Tuesday , 21 November 2017
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Twitter : Suresh Goyal

  • राहुल की ताजपोशी हेतु नामांकन भरने की तिथि, अंतिम तिथि, नामांकन पत्र जांचने की तिथि, नाम वापस लेने की तिथि, मतदान की तिथि तथा मतगणना व चुनाव परिणाम की तिथि घोषित …. कहीं देखी है इससे बड़ी कोमेडी?
  • उ. कोरिया में किम जोंग ने अपनी पार्टी का चुनाव 99 प्र.श. मतों से जीता था, लगता है राहुल उसका भी रिकार्ड तोड़ देगा
  • मोरगन स्टेनली कह रहा कि भारत में मल्टी ट्रिलियन डालर निवेश के अवसर प्रतीक्षा कर रहे … अब ये जल कूकड़े कहीं इंगलेण्ड के कप्तान
  • इयोन मोरगन को अपना निशाना न बना दें … मोरगन फ्रीमेन? … तुम भी सावधान रहना
  • इस बीच आई.एम.एफ. ने पर केपीटा जी.डी.पी. में भारत को एक स्थान ऊ ंचा कर दिया है तो वल्र्ड इकोनोमिक फोरम ने भारत की मोदी सरकार को विश्व की तीसरी सबसे विश्वस्त सरकार करार दे दिया है …. जरूर बरनोल वालों से सांठ गांठ है
  • अभी तो गुजरात में मोदी की रैलियां शुरू भी नहीं हुई उसके पहले ही विपक्ष ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगा? … इधर एन.सी.पी. ने गठजोड़
  • तोड़ा तो उधर कई शहरों में कांग्रेस व पाटीदार कार्यकर्ता गुत्थमगुत्था …. भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन जुलूसों में पाटीदार उमड़ रहे
  • आखिरकार कांग्रेस ने मूडी की रेटिंग स्वीकार की … चिदम्बरम कह रहा कि यह रेटिंग यूपीए का काम देख कर बढाई गई है … इसमें क्या शक?
  • 2014 में यूपीए ने चुनाव हारने का जो काम किया है उसी की वजह से तो रेटिंग बढी है
  • चिद्दू? … मूडी को तुम्हारा काम आंकने में 14 साल लग गये? … 2004 में तुमने काम शुरू किया और अब जाकर यह रेटिंग मिली है … वैसे मूडी तो कह रहा कि रेटिंग मोदी की नीतियों की वजह से बढी है … जरा मूडी से खुद ही पूछ लेते ना?
  • चिद्दू? … मूडी की रेटिंग का श्रेय तुम खुद ले रहे मगर राहुल तो रेटिंग की आलोचना कर रहा … दोनों में से सही कौन?

    शबाना आजमी? … आज तो कलात्मक आजादी की बात कर रही हो मगर प्रोफेट मोहम्मद पर फिल्म बनाने के खिलाफ जब माजीद मजीदी और
  • ए.आर. रेहमान पर मौत के फतवे जारी हुए तब तो तुमने कहा था भावनाओं को आहत करने कलात्मक आजादी नहीं दी जा सकती …. इतना दोगलापन लाती कहां से हो?
  • आज तो पद्मावती को लेकर पूरा बोलीवुड एक हुआ जा रहा है मगर जब ईस्लामी कट्टरपंथियों ने सोनू निगम को धमकियां दी थी तब यही सब मुँह में दही जमाये बैठे थे
  • ममता? … पद्मावती पर तुम तो अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता की बात मत ही करो … अभी अभी डेंगू के हालात पर फेस बुक पोस्ट करने वाले डाक्टर को तुमने निलम्बित किया है … उसकी अभिव्यक्ति की परवाह क्यूं नहीं?
  • ममता? … भूल गई? … तुमने भी तो बंगला फिल्म जुल्फीकार के कई दृश्य इसलिये काट दिये थे क्यूंकि मुल्लों ने उनका विरोध किया था … तब कहां थे तुम्हारे ये आदर्श?
  • योगी खुले आम कह रहा – अपराधियों को या तो जेल होगी या फिर उनका एनकाउन्टर हो जायेगा …. पहले कभी एसी चेतावनी सुनी? … अच्छे दिन!

One comment

  1. न्‍यायालय द्वारा पटरखों पर लगाई गई रोक के लिए सरकार या प्रधानमंत्री को कैसे दोषी ठहरा सकते हैं।

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