Thursday , 18 January 2018
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विदर्भ पहली बार रणजी चैंपियन

7 बार की चैंपियन दिल्ली को 9 विकेट से रौंदा

इंदौर। नववर्ष की इससे बेहतर शुरूआत की कल्पना शायद विदर्भ ने भी नहीं की होगी, लेकिन उसने 7 बार की चैंपियन दिल्ली को 9 विकेट से पराजित कर वर्ष 2018 के पहले दिन सोमवार को पहली बार रणजी चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया।
विदर्भ ने रणजी ट्राफी के 2017-18 सत्र में कमाल की लय दिखाते हुये पहली बार टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया था और 10 वर्षों बाद अपने आठवें खिताब की तलाश कर रही दिल्ली को रोमांचक फाइनल मुकाबले के चौथे दिन सोमवार को ही पराजित कर पहली बार रणजी चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया।
विदर्भ ने पहली पारी में 547 का विशाल स्कोर बनाने के बाद दिल्ली को उसकी दूसरी पारी में 76 ओवर में 280 पर ढेर कर दिया। उसने दिल्ली से मिले 29 रन के मामूली लक्ष्य को दिन की समाप्ति से कुछ ओवर पहले हासिल कर जीत अपने नाम की। विदर्भ ने 5 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 32 रन बनायेे।
विदर्भ और दिल्ली के बीच फाइनल का चौथा दिन बेहद रोमांचक रहा जहां विदर्भ की टीम दो बार बल्लेबाजी के लिये मैदान पर उतरी और अंतत: उसने इसी दिन मैच को भी समाप्त कर ट्राफी अपने नाम कर ली। सुबह विदर्भ ने दिन की शुरूआत कल के 7 विकेट पर 528 रन से आगे की। उस समय अक्षय वादकर 133 रन और सिद्धेश नेराल 56 रन बनाकर क्रीज पर थे।
विदर्भ की पहली पारी में सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतरे वादकर ने 262 गेंदों में 16 चौके और एक छक्का लगाकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली जो उनका प्रथम श्रेणी में पहला शतक है। नेराल ने भी अर्धशतकीय पारी में 107 गेंदों में आठ चौके और चार छक्के लगाकर 74 रन की अहम पारी खेली और टीम 163.4 ओवर में 547 पर ऑल आउट हो गयी। टीम ने अपने कल के स्कोर में 19 रनों का इजाफा किया।
पहली बार फाइनल खेल रही विदर्भ ने 252 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल करने के बाद काफी आत्मविश्वास के साथ खेला और अपनी दूसरी पारी के लिये मैदान पर उतरी दिल्ली को दूसरी पारी में 280 पर समेट दिया। विदर्भ की तरफ से दिल्ली की पारी को सस्ते में निपटाने का श्रेय इस बार अक्षय वखारे और आदित्य सरवाते को गया जिन्होंने कुल 7 विकेट निकाले। वखारे ने 95 रन पर 4 विकेट लिये जबकि सरवाते को 30 रन पर 3 विकेट हाथ लगे।
विदर्भ के स्टार मध्यम तेज गेंदबाज रजनीश गुरबानी ने 92 रन देकर दो विकेट और सिद्धेश नेराल ने 39 रन पर एक विकेट हासिल किया। गुरबानी ने पहली पारी में दिल्ली के 59 रन पर छह विकेट निकाले थे और कुल आठ विकेट लेकर ‘मैन ऑफ द मैचÓ बने।
इससे पहले दिल्ली की पारी लडख़ड़ाहट के साथ शुरू हुई और ओपनर करूण चंदीला 9 रन बनाकर अक्षय वखारे की गेंद पर रजनीश गुरबानी को कैच दे बैठे। अनुभवी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने भी केवल 36 रन ही बनाये और वह विदर्भ के मध्यम तेज गेंदबाज रजनीश गुरबानी की गेंद पर पगबाधा हो गये। लेकिन पहली पारी के शतकधारी ध्रुव शौरी ने नीतीश राणा के साथ मिलकर 114 रन की शतकीय साझेदारी कर दिल्ली को कुछ बेहतर स्थिति में पहुंचाया।
दिल्ली की पहली पारी में 145 रन बनाने वाले शौरी ने इस बार 142 गेंदों में 10 चौके लगाकर 62 रन बनाये और तीसरे बल्लेबाज के रूप में सरवाते के शिकार बने। उन्हें विदर्भ के विकेटकीपर वादकर ने कैच किया तो राणा भी देर तक नहीं टिक सके और चौथे बल्लेबाज के रूप में आउट हो गये। उन्हें गुरबानी ने आउट कर अपना दूसरा विकेट निकाला। राणा ने 113 गेंदों में 12 चौके लगाकर 64 रन बनाये।
इसके बाद हालांकि दिल्ली का अन्य कोई बल्लेबाज टिककर बड़ी पारी नहीं खेल सका। दिल्ली ने अपने बाकी के 6 विकेट 90 रन के अंतर पर गंवाये। कप्तान रिषभ पंत ने 32 रन और विकास मिश्रा ने 34 रन बनाये।

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