Saturday , 25 November 2017
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शराब की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी

29.75 लाख हड़पने वाला कम्पनी का निदेशक गिरफ्तार

arrestउदयपुर। एस.एस.आर. वल्र्ड ऑफ लिकर कम्पनी की उदयपुर जिले की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने का झांसा देकर 29 लाख 75 हजार रूपए हड़पने वाले कम्पनी के निदेशक को गिरफ्तार किया। इस मामले में लिप्त चार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
प्रतापनगर थानाधिकारी डॉ. हनुवंत सिंह ने बताया कि भैरू सिंह जी की बाड़ी प्रताप नगर निवासी देवी सिंह पुत्र रूप सिंह राठौड़ को उदयपुर की एस.एस.आर. वल्र्ड ऑफ लिकर कम्पनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने का झांसा देकर 29 लाख 75 हजार रूपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी अशोक मार्ग आना सागर लिंक रोड़ अजमेर निवासी सुनिल पुत्र जसकरण जैन को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को आरोपी को अदालत में पेश किया जहां उसे 14 नवम्बर तक पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिया। वेब ब्राउजर गुगल से कम्पनी के रजिस्ट्रेशन व प्रोपराईटर के संबंधी रिकॉर्ड प्राप्त किया। रिकॉर्ड अनुसार 16 अगस्त 2012 को कम्पनी रजिस्टर्ड होना बताया और कम्पनी के निदेशक अलका सुनिल जैन, निकिता एस. जैन के नाम से होना ज्ञात हुआ। अहमदाबाद में खुलवाए गए खाते के दस्तावेज भी प्राप्त किए। पूणे स्थित प्रधान कार्यालय में भी जांच की गई। रिमांड अवधि के दौरान धोखाधड़ी से हड़पे गए 29 लाख 75 हजार रूपए बरामद किए जाएंगे। मामले में लिप्त शेष आरोपी हरीश चौहान, आदर्श अरोड़ा, दिनेश माहेश्वरी और ब्रजमोहन शर्मा के बारे में जांच-पड़ताल कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।प्रतापनगर थाने में 5 अक्टूबर को भैरूसिंह जी की बाड़ी प्रतापनगर निवासी देवीसिंह पुत्र रूपसिंह राठौड़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि मार्च 2017 में जीजा बेड़वास निवासी सुरेंद्र सिंह चूंडावत के मार्फत ज्ञात हुआ कि राजस्थान में एसएसआर वल्र्ड ऑफ लिकर (शराब) कम्पनी नई ब्रांड की लांच कर रही है। उदयपुर में डीलर की आवश्यकता है। उसने अपने परिचित जोधपुर निवासी हरीश चौहान ने घर आकर फोन पर जयपुर निवासी आदेश अरोड़ा के बारे में जानकारी दी और बताया कि यह राजस्थान का एरिया मैनेजर है। जीजा सुरेंद्र सिंह चूंडावत व परिचित हरीश चौहान के साथ जयपुर गया। आदर्श अरोड़ा ने हमें सी.ए. दिनेश माहेश्वरी एवं ब्रजमोहन शर्मा सीआई से वार्ता कराई। सम्पूर्ण वार्ता के बाद हरीश चौहान, आदेश अरोड़ा व दिनेश माहेश्वरी एवं ब्रजमोहन शर्मा ने पूरा भरोसा दिलाते हुए प्रत्येक जिले की डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए कम्पनी दस-दस लाख रूपए ले रही है, परंतु आप पहले एक लाख रूपए एडवांस दे दो, हम आपको कम्पनी से लाईसेंस बनवाकर देंगे। लाईसेंस आने के बाद बकाया राशि लेने के बाद कम्पनी से डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए लिखापढ़ी करा देंगे। अशोक मार्ग आना सागर लिंक रोड़ अजमेर निवासी सुनिल पुत्र जसकरण जैन से वार्ता अनुसार अविलम्ब रूपए की व्यवस्था नहीं होने के कारण बहन मंजूकुंवर के बैंक खाते से एक लाख रूपए हाल्स इंडिया फूड एक्सिम लिमिटेड के नाम आरटीजीएस किया। उक्त रााशि प्राप्त करने के पश्चात उक्त चारों ने मुझे बताया कि कम्पनी की तरफ से राजस्थान के लिए अधिकृत सी एंड एफ सुनिल जैन उदयपुर में मुझसे मिलने आ रहे है बाकि प्रक्रिया समझा देंगे। सुनिल जैन से जीजा के साथ मिला। उसने भी कम्पनी के लाईसेंस के लिए दस लाख रूपए एवं लिकर के स्टॉक के लिए बीस लाख रूपए की मांग की। राशि जमा होने पर पूणे महाराष्ट्र स्थित एस.एस.आर. वल्र्ड ऑफ लिकर कम्पनी की तरफ से उदयपुर जिले का अधिकृत डीलर बना दिया जाएगा और कम्पनी का स्टॉक भी मिल जाएगा। मेरे द्वारा दो लाख 25 हजार रूपए इलाहाबाद बैंक शाखा राजस्थान विद्यापीठ के जरिये आरटीजीएस एवं मित्र कृष्णकांत खटीक के बैंक ऑफ इंडिया शाखा डबोक के खाते से चार लाख रूपए आरटीजीएस कराए। सुरेश टांक के पंजाब नेशनल बैंक के खाते से 7 लाख 50 हजार व 15 लाख के दो चैक मेरे घर पर सुशील जैन को दिए। इस तरह 28 लाख 75 हजार रूपए सुशील जैन के बताए अनुसार कम्पनी हाल्स इंडिया फूड एक्सिम लिमिटेड की आईसीआईसीआई बैंक अहमदाबाद के खाते में जमा कराए, परंतु कम्पनी ने राजस्थान के लिए लाईसेंस जारी नहीं किया और न ही उदयपुर जिले के लिए उसे डिस्ट्रीब्यूटर बनाया। लिकर स्टॉक की अमानत राशि प्राप्त करने के बावजूद शराब सप्लाई नहीं की। उसके बाद सुनिल जैन व आदेश अरोड़ा झांसेबाजी करते रहे। जीजा सुरेंद्र सिंह के साथ आबकारी विभाग उदयपुर में पता किया तो एस.एस.आर. वल्र्ड ऑफ लिकर कम्पनी ने कभी लाईसेंस के लिए आवेदन भी नहीं करना पता चला। तत्पश्चात पूणे स्थित कम्पनी के एमडी शुभम शर्मा से सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि सुनिल जैन को तो पहले हमने राजस्थान के सी एंड एफ लाईसेंस बनाने के लिए अधिकृत किया था, परंतु तीन माह से वह सम्पर्क में नहीं है और न ही आपकी राशि कम्पनी में जमा है। फिर सुनिल जैन से सम्पर्क किया तो वह झांसेबाजी करने लगा और 29 लाख रूपए चैक से भेजने की बात कही और क्लियर कराकर आपस में ले लेने की बात कही। परंतु सुनिल जैन ने 29 लाख का चैक दिया जो अपर्याप्त राशि के कारण बैंक से अनादरित हो गया। इस तरह हरीश चौहान, आदर्श अरोड़ा, दिनेश माहेश्वरी, ब्रजमोहन शर्मा और सुनिल जैन ने एस.एस.आर. वल्र्ड ऑफ लिकर कम्पनी का उदयपुर डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा देकर 29 लाख 75 हजार रूपए हड़प लिए और समय-समय पर जाली दस्तावेज दिखाकर राशि लूटते रहे। इस गिरोह ने अपने आपको कम्पनी का डायरेक्टर भी बताया था। इस मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर महिपाल सिंह ने आरोपी अशोक मार्ग आना सागर लिंक रोड़ अजमेर निवासी सुनिल पुत्र जसकरण जैन को गिरफ्तार किया।

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