Tuesday , 11 December 2018
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अनुसंधान अधिकारी की लापरवाही से तस्कर को जमानत

पुलिस अधीक्षक को लापरवाही बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश
उदयपुर। अनुसंधान अधिकारी द्वारा निर्धारित अवधि में एनडीपीएस मामले में चालान और स्पष्टीकरण नहीं पेश करने की लापरवाही के चलते अदालत ने डोडा चूरा तस्कर को जमानत पर रिहा कर दिया। साथ ही जिला पुलिस अधीक्षक को अद्र्धशासकीय पत्र लिखकर अनुसंधान अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिये।
प्रकरण के अनुसार गोगुन्दा थानाधिकारी भरत योगी ने पिण्डवाड़ा हाईवे पर गत 13 मई को एक कार से 17 कट्टों में भरा 353 किलो अफीम डोडा चूरा जब्त कर आजणियों की ढाणी धोरी मन्ना बाड़मेर निवासी राणाराम पुत्र जग्गाराम विश्नोई को गिरफ्तार किया जबकि इसका साथी हनुमानाराम विश्नोई फरार हो गया। इस मामले में चार माह से अधिक समय से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे तस्कर राणाराम की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत का प्रार्थना पत्र पेश किया। प्रार्थना पत्र पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी प्रभा शर्मा ने फैसले में लिखा कि अनुसंधान पत्रावली का अवलोकन किया, 13 मई को पुलिस ने गाड़ी को पकड़कर डोडा चूरा जब्त किया।
प्रकरण में अनुसंधान अधिकारी द्वारा नियत पेशी 1 जून, 15 जून, 30 जून, 17 जुलाई, 26 जुलाई, 24 अगस्त, 5 सितम्बर को चालान पेश नहीं किया। विशिष्ट लोक अभियोजक तक की ओर से अनुसंधान अधिकारी की ओर से समय मांगा गया। यहां तक कि अनुसंधान अधिकारी द्वारा चालान में देरी सम्बन्धी कोई भी रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की। इसके कारण प्रकरण इंतजार नतीजा होता रहा। सम्बन्धित थानाधिकारी को भी रिपोर्ट पेश नहीं की। पेशियों पर जिला पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया लेकिन कोई स्पष्टीकरण भी पेश नहीं किया गया। गिरफ्तारी के बाद से आरोपी 15 दिन तक न्यायिक अभिरक्षा में गया।
थानाधिकारी का स्थानान्तरण होने से पत्रावली चार्ज में अन्य थानेदार को सुपुर्द करने का अंकन मात्र किया गया। अदालत ने लगभग चार माह से आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है। सम्बन्धित अधिकारी को नोटिस जारी करने पर भी रिपोर्ट पेश नहीं की गई। प्रकरण में आवश्यक अग्रिम कार्यवाही नहीं की जाकर लापरवाही बरती गई जिसका लाभ आरोपी को देते हुए उसे जमानत पर रिहा कर दिया। जिला पुलिस अधीक्षक को अद्र्धशासकीय पत्र लिखकर अनुसंधान अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिये।

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