Saturday , 26 May 2018
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रीट परीक्षा सम्पन्न 9 लाख 79 हजार 768 परीक्षार्थी बैठे परीक्षा में

जयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) सम्पन्न हो गई। शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने बताया कि राज्य के 2253 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित परीक्षा में 9 लाख 79 हजार 768 पंजीकृत परीक्षार्थी प्रविष्ट हुुए। इनमें द्वितीय स्तर की परीक्षा में करीब 8 लाख अभ्यर्थी जबकि बाकी अभ्यर्थी प्रथम और दोनों स्तर की परीक्षा में बैठे। उन्होंने बताया कि परीक्षा में नकल रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे। परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरों से सर्विलांस, परीक्षार्थियों की वीडियोग्राफी, जैमर, उड़नदस्ते तथा अन्य कड़े इंतजाम किए गए थे। परीक्षा के दौरान भरतपुर संभाग के चार जिलों धौलपुर, करौली, भरतपुर और सवाईमाधोपुर में इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गयी थी। उन्होंने बताया कि परीक्षा के बाद अब शीघ्र शिक्षकों के 35 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारम्भ की जाएगी।शहर में दिखा रीट परीक्षार्थियों का रेला ठंड में ठिठुरे, चप्पल तक उतरवाएकई परीक्षा कक्षों में घड़ी नहीं होने से परेशानीउदयपुर। शहर में रविवार को अध्यापक पात्रता परीक्षा रीट देने आस-पास के जिलों से भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पहुंचे जिससे दिन भर शहर के प्रमुख चौराहों सहित सड़कों पर मेले सा माहौल रहा। परीक्षा दो पारियों में हुई। सुबह की पारी में लेवल-टू जबकि दोपहर में लेवल-वन की परीक्षा हुई। परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रश्न पत्र का स्तर अच्छा था। महाराणा प्रताप के हाथी का क्या नाम था? गोविंद गुरू किस वर्ग से संबंधित थे? सहित कई रोचक सवाल भी पूछे गए। इधर, कई परीक्षार्थी जूते-चप्पल तक उतरवाने से ढाई घंटे तक ठंड में ठिठुरते व बोर्ड के अधिकारियों को कोसते नजर आए। उनका कहना था कि कुछ लोगों की करतूतों की सजा सभी अभ्यर्थियों को देना कहां की बुद्धिमानी है? इधर, कॉमर्स कॉलेज सहित कई परीक्षा केंद्रों के परीक्षा कक्षों में घड़ी नहीं लगाने से कई अभ्यर्थियों का पेपर छूट गया। परीक्षार्थी बार-बार वीक्षकों से समय पूछते रहे लेकिन वे भी समय बताने में असमर्थ थे क्योंकि निर्देशानुसार उन्हें भी घड़ी, मोबाइल आदि रखने की मनाही थी। समय की बात को लेकर कुछ जगह बहस भी हुई। इधर, कान की बालियां, चूड़ियां आदि उतारने की बात पर भी कुछ महिला अभ्यर्थी उलझ पड़े। एक केंद्र पर स्वेटर उतारने के लिए कहने पर अभ्यर्थियों ने विरोध किया। छह बार नेट, पीएचडीधारी ने दी रीट परीक्षा
उदयपुर। राजस्थान में बेरोजगारी का क्या आलम है इसकी बानगी रविवार को राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा में एक बार फिर देखने को मिली। शहर के सुंदरवास स्थित ज्ञान चेतना पब्लिक सीनियर सैकण्डरी स्कूल परीक्षा केंद्र पर छह बार नेट और पीएचडीधारी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुआ। स्कूल के डायरेक्टर शंभूलाल धाकड़ ने बताया कि सुबह की पारी में पेपर देने आए डॉ. राजेश शर्मा से उनकी बातचीत हुई तो पता चला कि वे छह बार नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं ज्योग्राफी में पीएचडी हैं। वर्तमान में वे कपासन में एक पीजी कॉलेज में पढ़ा रहे हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि 2017 में उन्होंने डॉ. पंकज रावल व डीएस चौहान के निर्देशन में पीएचडी की। इससे पहले वे लगातार नेट परीक्षा दे रहे हैं व हर बार उत्तीर्ण हो रहे हैं। अब तक वे छह बार नेट उत्तीर्ण कर चुके हैं। रीट परीक्षा क्यों दे रहे हैं? सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी दिली ख्वाहिश है कि सरकारी नौकरी लग जाए। पिछली बार भी उन्होंने शिक्षक भर्ती परीक्षा-2012 उत्तीर्ण कर ली थी मगर आरटेट परीक्षा में 60 प्रतिशत से एक अंक कम रह जाने की वजह से नौकरी हाथ से निकल गई। इसके बाद फर्स्ट ग्रेड भूगोल परीक्षा में भी पेपर बहुत शानदार हुआ लेकिन ऐन मौके पर आरपीएससी ने बड़ी संख्या में प्रश्न डिलीट कर दिए जिससे उनको नुकसान हुआ। डॉ. शर्मा ने बताया कि उन्होंने रीट के दोनों लेवल की परीक्षा दी है।

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