Thursday , 14 December 2017
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इस्तीफा देने वाले थे 5 समिति अध्यक्ष, जावलिया की जल्दबाजी ने बिगाड़ा काम

  • नगर निगम में बवाल के पीछे के पावर सेंटर की तलाश
  • कटारिया से आज हो सकती है चर्चा, दो पार्षद पर शंका

Gulab-chand-katariaउदयपुर। नगर निगम में महापौर के विरोध में पार्षदो द्वारा खेला जा रहा इस्तीफे के खेल में एक सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। निगम के पांच समिति अध्यक्ष एक साथ इस्तीफा देने वाले थे, परन्तु देवेन्द्र जावलिया की जल्दबाजी से यह मामला उल्टा पड़ गया। बाद में हश्र देखकर दूसरे समिति अध्यक्षों ने भी अपना मन बदल दिया। इन इस्तीफों के पीछे चल रहे पॉवर सेंटर की शहर भाजपा के नेताओं ने तलाश शुरू कर दी है। हालांकि इन इस्तीफो के पीछे भाजपा के दो पार्षदों पर शंका जताई जा रही है। इधर शुक्रवार को कटारिया के उदयपुर आने पर भाजपा के नेता कटारिया से इस बारे में चर्चा करेगे।
जानकारी के अनुसार निगम में पार्षदों द्वारा लगातार महापौर चन्द्रसिंह कोठारी पर उपेक्षा करने के साथ-साथ सार्वजनिक रूप से दबाने का आरोप समय से लगाया जा रहा था। जिसकी पार्षदों ने संगठन मेें भी शिकायत की थी। लगातार शिकायतों के बाद संगठन ने महापौर चन्द्रसिंह कोठारी से बात की और व्यवहार में नमी लाने के लिए निर्देश दिए। इधर महापौर कोठारी के व्यवहार में परिवर्तन आने के बाद भी दो समिति अध्यक्षों देवेन्द्र जावलिया और भगवान खारोल ने इस्तीफा दे दिया। जिसमें हड़कंप मच गया था। इधर इस मामले में फिर से नया सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निगम के पांच समिति अध्यक्षों ने एक साथ इस्तीफा देने की प्लानिंग कर ली थी। इन पांचों के पीछे के पॉवर सेंटर ने ऐसी तैयारी की थी कि पांचों एक साथ इस्तीफा देेंगे जिससे प्रदेश में एक साथ हड़कंप मच जाए। यह योजना उस समय खटाई में पड़ गई जब अतिक्रमण निरोधी समिति देवेन्द्र जावलिया ने जल्दबाजी करते हुए पहले ही गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को अपना इस्तीफा दे दिया। इसके बाद शहर में जो माहौल बना वह भले ही महापौर चन्द्रसिंह कोठारी की मनमानियों के खिलाफ था, परन्तु भाजपा में जो माहौल बना था वह महापौर के समर्थन का था। संगठन ने देवेन्द्र जावलिया से बात की और उनकी समस्या सुनी। इसके तुरन्त बाद उद्यान समिति अध्यक्ष भगवान खारोल ने भी इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद से ही शहर भाजपा में यह स्पष्ट हो गया कि नगर निगम में महापौर चन्द्रसिंह कोठारी के विरोध में एक पॉवर सेेंटर चल रहा है। यह पॉवर सेंटर पार्षदों और समिति अध्यक्षों को भड़का रहा है और महापौर चन्द्रसिंह कोठारी के विरोध में माहौल बना रहा है, ताकि संगठन कोठारी को हटाकर किसी अन्य को महापौर बना दें।
इस पॉवर सेंटर के रूप में निगम के दो पार्षदों को माना जा रहा है। इधर शहर भाजपा के पदाधिकािरयों ने भी इस पॉवर सेंटर की तलाश शुरू कर दी है और लगातार पार्षदों से सम्पर्क किया जा रहा है। हालांकि भाजपा नेताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महापौर तो चन्द्रसिंह कोठारी ही रहेंगे। इधर शुक्रवार सुबह प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया आ रहे है। शहर भाजपा अध्यक्ष दिनेश भट्ट, महामंत्री और नगर निगम प्रभारी प्रेमसिंह शक्तावत व महापौर चन्द्रसिंह कोठारी कटारिया से मुलाकात करेंगे और इस बारे में चर्चा करेंगे।
समिति अध्यक्षों से भी मिल सकते है कटारिया
बताया जा रहा है कि गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया निगम के सभी समिति अध्यक्षों से भी मिल सकते है और निगम की स्थिति पर चर्चा कर सकते है। हालांकि अभी तक किसी भी समिति अध्यक्ष के पास इसकी सूचना नहीं आई है। यदि कटारिया समिति अध्यक्षों से मिल लेते है तो निश्चित ही समाधान निकलेगा।
दो सम्पन्न पार्षदों पर है पॉवर सेंटर की शंका
निगम में महापौर चन्द्रसिंह कोठारी के पीछे जो पॉवर काम कर रही है, उनमें दो भाजपा के पार्षदों का नाम आ रहा है। दोनों ही आर्थिक रूप से सम्पन्न है और प्रभावशाली भी है। दोनों ही महाजन है। इन दोनों का राजनीति के अपने-अपने क्षेत्र में दबदबा है। हालांकि कोई दोनों के नाम खुलकर नहीं ले रहा है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक इस्तीफे के बाद यहां से इस्तीफा देने वालों को शाबाशी दी जाती है।

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