Monday , 21 May 2018
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चपलोत का आमरण अनशन तय

  • सरकार ने बुलाया अधिवक्ताओं को
  • 19 को जा सकते हैं अधिवक्ता जयपुर
  • पूजा-अर्चना के बाद बैठेंगे आमरण अनशन पर

उदयपुर। मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति के बेनर तले हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग की लड़ाई को मेवाड़ की अस्मिता की लड़ाई करार देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता, वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत बुधवार से आमरण अनशन करने पर अड़े हुए है। वहीं घबराई सरकार ने अधिवक्ताओं को जयपुर बुलाया है, हालांकि अधिवक्ताओं ने अभी तक जाने का तय नहीं किया है। इधर चपलोत जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक इसके लिए संघर्षरत रहेंगे। अधिवक्ता बुधवार को न्यायिक कार्यो का बहिष्कार कर हड़ताल पर रहेंगे। 30वें दिन भी क्रमिक अनशन जारी रहा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकृपा शर्मा ने आमजन से अपील की है कि हाईकोर्ट बेंच आंदोलन मेवाड़-वागड़ के प्रत्येक जन की लड़ाई है। हाईकोर्ट बेंच हम लेकर रहेंगे, इस अस्मिता की लड़ाई में शहरवासी एवं सभी संगठन सहभागी बने। हाईकोर्ट बेंच संभागीय संघर्ष समिति के संयोजक एवं सर्वश्रेष्ठ विधायक से नवाजे गये पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत ने अब इस मुद्दे को लेकर सरकार से आर-पार की लड़ाई लडऩे का एलान किया है। इस पर सरकार के दो मंत्री भी समझाने के लिए आए थे, लेकिन बात नहीं बनी । इधर अधिवक्ताओं को सरकार ने वार्ता के लिए जयपुर बुलाया है। मेवाड के भाजपा के कद्दावर नेता एवं आंदोलन के संयोजक शांतिलाल चपलोत बुधवार को प्रात: 9 बजे बोहरा गणेश जी के मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे उसके बाद देहलीगेट स्थित शांति-आनंदी स्मारक पहुंचेंगे जहां से अधिवक्ताओं के साथ-साथ जनसमूह के साथ प्रात: दस बजे रवाना होंगे और कोर्ट चौराहे पर आमरण अनशन पर बैठेंगे। इस दौरान कोर्ट चौराहे पर आमसभा भी होगी। इस आंदोलन को कांग्रेस ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है वहीं शेखावत मंच ने भी आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है।
संभागीय संयोजक शांतिलाल चपलोत के बुधवार को आमरण अनशन पर बैठने को लेकर मंगलवार को दोपहर बाद बार अध्यक्ष रामकृपा शर्मा की अध्यक्षता में आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें इस आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। बुधवार को होने वाले आंदोलन को लेकर न्यायिक कार्यो का बहिष्कार करने की भी घोषणा की और न्यायालय परिसर में स्थित सभी केंटिन, स्टाम्प वाइंडर, टाईपिस्ट, नोटेरी अधिवक्ता भी अपना कारोबार बंद रखेंगे।अब 19 को सीएम से करेंगे मुलाकात
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत के आमरण अनशन पर बैठकर सरकार को चुनौती देने की खबर से मुख्यमंत्री ने अपने दो प्रतिनिधि केबिनेट मंत्री श्रीचंद कृपलानी एवं जिला प्रभारी मंत्री धनसिंह रावत को अधिवक्ताओं से बातचीत के लिए भेजा था। उन्होंने सौहार्दपूर्ण वातावरण में अधिवक्ताओं से बातचीत की और चपलोत से आमरण अनशन नहीं करने की अपील की। इस दौरान मुख्यमंत्री से भी मोबाइल पर वार्ता की और कल उनसे जयपुर या झालावाड़ में प्रतिनिधि मण्डल से वार्ता करने की बात कही। लेकिन सरकार की ओर से मंगलवार को कोई जवाब नहीं आया अब यह बैठक आगामी 19 मई को मुख्यमंत्री के साथ प्रतिनिधि मण्डल की बैठक जयपुर में तय की गई।
क्रमिक अनशन जारी
न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर चल रहे क्रमिक अनशन आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। आज आंदोलन में पंचायती राज शिक्षक संघ, औदिच्य समाज एवं पूर्व पार्षद अनिल मेहता सहित संगठनों के पदाधिकारी तीन घंटे के आमरण अनशन पर बैठे। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश नंदवाना, शांतिलाल चपलोत, रामकृपा शर्मा, चेतनपुरी गोस्वामी, शिक्षक नेता शेरसिंह आदि ने सम्बोधित किया।
जुलूस निकाला : न्यायालय की खंडपीठ की मांग को लेकर जिला न्यायालय के मुख्य द्वार पर चल रहे धरना प्रदर्शन के तहत मंगलवार को भुवाणा पंचायत क्षेत्र के विभिन्न चौखले के 14 गांव से करीब 500 से अधिक आदिवासी महिला पुरुषों ने हाई कोर्ट बेंच की मांग को लेकर मोहाता पार्क से जिला कलेक्टर तक हाथों में नारे की तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और जिला कलेक्टर पर प्रदर्शन करने के बाद धरना स्थल पर आए जहां से उन्हें बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व मेवाड़ हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के नेतृत्व में जुलूस जिला न्यायालय परिसर में गया।
न्यायालय परिसर का चक्कर लगाने के बाद यह आदिवासी धरना स्थल पर बैठे तथा उन्होंने इस मांग का पुरजोर समर्थन किया।

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