Monday , 21 May 2018
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‘सुशील को 24 साल में कभी डांटने की जरूरत नहीं पड़ी’

नई दिल्ली। कुश्ती के द्रोणाचार्य महाबली सतपाल ने युवा खिलाडिय़ों को सुशील कुमार जैसा आदर्श शिष्य बनने का संदेश देते हुए मंगलवार को कहा कि उन्हें पिछले 24 साल में सुशील को कभी डांटने की जरूरत नहीं पड़ी।
पद्मभूषण से सम्मानित सतपाल ने कहा, सुशील एक ऐसा खिलाड़ी है जिसने हर जगह देश का झंडा लहराया है। सुशील 11 साल की उम्र से आज तक मेरे साथ है। पिछले 24 साल में मुझे उसे डांटने की कभी जरूरत नहीं पड़ी और दोबारा उसे समझाने की जरूरत नहीं पड़ी।
महाबली सतपाल ने छात्र- छात्राओं से कहा, आप भी अपने फील्ड में आगे जाना चाहते हो इसलिए हमेशा लक्ष्य ऊंचा रखो। गुरू और माता-पिता का दर्जा सिर्फ भगवान से कम होता है इसलिए हमेशा गुरू और माता-पिता का सम्मान करो। मैं इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए स्कूल प्रबंधन को बधाई देता हूं। उन्होंने बच्चों से कहा, पता नहीं आप में से कौन सुशील से भी आगे निकल जाए। मैं भाग्यशाली हूं जो मुझे सुशील जैसा शिष्य मिला जिसने अपने प्रदर्शन से मेरा मान बढ़ा दिया।
सुशील ने भी अपने गुरू के प्रति पूरा आदर प्रकट करते हुए कहा, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे उनके जैसा गुरू मिला। गुरू को हमेशा भगवान का दर्जा दें और उनसे हमेशा कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करते रहें तो आप जीवन में बहुत आगे जाएंगे।
राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पहलवान सुशील ने कहा, ऐसे सम्मान से आप पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाती है कि आपको और अच्छा करना है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि मैं देश के लिए आगे भी इसी तरह पदक जीतता रहूंगा।

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