आएगा बैंक
अगर आपने खाते में पैसे जमा करवाने हों या फिर पैसे निकलवाने हों तो आप अपने मोबाइल पर आईपीपीबी एप पर रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। उसके बाद डाक कर्मी घर आकर आपसे पैसे जमा करेगा या फिर पैसे देगा। इस का सबसे ज्यादा फायदा गांवों के लोगों को होगा, जो बैंक के काम से दूरदराज शहरों में जाते हैं।

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