Friday , 16 November 2018
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अहम है डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश

उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मोदी का ‘मंत्र’
जोहानिसबर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि डिजिटल क्रांति ब्रिक्स और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है। उन्होंने कहा कि यह अहम है कि ज्यादातर देश ‘आर्टिफशिल इंटेलिजेंसÓ (कृत्रिम बुद्धिमता) और ‘बिग डेटा एनालिटिक्सÓ (बड़े पैमाने पर मौजूद आंकड़ों का विश्लेषण) की ओर से लाए जा रहे बदलावों के लिए तैयार हैं। ब्रिक्स संपर्क सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने डिजिटल आधारभूत ढांचे में ज्यादा निवेश और ‘डिजिटाइजेशनÓ के क्षेत्र में कौशल विकास का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, आज एक बार फिर हम ऐतिहासिक मोड़ पर हैं। डिजिटल क्रांति का शुक्रिया कि हमारे लिए नए मौके उभर रहे हैं। यही वजह है कि ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसÓ और ‘बिग डेटा एनालिटिक्सÓ के जरिए आने वाले इन बदलावों के लिए तैयार रहना जरूरी हो गया है। अफ्रीका के साथ भारत के ऐतिहासिक एवं गहरे संबंधों पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अफ्रीका में शांति, स्वतंत्रता और विकास कायम करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मोदी ने कहा, भारत और अफ्रीका के बीच आर्थिक एवं विकास सहयोग ने नई ऊंचाइयां छुई हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले चार साल में राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों के स्तर पर 100 से ज्यादा द्विपक्षीय वार्ताएं और यात्राएं हुई हैं जिनसे द्विपक्षीय सहयोग एवं आर्थिक संबंध नए स्तर तक गए हैं। उन्होंने कहा कि 11 अरब अमेरिकी डॉलर की 118 लोन सहायता 40 से ज्यादा अफ्रीकी देशों को दी गई है। मोदी ने कहा कि भारत अफ्रीकी देशों द्वारा किए जा रहे क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण के प्रयासों का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में मुक्त व्यापार एवं वाणिज्य से करोड़ों लोगों को गरीबी से निजात पाने में मदद मिली है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन तक वैश्वीकरण के लाभ पहुंचाना सबसे अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 के वित्तीय संकट के बाद वैश्वीकरण के इस बुनियादी पहलू पर संरक्षणवाद के खतरे मंडरा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, वृद्धि दर में गिरावट के सबसे ज्यादा प्रभाव हम जैसे देशों ने महसूस किए हैं, जिन्हें औपनिवेशक काल के दौरान की गई औद्योगिक प्रगति से लाभ नहीं मिल सके। मोदी ने कहा कि इस हफ्ते यूगांडा की संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने अफ्रीकी देशों के साथ भारत के संबंधों के लिए 10 सिद्धांत बताए थे। उन्होंने कहा कि अफ्रीका की जरूरतों के मुताबिक तैयार किए गए यह 10 सिद्धांत अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भारत के रिश्तों के विकास और उन्हें मजबूती प्रदान करने के दिशानिर्देश हैं।ब्रिक्स से इतर मिले मोदी और चिनफिंग
जोहानिसबर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से एक बार फिर मुलाकात की है। दोनों ही नेता दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचे हैं। इस मुलाकात में दोनों ही नेताओं ने भारत-चीन के बेहतर होते संबंधों की गति को बनाए रखने पर जोर दिया।
बता दें कि ब्रिक्स समिट से इतर मोदी की चिनफिंग से यह पिछले 4 महीनों में तीसरी मुलाकात है। मोदी ने कहा कि इस मीटिंग के जरिए विकास साझेदारी को मजबूत करने का एक और मौका मिला है। पीएमओ ने इस मुलाकात पर ट्वीट करते हुए लिखा, भारत-चीन की बढ़ती दोस्ती। प्र.म. मोदी ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग से साउथ अफ्रीका में ब्रिक्स समिट से इतर मुलाकात की। इस मौके पर दोनों ही नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिक्स देशों के सहयोग और आपसी लाभ के मुद्दों पर चर्चा की।
बता दें कि इससे पहले अप्रैल महीने में चीन के वुहान शहर में मोदी और चिनफिंग ने एक अनौपचारिक मुलाकात की थी। इसके बाद दोनों नेताओं की मुलाकात जून में शंघाई सहयोग संघठन के सम्मेलन के दौरान चीन में हुई थी। चिनफिंग से अपनी हालिया (शेष पेज 8 पर)

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