Monday , 21 May 2018
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चपलोत आमरण अनशन पर बैठे

हाईकोर्ट बैंच की निर्णायक लड़ाई

उदयपुर। मेवाड़ उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना के लिए पिछले एक माह से चल रहे आंदोलन के दौरान बुधवार से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, भाजपा के वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता शांतिलाल चपलोत आमरण अनशन पर बैठ गए। इधर समझाने के लिए गए विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल की समझाईश के बाद भी नहीं मानने पर मेघवाल ने इस आमरण अनशन को दुर्भावना से ग्रसित बताया है। मेघवाल ने कहा कि सरकार ने वार्ता का मार्ग प्रशस्त किया, लेकिन हठधर्मिता के कारण बंदूक में भरी गोली चला रहे है। इससे नुकसान होगा। इधर शांतिलाल चपलोत कैबिनेट में इसे पारित किए बिना आमरण अनशन से हटने वाले नहीं है।
विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता शांतिलाल चपलोत ने सुबह नौ बजे अपने वरिष्ठ साथियों, समर्थकों एवं बार कार्यकारिणी के साथ बोहरा गणेशजी मंदिर जाकर गणपति की पूजा-अर्चना कर आंदोलन की सफलता की कामना की। इससे पूर्व चपलोत को उनकी पत्नी महेन्द्र चपलोत ने घर से विजय तिलक लगाते हुए विदा किया। पूजा-अर्चना के बाद समर्थकों एवं अधिवक्ताओं के साथ चपलोत शांति आनंदी स्मारक पहुंचे, जहां से जुलूस के साथ कोर्ट चौराहे के लिए रवाना हुए। जुलूस में शामिल अधिवक्ताओं के साथ विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ता बुलंद नारों एवं जोश खरोश के साथ कोर्ट चौराहे पहुंचे, जहां पर शांतिलाल चपलोत सुबह सवा दस बजे आमरण अनशन पर बैठ गए। इस दौरान विभिन्न संगठनों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया और महाराणा भूपाल नोबल्स संस्थान के पूर्व निदेशक तेजसिंह बांसी ने उन्हें मेवाड़ की केसरिया पगड़ी पहनाई और कहा कि यह मेवाड़ की आन, बान शान है और मेवाड़ की लाज को सलामत रखना। यह मेवाड़ की अस्मिता की पाग है। इसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश नंदवाना ने हाईकोर्ट बैंच आंदोलन के अब तक के सफर से आमजन को अवगत कराया। नंदवाना ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि चपलोत को कुछ भी हुआ तो अब पसीना नहीं खून बहेगा। हम मरने नहीं हाईकोर्ट बैंच लेने आए है। बार अध्यक्ष रामकृपा शर्मा ने कहा कि सरकार ने सभी पराकाष्ठाओं को तोड़ दिया है। राजनीतिक नेतृत्व पर सवालिया निशान लग गया है। उन्होंने कहा कि चपलोत को किसी ने छूआ तो इसके परिणाम कई दिनों तक याद रखने होंगे। शांतिलाल चपलोत की पत्नी महेन्द्र चपलोत ने कहा कि वह चाहती है कि मेवाड़ वागड़ की टीएसपी की जनता को सस्ता सुलभ न्याय मिले। शांतिलाल पामेचा एवं भरत वैष्णव ने जिन संगठनों का सहयोग मिला। उसकी जानकारी दी। सभा का संचालन सत्येंद्रपाल सिंह छाबड़ा ने किया।
इधर एक बार फिर से शांतिलाल चपलोत से बात करने के लिए राजस्थान विधानसभाध्यक्ष कैलाश मेघवाल उदयपुर आए। कैलाश मेघवाल ने शांतिलाल चपलोत से वार्ता की और आमरण अनशन तोडऩे के लिए कहा। मेघवाल ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से नहीं अपने मित्र के लिए आया हंू। आंदोलन क्लाइमेक्स पर है उसे खत्म ना होने दें, अनशन ना करे। इमोशेन के आधार पर भावना में ना बहे। विवेकपूर्ण निर्णय लें। आपकी हठधर्मिता से तीन दिन बाद भी सहीं होगा। इस पर भीड़ में मौजूद अधिवक्ताओं ने इस बात को ठुकरा दिया। इस पर मेघवाल आक्रोशित हुए और बोले आगे आप जानो और आपका काम जाने। इसके बाद पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि यह आंदोलन गलत राह की ओर चल रहा है। राज्य व केन्द्र सरकार का सकारात्मक रूख है, लेकिन आंदोलन दुर्भावना से ग्रसित है। इतना कहकर मेघवाल चले गए। इसके अलावा विभिन्न संगठनों, राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
यह बैठे अनशन पर
शांतिलाल चपलोत के साथ राशन डीलर एसोसिएशन अध्यक्ष रोशनलाल सामोता अनिश्चितकालीन 24 घंटे के उपवास के लिए भैरूलाल नागदा, कांग्रेस पेंशनर के संभागीय अध्यक्ष किशनचंद चौधरी 24 घंटे के क्रमिक अनशन पर बार अध्यक्ष रामकृपा शर्मा, चेतनपुरी गोस्वामी, हरीश शर्मा, हेमंत पालीवाल, ललित सोनी, ओमप्रकाश प्रजापत, राकेश मोगरा, शीतल नंदवाना, अनिता गोस्वामी, अमित मोगरा, संगीता नागदा, मनीष शर्मा एवं सत्येन्द्रसिंह सांखला बैठे। रात्रि में भजन मंडली के आयोजन हुए।
न्यायिक कार्यो का बहिष्कार
संघर्ष समिति के अरूण व्यास ने बताया कि आज भीलवाड़ा सहित संभाग के पांचों जिलों, तहसीलों व अन्य स्थानों पर न्यायिक कार्यो का बहिष्कार किया गया। सभी जिला मुख्यालयों पर आज इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन भी किया गया।

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