Thursday , 18 January 2018
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रेल टिकट के लिये भीम एप से भी होगा भुगतान

नयी दिल्ली। भारतीय रेलवे नकदीरहित लेनदेन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए शुक्रवार से देशभर के सभी आरक्षण केन्द्रों में यात्रियों को भीम एप के माध्यम से भुगतान की सुविधा आरंभ करने जा रही है।
रेलवे बोर्ड के सदस्य मोहम्मद जमशेद ने बताया कि 1 दिसंबर से देश के सभी रेलवे आरक्षण केन्द्रों में चिह्नित काउंटरों पर भीम यूपीआई एप से भुगतान की सुविधा आरंभ की जा रही है। उन्होंने कहा कि नकदीरहित डिजीटल लेनदेन में अभी तक रेलवे डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड अथवा ऑनलाइन बैंङ्क्षकग के माध्यम से भुगतान ले रही है। अब एक कदम आगे बढ़ाते हुए रेलवे ने इन विकल्पों के साथ बिना किसी कार्ड के केवल मोबाइल फोन के माध्यम से भुगतान की सुविधा शुरू करने का फैसला किया है।
जमशेद ने बताया कि दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों में इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था जिसकी सफलता के बाद अब इसे देशभर में तीन ह•ाार से अधिक पीआरएस केन्द्रों पर शुरू किया जा रहा है। इससे सीजन टिकट भी खरीदे जा सकेंगे। हालांकि अनारक्षित टिकटों की खरीद के लिये इस सुविधा को बाद में शुरू किया जाएगा। भीम एप को भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने विकसित किया है। इससे अन्य भुगतान एप से भी लेनदेन किया जा सकता है।
भीम एप से भुगतान की प्रणाली के बारे में उन्होंने बताया कि काउंटर पर बैठा बुङ्क्षकग क्लर्क यात्रियों एवं गंतव्य की जानकारी लेकर पीआरएस में भरेगा और भुगतान के लिये भीम एप का विकल्प चुनेगा और टिकट बुक कराने वाले से उसका वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (वीपीए) मांगेगा। बुङ्क्षकग क्लर्क पीआरएस में उस वीपीए को भरेगा और यात्री को मोबाइल पर भुगतान का अनुरोध संबंधी संदेश प्राप्त होगा। यात्री को उसे स्वीकार करना होगा। उसे स्वीकार करते हुए भीम एप से जुड़े बैंक खाते से पैसा रेलवे के खाते में पहुंच जाएगा। इस पर पीआरएस और मोबाइल दोनों पर भुगतान की सफलता का संदेश आ जाएगा और बुङ्क्षकग क्लर्क टिकट ङ्क्षप्रट कर सकेगा।
जमशेद ने कहा कि बहुत दिनों से रेलवे में नकदीरहित लेनदेन की प्रणाली को बढ़ावा देने का प्रयास चल रहा है। जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे आरक्षण में डिजीटलीकरण का आरंभ आईआरसीटीसी की वेबसाइट से होने वाले ई-टिकङ्क्षटग से हुआ था। नोटबंदी के पहले अक्टूबर 2016 में आरक्षित टिकटों की कुल बुङ्क्षकग का 58 प्रतिशत ई-टिकङ्क्षटग से होती थी जो अब 70 प्रतिशत हो गयी है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद से रेलवे आरक्षण में डिजीटल भुगतान करने वालों की संख्या में साढ़े तीन करोड़ का इजाफा हुआ है।

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