Saturday , 26 May 2018
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विराट-मणिका और नीरज में दिलचस्प मुकाबला

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में विराट कोहली, गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण सहित चार पदक जीतने वाली पहली भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मणिका बत्रा तथा स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा का नाम देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न के लिए नामित किये जाने के बाद इस पुरस्कार के लिये मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
देश के सर्वाेच्च पुरस्कार के लिये तीन बेहतरीन खिलाड़ियों के नाम आ चुके हैं और खेल मंत्रालय को इस बार खेल रत्न चुनने के लिये काफी जद्दोजहद करनी पड़ेगी। आमतौर पर गैर ओलंपिक वर्ष में सिर्फ एक खिलाड़ी को खेल रत्न पुरस्कार दिये जाने की सरकार की नीति है और ओलंपिक वर्ष में ही एक से अधिक खिलाड़ी को खेल रत्न पुरस्कार दिया जाता है। हालांकि पिछला साल अपवाद रहा था और पैरा एथलीट देवेंद्र झांझरिया तथा पूर्व हॉकी कप्तान सरदार सिंह को संयुक्त रूप से खेल रत्न सम्मान दिया गया था। इससे पहले 2016 के ओलंपिक वर्ष में चार खिलाड़ियों पीवी सिंधू, दीपा करमाकर, जीतू राय और साक्षी मलिक को संयुक्त रूप से खेल रत्न पुरस्कार मिला था। इनमें से सिंधू और साक्षी ने ओलंपिक पदक जीते थे जबकि जीतू और दीपा का प्रदर्शन शानदार रहा था।
वर्ष 2016 में विराट का नाम खेल रत्न के लिये नामित किया गया था लेकिन ओलंपिक वर्ष होने के कारण उनपर इस सम्मान के लिये विचार नहीं हुआ था। विराट 2017 की अपनी शानदार उपलब्धियों के लिये इस पुरस्कार के सबसे प्रबल दावेदार बनते हैं लेकिन पिछले वर्ष इंग्लैंड में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में फाइनल में पाकिस्तान से मिली हार विराट के आड़े आ सकती है।
इस एक फाइनल को छोड़ दिया जाए तो विराट ने कप्तानी और बल्ले से काफी बेहतरीन प्रदर्शन किया था। यदि वह खेल रत्न जीतने में कामयाब हो जाते हैं तो वह यह सम्मान पाने वाले मात्र तीसरे क्रिकेटर होंगे। उनसे पहले वर्ष 1998 में सचिन तेंदुलकर और वर्ष 2007 में महेंद्र सिंह धोनी को खेल रत्न दिया गया था। 29 वर्षीय विराट को वर्ष 2017 में पद्मश्री और वर्ष 2013 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया था।
विराट की राह में सबसे बड़ी बाधा 22 साल की टेबल टेनिस खिलाड़ी मणिका बत्रा बन सकती हैं। हालांकि भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) ने मणिका का नाम अर्जुन पुरस्कार के लिये भेजा था लेकिन उसने साथ में यह भी कहा है कि वह मणिका का नाम खेल रत्न के लिये भेज सकता है।
22 साल की मणिका ने गोल्ड कोस्ट में इसी माह समाप्त हुये राष्ट्रमंडल खेलों में चार पदक जीते थे और 218 सदस्यीय दल में सबसे सफल एथलीट रही थीं। टीटीएफआई ने मणिका के नाम की बेशक अर्जुन पुरस्कार के लिए सिफारिश की हो लेकिन मणिका सही मायनों में खेल रत्न की दावेदार बनती हैं।
मणिका ने गोल्ड कोस्ट में दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक सहित कुल चार पदक हासिल किये थे और अकेले अपने दम पर टेबल टेनिस का नाम रातों रात उन बुलंदियों पर पहुंचा दिया जहां बैडमिंटन को सायना नेहवाल और पीवी सिंधू ने पहुंचाया।
मणिका का प्रदर्शन ऐसा है कि टीटीएफआई के अर्जुन पुरस्कार की सिफारिश के बावजूद केंद्रीय खेल मंत्रालय खुद भी संज्ञान लेकर उनके नाम पर खेल रत्न के लिये विचार कर सकता है। यहां यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि टेनिस स्टार सानिया मिर्जा को 2015 में उनके नाम को लेकर विवाद उठने के बावजूद खेल मंत्रालय ने खुद पहल करते हुये उन्हें खेल रत्न पुरस्कार प्रदान किया था।
खेल रत्न के एक अन्य दावेदार राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता 20 वर्षीय भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा भी बन गये हैं।

जूनियर वर्ग का विश्व रिकार्ड अपने नाम रखने वाले नीरज ने बहुत ही कम उम्र में वह सफलता हासिल की है जो भारत के कम एथलीटों को नसीब हुई है। भाला फेंक में नीरज इस समय दुनिया के शीर्ष एथलीटों में शुमार किये जा रहे हैं।

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