Sunday , 27 May 2018
Breaking News
Home » Udaipur » छात्रा को कई लोगों को बेचा, पुलिस का समझौते का दबाव

छात्रा को कई लोगों को बेचा, पुलिस का समझौते का दबाव

  • लगातार शारीरिक शोषण से हुई गर्भवती
  • बरामदगी के चार दिन बाद भी पुलिस ने नहीं कराया मेडिकल

ANM fake pictureउदयपुर। 11वीं कक्षा की विज्ञान संकाय की छात्रा के साथ पहले जबरन दुष्कर्म करने और उसके साथ मारपीट करना और बाद में उसे अन्यत्र हाथों में बेच देना, उसके बाद दलालों द्वारा लगातार उसका बेचान जारी रखते हुए अंत में एक खेतीहर किसान को 1.80 लाख रूपए में कच्छ तहसील के राबर गांव के रंब में बेच दिया था जहां से पुलिस ने उसे बरामद किया। इस मामले में लिप्त आरोपी फरार हो गए। लम्बे समय से पीड़िता दंश झेलती रही। अब पुलिस उसका मेडिकल कराने को भी कतरा रही है और दोनों परिवारों में समझौते का दबाव बना रही है। मामले में लिप्त आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है और उनके हौंसले बुलंद है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार झाड़ोल तहसील क्षेत्र में रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा उदयपुर में अम्बामाता थाना क्षेत्र में एक स्कूल में 11वीं कक्षा में विज्ञान संकाय में अध्ययनरत थी, गत वर्ष 25 नवम्बर को उसे हॉस्टल से यह कह कर ले गए कि 26 नवम्बर को कम्प्यूटर परीक्षा बदराणा झाड़ोल में आयोजित हो रही है। 27 नवम्बर को छोटी पुत्री को प्रतापगढ़ में दाखिला कराना था इस कारण वह प्रतापगढ़ चले गए। 15 वर्षीय छात्रा अकेले बस से उदयपुर आई और मुल्लातलाई सुभाष चौराहे पर उतरी जहां पर आमलिया निवासी संजय गमार मिला जो उनका रिश्तेदार भी था वह उसे जबरन ऑटो में बिठा कर अपने कमरे पर ले जाने लगा इस पर हंगामा होता देख मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। आपस में पति-पत्नी बताते हुए लोगों को धोखा देकर वह उसे मुल्लातलाई में पानी की टंकी के पास स्थित अपने किराये के मकान पर ले गया, जहां उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी संजय गमार की मां लक्ष्मी देवी वहां आई और वह छात्रा को अपने साथ आमलिया गांव ले गई, जहां पर आरोपी संजय गमार की पत्नी ने लड़की के चचेरे मामा के सामने मारपीट की और दबाव बनाया कि जो थाने में मामला दर्ज कराया है उसमें यह बयान देगी कि वह अपनी स्वेच्छा से गई थी। इस बीच गत 10 दिसम्बर को फलासिया थाने में पिता ने रिपोर्ट दर्ज करा दी और आरोपी उस पर बयान बदलने के लिए दबाव बनाने लगे। गत वर्ष 20 दिसम्बर को वह अपने सगे मामा कुंदनलाल गमार के यहां जाने के लिए घर से निकली थी, बस से चेतक पहुंची और वहां उतरते ही आरोपी संजय मिल गया और उसे जबरन कमरे पर ले गया और 23 दिसम्बर तक उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। उसके बाद 24 दिसम्बर को संजय गमार ने अपने साथी संजय दामा, विजयपाल गमार ने उसे राधा बाई नामक महिला को बेच दिया। राधा बाई ने उसे ट्रक चालक शंकरलाल को बेच दिया। शंकरलाल उसे बस से अहमदाबाद के गोता शहर में ले गया जहां पर उसे पार्टनर के रूम पर रखा और अगले दिन रात को ट्रेन से लेकर कहीं गया और वहां पर किसी वृद्ध को बेच दिया। वृद्ध ने उसे मुंबई में लड़कियों की दलाली करने वाले प्रकाश को सौंप दिया, प्रकाश ने उसे प्रताप को दिया और प्रताप ने उसे वेला को दे दिया और वेला ने कच्छ तहसील राबर गांव के धनराज पटेल को जो कि किसान होकर उसे गत 10 जनवरी को 1.80 लाख में बेच दिया। धनराज पटेल उसके साथ जबरन दुष्कर्म करता व मारपीट करता था।
इस दौरान किशोरी के हाथ में धनराज के किसी बच्चे का फोन हाथ लग गया और उसने तुरन्त अपने पिता को फोन कर दिया। इस पर पिता ने फलासिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई और वहां से पुलिस के साथ गत 6 फरवरी को उसे दस्तियाब कर उदयपुर लाए। इस दौरान आरोपी फरार हो गए। उधर, दस्तियाब कर उदयपुर लाए पुलिस का किशोरी ने अभी तक मेडिकल कराना भी उचित नहीं समझा। उसके गुप्तांगों में चोटें आई है और दो माह का गर्भ है। इस मामले में परिवारजनों द्वारा लगातार जिला पुलिस अधीक्षक व रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को लगातार ज्ञापन देते रहे लेकिन आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्यवाही नहीं होने से उनके हौंसले बुलंद थे और वे मासूम बच्ची को इधर-उधर बेच कर लाखों रूपए की हेराफेरी कर रहे थे और अभी तक पुलिस आरोपियों तक अभी तक नहीं पहुंच सकी है और न ही पीड़िता का मेडिकल करवाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*