Saturday , 25 November 2017
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‘दुनिया में हृदय की सबसे बड़ी गांठ का सफल ऑपरेशन’

गीतांजली की कार्डियक सर्जरी टीम ने किया ऑपरेशन

geetnjali_surgeryउदयपुर। दिल में बन रहा था और एक दिल, ऑपरेशन से खोला तो पता चला कि हृदय के ही आकार जितनी बड़ी गांठ है, जिसको तुरंत ऑपरेशन कर बाहर निकाला गया अन्यथा रोगी की मृत्यु तय थी। दुनिया के मेडिकल इतिहास में हृदय की सबसे बड़ी गांठ, 11.5 सेंटीमीटर जितने बड़े ट्यूमर का गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, उदयपुर के कार्डियक थोरेसिक एवं वेसक्यूलर सर्जन डॉ संजय गांधी ने सफलतापूर्वक बाहर निकाल निजात दिलाई। अब तक के मेडिकल इतिहास में हृदय के ट्यूमर की सफल सर्जरी के संदर्भ में सेंट ल्यूक एपिसकोपल, टेक्सास हार्ट इंस्टीट्यूट में 11 सेंटीमीटर जितने बड़े हृदय के ट्यूमर को बाहर निकाला गया था। जिस कारण यह मामला पूरी दुनिया में मेडिकल इतिहास का प्रथम सफल ऑपरेशन है। इस सफल सर्जरी की टीम में डॉ गांधी के साथ कार्डियक वेसक्यूलर एवं थोरेसिक सर्जन डॉ सुरेंद्र पटेल, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डॉ अंकुर गांधी, डॉ कल्पेश मिस्त्री, डॉ मनमोहन जिंदल एवं डॉ धर्मचंद जैन और कार्डियोलोजिस्ट की टीम शामिल थे। दुनिया में इस तरह का पहला सफल ऑपरेशन का मामला सुन जिला कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक के साथ रोगी की कुशलक्षेम पुछने स्थानीय विधायक फूलचंद मीणा ने प्रशंसा व्यक्त करते हुए गीतंाजली के डॉ. संजय गंाधी एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी। जिला कलक्टर ने भी डॉ. गांधी एवं टिम को बधाई देते हुए भूरी-भूरी प्रशांसा की। इसके अतिरिक्त मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव टांक भी मौजूद थे।
कार्डियोलोजिस्ट ने बताया कि सिरोही निवासी तारा राम (उम्र 53 वर्ष) सांस फूलने, पांव में सूजन और कमजोरी के चलते गीतांजली हॉस्पिटल में आपातकालीन स्थिति में आया था। उस वक्त रोगी सीधा सो भी नहीं पा रहा था। सिरोही जिले के ही निजी हॉस्पिटल में गत पिछले 4-5 साल से रोगी का हृदय में छेद का इलाज चल रहा था। ईको-कार्डियोग्राफी की जांच से पता चला कि रोगी के हृदय में बहुत बड़ा ट्यूमर है। साथ ही एंजियोग्राफी की जांच धमनियों में ब्लॉकेज देखने के लिए की गई जो सामान्य थी। रोगी के हृदय को खोल कर ट्यूमर को निकाला और उसे हार्ट-लंग मशीन पर रख कर ऑपरेशन किया। यह ट्यूमर रोगी के हृदय से बिल्कुल चिपका हुआ था इसलिए काफी सावधानी से उसको बाहर निकाला गया।

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