Thursday , 26 April 2018
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हिंदू संगठनों ने मौन जुलूस निकाल किया कलेक्टर का घेराव

  • दो घंटे की जद्दोजेहद के बाद 153 को पाबंद कर छोड़ा, 53 को जेल
  • भड़काउ नारे लगाने वालों के खिलाफ राष्ट्रदोह का मामला दर्ज करने की मांग

उदयपुर। शहर में गुरूवार को हिन्दू संगठनों द्वारा किए प्रदर्शन, पुलिस के साथ लाठी-भाटा जंग के बाद पुलिस द्वारा गिरफ्त में लिए गए सभी युवाओं को छोडऩे के लिए शुक्रवार को बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और करीब तीन घंटे से भी अधिक समय तक जिला कलेक्टर का घेराव किया। जिसमें बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी सभी को रिहा करने पर अड़ गए।

तीन घंटे तक चली वार्ता के बाद पुलिस और प्रशासन ने 153 लोगों को छोड़ दिया गया और शेष 53 के खिलाफ राज्यकार्य में बाधा के मामले में न्यायालय में पेश किया जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। वहीं एक के खिलाफ जांच जारी है। वार्ता के दौरान हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों में हॉट-टॉक भी हो गई। बजरंग दल ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि साथी नहीं छूटे तो सोमवार को उदयपुर ही नहीं मेवाड़ बंद का आह्वान किया जाएगा।
गुरूवार को हुए घटनाक्रम में पुलिस ने 207 कार्यकर्ताओं को पकड़ा था। युवाओं को गिरफ्तार करने के विरोध में शुक्रवार को बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद की ओर से शहर में रैली और प्रदर्शन करने का तय किया था। बजरंग दल के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुभाषनगर स्थित मुख्य कार्यालय पर दोपहर बाद से बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को जमावड़ा होना शुरू हो गया। दोपहर ढाई बजे बाद राजस्थान क्षेत्र के संयोजक इंद्रजीतसिंह राजगुरू, बजरंग दल के जयपुर प्रांत के संयोजक अशोक सिंह राजावत, प्रांत विद्यार्थी प्रमुख डॉ. परमवीरसिंह, विहिप के सहमंत्री गौरव माथुर, विभाग अध्यक्ष अर्जुनसिंह देवड़ा, विभाग सह सयोजक दीपक प्रजापत, महनगर संयोजक राजेन्द्र परमार, प्रांत सह संयोजक रामेश्वर जाखड़ एवं बजरंग दल के जिला संयोजक राजेंद्र परमार के नेतृत्व में करीब 300-400 कार्यकर्ता कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए साढ़े तीन बजे बाद कलेक्ट्री पहुंचे और भगवा ध्वज लेकर धरने पर बैठ गए और धरनास्थल पर मौन बैठ कर गुरूवार को पुलिस द्वारा पकड़े गए 207 युवा साथियों एवं जब्त किए गए वाहनों को छुड़वाने और 8 दिसम्बर को भड़काउ नारे लगाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग करने लगे।
करीब चार बजे तक धरनास्थल पर बैठने के बाद प्रतिनिधि मंडल राजस्थान क्षेत्रीय संयोजक इंदरजीत सिंह राजगुरू के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचा, उनके साथ महापौर एवं गौरक्षा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्र सिंह कोठारी ने जिला कलेक्टर विष्णुचरण मलिक को ज्ञापन देकर 8 दिसम्बर को हुई राष्ट्र विरोधी घटना कारित करने वाले अपराधियों को गिरफ्तार करने और 14 दिसम्बर को हिंदू समाज के शान्तिपूर्वक प्रदर्शन पर बर्बर हमले व दमनकारी कार्यवाही का विरोध एवं पकड़े गए साथियों को छुड़वाने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर बिष्णुचरण मल्लिक, जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल, चित्तौड़ से बुलाएं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के कक्ष में अपरान्ह चार बजे प्रवेश किया और वहीं पर बैठ कर उन्हें 14 दिसम्बर को पकड़े गए साथियों को छुड़ाने पर अड़ गए और राष्ट्रद्रोही नारे लगाने वाले आरोपियों के खिलाफ करने की मांग करने लगे। करीब दो घंटे के जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने 14 दिसम्बर को प्रदर्शन के दौरान पकड़े गए 153 हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं को बिना शर्त छोडऩे पर राजी हो गए, लेकिन ऑनलाईन मामले में गिरफ्तार किए गए 53 कार्यकर्ताओं को न्यायालय में पेश कर छुड़वाने की बात कही। साथ ही जब्त किए गए 217 वाहनों के कागज दिखाकर छोडऩे की बात कही। इस पर सहमति बनने पर पदाधिकारी कमरे से बाहर निकले। इसक बाद जिला कलेक्ट्री के बाहर बैठे कार्यकर्ताओं को बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं ने जिला कलेक्टर से हुई वार्ता के बारे में बताया। इसके बाद सभी कार्यकर्ताओं ने जय श्री राम के नारों से कलेक्ट्री को गुंजायमान कर दिया ओर रवाना हो गए।

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