Sunday , 21 April 2019
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अरावली में खनन प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सीएस

13 लीजों पर रोकमोड़ा पहाड़ के आसपास की 13 चालू खदानों पर सुको ने लगाई रोक
मार्च में राज्य सरकार पेश करेगी अरावली संरक्षण की पालना रिपोर्ट का हलफनामा
नगर संवाददाता . उदयपुर सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के झुंझुनूं के मोड़ा पहाड़ क्षेत्र में चल रही खदानों में एक खदान अवैध खनन के कारण बंद कराने के मामले में सुनवाई कर शुक्रवार को वहां अरावली पर्वतशृंखला में चल रही अन्य 13 खदानों के खनन पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। मोड़ा पहाड़ के मामले में अब सुप्रीम कोर्ट दिशा निर्देश देगा। इस प्रकरण में राज्य सरकार की ओर से पालना रिपोर्ट पेश नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव को हाजिर होने के आदेश दिए थे, जिस पर मुख्य सचिव डीबी गुप्ता शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में पेश हुए।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने मार्च तक पूर्व में दिए आदेशों के तहत अरावली रेंज में कट रहे पहाड़ों के संरक्षण और अवैध खनन पर रोक लगाने संबंधी हलफनामा पेश नहीं किया। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान यह हलफनामा मय पालना रिपोर्ट मार्च में पेश करने का समय मांगा। मुख्य सचिव के साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव सुदर्शन सेठी, खान निदेशक जितेन्द्र उपाध्याय, एडीएम जयपुर दीपक तंवर, एडीएम पर्यावरण एवं खान आरएल उदय की टीम भी मौजूद रही। माइंस ऑनर्स की ओर से एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड अरुणा गुप्ता ने उनका पक्ष रखा। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट को सरकार ने बताया कि मोड़ा पहाड़ क्षेत्र में कुल 24 खदानों में से 13 चालू हैं। अन्य बची खदानों में अलग अलग तकनीकी कारण और कमियों तथा पेनल्टी केसेज की वजह से वे चालू नहीं हो सकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अन्य चालू 13 खदानों पर भी रोक लगाते हुए खनन गतिविधियां बंद करने के सख्त आदेश दिए।33 बिंदुओं पर होनी हैं जांच, सर्वे
पूर्व में सुप्रीम कोर्ट में फोरेस्ट सर्वे ऑफ इण्डिया ने अरावली रेंज की सेटेलाइट इमेज पेश कर बताया था कि कई स्थानों पर पहाड़ के पहाड़ ही गायब हो गए हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी कर अवैध खनन और अरावली रेंज की बदहाली पर ठोस रिपोर्ट तलब की थी। इसमें 33 बिंदु आधारित सर्वे रिपोर्ट सरकार को पेश कर हलफनामा पेश करना था कि अवैध खनन इस क्षेत्र में पूर्णतया बंद करवा दिया गया है। सरकार ने 24 में से एक लीज को अवैध खनन के चक्कर में बंद करवा दिया था। प्रभावित लीजधारक ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली और उसकी इंटरविनिंग एप्लीकेशन पर सुनवाई कर अदालत ने अन्य 13 लीजें भी बंद करने के शुक्रवार को सरकार को आदेश जारी किए।विभाग कर रहा लिखित आदेश का इंतजार
अब सरकार और खान विभाग सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश आने का इंतजार कर रहा है। विभाग के आला अधिकारी कह रहे हैं कि फिलहाल उनको भी पता नहीं है कि अदालत ने कौन सी लीज और कहां बंद करने के आदेश दिए हैं।

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