Friday , 16 November 2018
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अक्टू. में जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ के पार

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह इस वर्ष अक्टूबर में बढ़कर 100710 करोड़ रूपये पर पहुंच गया।
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने यहां एक ट््िवट में कहा कि सितंबर में यह 94,442 करोड़ रूपये रहा था और अक्टूबर में इसमें 6.64 प्रतिशत की बढोतरी हुई है। उन्होंने कहा, जीएसटी की कम दरें, कर चोरी में कमी, जीएसटी अनुपालन बढऩे, देश भर में समान कर और अधिकारियों का हस्तक्षेप नगण्य रह जाने के परिणाम स्वरूप अक्टूबर में जीएसटी कर संग्रह एक लाख करोड़ रूपये को पार कर गया।
वित्त मंत्रालय द्वारा जीएसटी संग्रह के जारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में केंद्रीय जीएसटी का संग्रह 16,464 करोड़, राज्य जीएसटी का 22,826 करोड़, आईजीएसटी का 53,419 करोड़ और उपकर का 8000 करोड़ रूपये रहा। आईजीएसटी में आयात पर प्राप्त 26,408 करोड़ रूपये और उपकर में आयात पर प्राप्त 955 करोड़ रूपये का शुल्क भी शामिल है।
सितंबर महीने के लिए 31 अक्टूबर तक 67. 45 लाख जीएसटीआर 3बी फॉर्म भरे गये। सरकार ने बताया कि अगस्त में आईजीएसटी से सीजीएसटी में 17,490 करोड़ रूपये और एसजीएसटी में 15107 करोड़ समझौते के तहत दिये गये हैं। शेष आईजीएसटी में से 50:50 के अनुपान में केन्द्र और राज्यों के बीच अंतरिम वितरित किये गये हैं। अक्टूबर में नियमिति और अंतरिम बंटवारे के बाद केन्द्र और राज्यों द्वारा क्रमश: सीजीएसटी के तहत 48,954 करोड़ रूपये और एसजीएसटी के तहत 52,934 करोड़ रूपये के राजस्व अर्जित किये गये। ईज ऑफ डूइंग बिजनेसभारत अभी भी लक्ष्य के 27 पायदान पीछे : जेटलीनई दिल्ली। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने विश्व बैंक की कारोबार सुगमता सूची में भारत के 77वें स्थान पर पहुंचने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये गुरूवार को कहा कि भारत अभी भी इस सूची में अपने लक्ष्य से 27 पायदान पीछे है।
जेटली ने विश्व बैंक की इस ताजी सूची के मद्देनजर अपने गुरूवार के के ब्लॉग में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दूसरे कार्यकाल और मोदी सरकार के कार्यकाल के चार वर्षों में कारोबार सुगमता सूची में भारत के स्थान का तुलनात्मक विश्लेषण किया है। उन्होंने कहा कि संप्रग-2 के दौरान 5 वर्षों में इस सूची में भारत हर वर्ष पिछड़ रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस सूची में भारत को दुनिया के 50 देशों में शामिल करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अभी भी भारत 77वें स्थान पर आ सका है। (शेष पेज 8 पर)

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