Thursday , 18 January 2018
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विजयी दहाड़ लगाने उतरेंगे भारतीय शेर

केपटाउन। लगातार नौ सीरीज जीतने के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर चुके विराट कोहली के भारतीय शेर दक्षिण अफ्रीका सफारी के शुक्रवार से शुरू होने वाले पहले टेस्ट में विजयी दहाड़ लगाने के इरादे से उतरेंगे।
विश्व की नंबर एक टीम भारत और नंबर दो टीम दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले टेस्ट मैच से तीन टेस्टों की सीरीज के परिणाम की दिशा तय होगी। भारत ने पिछले महीने श्रीलंका को तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से हराकर अपनी लगतार नौवीं टेस्ट सीरीज जीत हासिल की थी और ऑस्ट्रेलिया के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की थी।
भारत यदि यह सीरीज जीतता है तो वह नया विश्व रिकॉर्ड कायम कर देगा। हालांकि यह काम बहुत मुश्किल है क्योंकि भारत दक्षिण अफ्रीका की अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद पिछले 25 साल में दक्षिण अफ्रीका में कभी कोई सीरीज नहीं जीत पाया है, लेकिन विराट सेना में वो माद्दा दिखाई देता है जो इतिहास का रूख बदल सकता है।
दक्षिण अफ्रीका अपने घर में बेहद मजबूत टीम है और अपने धुरंधर बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों के दम पर वह विदेशी टीम की नाक में दम कर देती है।
दक्षिण अफ्रीका ने हाल ही में जिम्बाब्वे को चार दिवसीय दिन रात्रि टेस्ट मैच में डेढ़ दिन में ही पारी से निपटा दिया था। दक्षिण अफ्रीकी टीम का सामना अब भारतीय शेरों से होने जा रहा है जिसके पास विराट जैसा जोशीला कप्तान और आखिरी समय तक लड़ने वाले खिलाड़ियों की एक ऐसी टीम है जो दक्षिण अफ्रीका को उसी की भाषा में जवाब दे सकती है।
कप्तान विराट और कोच रवि शास्त्री की जुगलबंदी ने एक बार फिर से जोड़ी बनने के बाद से कमाल किया है और वे नए साल की शानदार शुरूआत करने के इरादे से उतरेंगे। विराट के सामने चुनौती रहेगी कि वह उन आलोचकों को गलत साबित करें जो कहते हैं कि भारतीय बल्लेबाज विदेशी पिचों पर तेज गेंदबाजों के सामने लड़खड़ा जाते हैं।
टीम इंडिया के लिए पहला टेस्ट शुरू होने से पहले अच्छी खबर यह हैं कि बाएं हाथ के ओपनर शिखर धवन अपने टखने की चोट से उबर चुके हैं और उन्हें पहले टेस्ट के लिए फिट घोषित कर दिया गया है। अब ओपनिंग में भारत के पास मुरली विजय, शिखर और लोकेश राहुल के रूप में तीन विकल्प हैं। तीसरे नंबर पर सदाबहार चेतेश्वर पुजारा और चौथे नंबर पर खुद कप्तान विराट मौजूद रहेंगे।
इसके बाद उप कप्तान अजिंक्या रहाणे और विकेटकीपर रिद्धिमान साहा का नंबर रहेगा। ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या अपनी बल्लेबाजी ताकत से टीम को संतुलन देंगे और साथ ही चौथे तेज गेंदबाज की भूमिका भी निभाएंगे। एकमात्र स्पिनर के रूप में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन रहेंगे। लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा पिछले दो दिनों से वायरल से पीड़ित हैं और उनकी फिटनेस तथा मैच खेलने के बारे में शुक्रवार को टेस्ट की सुबह ही पता चलेगा। हालांकि जडेजा के खेलने की संभावना कम ही लगती है।
भारतीय टीम प्रबंधन के सामने सबसे ज्यादा मंथन का विषय तीन तेज गेंदबाजों का चयन है। भारत के पास इस टीम में इशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह के रूप में पांच तेज गेंदबाज हैं और फॉर्म के लिहाज से सभी इस समय एक बराबर हैं। इशांत के पास सबसे ज्यादा अनुभव है जबकि भुवी गति के साथ गेंद को स्विंग करने में उस्ताद हैं। शमी और यादव दोनों के पास गति है जबकि यॉर्करमैन बुमराह को टेस्ट पदार्पण करना है।
भारत के पास दक्षिण अफ्रीका के तेज आक्रमण का मुकाबला करने लिए सभी अस्त्र मौजूद हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि बुमराह को पदार्पण करने का मौका मिल पाता है या नहीं।
दक्षिण अफ्रीका चाहे जो भी दावा करे लेकिन उसे मालूम है कि उसके सामने जो टीम है वह जिम्बाब्वे नहीं है बल्कि विश्व की नंबर एक टीम है। टीम की बल्लेबाजी सबसे अनुभवी हाशिम अमला, ओपनरों डीन एल्गर और एडन मारक्रम, विराट की टक्कर के करिश्माई बल्लेबाज एबी डीविलियर्स और कप्तान फाफ डू प्लेसिस पर निर्भर करेगी। टीम के एकमात्र स्पिनर लेफ्ट आर्म स्पिनर केशव महराज हैं जिनका हाल का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है।
मेजबान टीम की सबसे ज्यादा उम्मीदें उसके तेज गेंदबाजों पर टिकी हैं। मोर्न मोर्कल, कैगिसो रबादा, वेर्नोन फिलेंडर और वापसी करने वाले डेल स्टेन के साथ साथ थ्यूनिस डी र्ब्यून और एनडिले फेहलुकवायो में मोर्कल, रबादा और फिलेंडर का अंतिम एकादश में स्थान पक्का हैं और चौथे तेज गेंदबाज के लिए स्टेन का अन्य दो तेज गेंदबाजों के साथ मुकाबला है। फिलेंडर वैसे भी भारतीय चुनौती को नकार रहे हैं और उनका मानना है कि भारतीय टीम ज्यादातर अपने घर में खेली है और अब उसका मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से उसकी जमीन पर है जहां उसे आटे दाल का हिसाब पता चल जाएगा।
न्यूलैंड्स के इस मैदान पर दक्षिण अफ्रीका भारत को वही पिच देना पसंद करेगा जहां उसने 2011 में दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई टीम को 8 विकेट से पीटा था। तेज गेंदबाजों का स्वर्ग माने जाने वाली इस पिच पर उस टेस्ट में गिरे सभी 31 विकेट तेज गेंदबाजों ने झटके थे। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी दूसरी पारी में मात्र 47 रन पर ढेर हो गयी थी। फिलैंडर ने 5 और मोर्कल ने 3 विकेट झटके थे।
दोनों ही टीमों के पास अच्छे तेज गेंदबाज हैं हालांकि इस मामले में पलड़ा दक्षिण अफ्रीका का भारी है लेकिन विजयी शुरूआत उसी टीम की होगी जिसके खिलाड़ी जज्बा दिखाएंगे।

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