Saturday , 19 August 2017
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देविंदर फाइनल में, नीरज फेल

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लंदन। देविंदर सिंह कांग विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरूषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गये हैं जबकि विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स के स्वर्ण पदक विजेता और बड़े उम्मीदवार माने जा रहे नीरज चोपड़ा क्वालिफिकेशन राउंड में ही बाहर हो गये। देविंदर ने पहले प्रयास में 82.22 मीटर, दूसरे में 82.14 और तीसरे में 84.22 मीटर दूरी तक भाला फेंका और फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। वह ओवरऑल सातवें स्थान पर रहे जबकि ग्रुप बी क्वालिफिकेशन राउंड में वह पांचवें स्थान पर रहे। भाला फेंक स्पर्धा में भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें नीरज से ही लगी हुई थीं। लेकिन वह ही सबसे अधिक निराश कर गये। उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 82.26 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका जो फाइनल में क्वालीफाई करने के लिए काफी नहीं था। नीरज ग्रुप ए क्वालिफिकेशन में सातवें और ओवरऑल 15वें स्थान पर रहे। हरियाणा के नीरज ने पहले प्रयास में 82.26 मीटर दूरी तक भाला फेंका। लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने फाउल किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 80.54 मीटर की दूरी तक भाला फेंका। 26 वर्षीय पंजाब के एथलीट पर अपने पिछले दोनों प्रयासों में 82 मीटर की दूरी तय करने के बाद फाइनल प्रयास में 83 मीटर तक की दूरी पार करने का दबाव था और वह राउंड में आखिरी एथलीट थे जिन्होंने फिर बिना गलती किये क्वालिफिकेशन मार्क को पार कर फाइनल में पहुंचने का मौका हाथ से जाने नहीं दिया। ग्रुप ए से पांच और ग्रुप बी से सात भाला फेंक एथलीटों ने 83 मीटर के क्वालिफिकेशन मार्क तक या उसे पार कर फाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ये सभी एथलीट अब शनिवार को फाइनल में उतरेंगे। देविंदर का तीनों प्रयासों में सबसे अच्छा प्रदर्शन 84.22 मीटर का था जिससे वह फाइनल राउंड क्वालिफायर में सातवें नंबर पर रहे। देङ्क्षवदर की यह उपलब्धि इसलिये भी खास है क्योंकि उन्हें मई में नयी दिल्ली में हुई इंडियन ग्रां प्री में चोट लग गयी थी। गुरूवार को भी वह क्वालिफायर में अपने सीधे कंधे में स्ट्रैप बांधकर उतरे थे। दिलचस्प यह भी है कि क्वालिफिकेशन से पहले केवन नीरज ही सुर्खियों में बने हुये थे जिनसे भारतीय खेमे को सबसे अधिक उम्मीदें भी थीं। लेकिन देविंदर ने न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई बल्कि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाला पहला भारतीय होने की उपलब्धि भी अपने नाम कर ली है। देविंदर ने फाइनल में जगह बनाने के बाद कहा, जब मुझे पता लगा कि नीरज क्वालीफाई ही नहीं कर सके हैं और मैं दृढ़ निश्चय हो गया कि मुझे फाइनल राउंड के लिये क्वालीफाई करना है। मैं देश के लिये कुछ करना चाहता था। मुझे कंधे में चोट भी है जो मुझे मई में लगी लेकिन इससे मुझे अधिक समस्या नहीं हुई।

 

देविंदर ने कहा, मुझे फाइनल से पहले एक दिन का आराम मिल गया है और मुझे यकीन है कि इससे मेरी चोट में आराम आयेगा और मैं अपने देश के लिये पदक ला सकूंगा।
19 साल के जूनियर रिकार्डधारी ओलंपिक स्टेडियम में यहां अपने ग्रुप में सातवें स्थान पर रहे। नीरज के लिये भी यह प्रदर्शन काफी निराशाजनक है क्योंकि उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही 86.48 मीटर का है जबकि इस सत्र में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 85.63 मीटर रहा है।
नीरज ने कहा, मैंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की लेकिन क्वालिफिकेशन मार्क हासिल नहीं कर सका। मैं बहुत निराश हूं क्योंकि मैं कुछ मीटर से रह गया। मैं विश्व चैंपियनशिप के लिये काफी मेहनत कर लंदन। देविंदर सिंह कांग विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरूषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गये हैं जबकि विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स के स्वर्ण पदक विजेता और बड़े उम्मीदवार माने जा रहे नीरज चोपड़ा क्वालिफिकेशन राउंड में ही बाहर हो गये। देविंदर ने पहले प्रयास में 82.22 मीटर, दूसरे में 82.14 और तीसरे में 84.22 मीटर दूरी तक भाला फेंका और फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। वह ओवरऑल सातवें स्थान पर रहे जबकि ग्रुप बी क्वालिफिकेशन राउंड में वह पांचवें स्थान पर रहे। भाला फेंक स्पर्धा में भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें नीरज से ही लगी हुई थीं। लेकिन वह ही सबसे अधिक निराश कर गये। उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 82.26 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका जो फाइनल में क्वालीफाई करने के लिए काफी नहीं था। नीरज ग्रुप ए क्वालिफिकेशन में सातवें और ओवरऑल 15वें स्थान पर रहे। हरियाणा के नीरज ने पहले प्रयास में 82.26 मीटर दूरी तक भाला फेंका। लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने फाउल किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 80.54 मीटर की दूरी तक भाला फेंका। 26 वर्षीय पंजाब के एथलीट पर अपने पिछले दोनों प्रयासों में 82 मीटर की दूरी तय करने के बाद फाइनल प्रयास में 83 मीटर तक की दूरी पार करने का दबाव था और वह राउंड में आखिरी एथलीट थे जिन्होंने फिर बिना गलती किये क्वालिफिकेशन मार्क को पार कर फाइनल में पहुंचने का मौका हाथ से जाने नहीं दिया। ग्रुप ए से पांच और ग्रुप बी से सात भाला फेंक एथलीटों ने 83 मीटर के क्वालिफिकेशन मार्क तक या उसे पार कर फाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ये सभी एथलीट अब शनिवार को फाइनल में उतरेंगे। देविंदर का तीनों प्रयासों में सबसे अच्छा प्रदर्शन 84.22 मीटर का था जिससे वह फाइनल राउंड क्वालिफायर में सातवें नंबर पर रहे। देङ्क्षवदर की यह उपलब्धि इसलिये भी खास है क्योंकि उन्हें मई में नयी दिल्ली में हुई इंडियन ग्रां प्री में चोट लग गयी थी। गुरूवार को भी वह क्वालिफायर में अपने सीधे कंधे में स्ट्रैप बांधकर उतरे थे। दिलचस्प यह भी है कि क्वालिफिकेशन से पहले केवन नीरज ही सुर्खियों में बने हुये थे जिनसे भारतीय खेमे को सबसे अधिक उम्मीदें भी थीं। लेकिन देविंदर ने न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई बल्कि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाला पहला भारतीय होने की उपलब्धि भी अपने नाम कर ली है। देविंदर ने फाइनल में जगह बनाने के बाद कहा, जब मुझे पता लगा कि नीरज क्वालीफाई ही नहीं कर सके हैं और मैं दृढ़ निश्चय हो गया कि मुझे फाइनल राउंड के लिये क्वालीफाई करना है। मैं देश के लिये कुछ करना चाहता था। मुझे कंधे में चोट भी है जो मुझे मई में लगी लेकिन इससे मुझे अधिक समस्या नहीं हुई।

 

देविंदर ने कहा, मुझे फाइनल से पहले एक दिन का आराम मिल गया है और मुझे यकीन है कि इससे मेरी चोट में आराम आयेगा और मैं अपने देश के लिये पदक ला सकूंगा।
19 साल के जूनियर रिकार्डधारी ओलंपिक स्टेडियम में यहां अपने ग्रुप में सातवें स्थान पर रहे। नीरज के लिये भी यह प्रदर्शन काफी निराशाजनक है क्योंकि उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही 86.48 मीटर का है जबकि इस सत्र में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 85.63 मीटर रहा है।
नीरज ने कहा, मैंने अपनी ओर से पूरी कोशिशलंदन। देविंदर सिंह कांग विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरूषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गये हैं जबकि विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स के स्वर्ण पदक विजेता और बड़े उम्मीदवार माने जा रहे नीरज चोपड़ा क्वालिफिकेशन राउंड में ही बाहर हो गये। देविंदर ने पहले प्रयास में 82.22 मीटर, दूसरे में 82.14 और तीसरे में 84.22 मीटर दूरी तक भाला फेंका और फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। वह ओवरऑल सातवें स्थान पर रहे जबकि ग्रुप बी क्वालिफिकेशन राउंड में वह पांचवें स्थान पर रहे। भाला फेंक स्पर्धा में भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें नीरज से ही लगी हुई थीं। लेकिन वह ही सबसे अधिक निराश कर गये। उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 82.26 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका जो फाइनल में क्वालीफाई करने के लिए काफी नहीं था। नीरज ग्रुप ए क्वालिफिकेशन में सातवें और ओवरऑल 15वें स्थान पर रहे। हरियाणा के नीरज ने पहले प्रयास में 82.26 मीटर दूरी तक भाला फेंका। लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने फाउल किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 80.54 मीटर की दूरी तक भाला फेंका। 26 वर्षीय पंजाब के एथलीट पर अपने पिछले दोनों प्रयासों में 82 मीटर की दूरी तय करने के बाद फाइनल प्रयास में 83 मीटर तक की दूरी पार करने का दबाव था और वह राउंड में आखिरी एथलीट थे जिन्होंने फिर बिना गलती किये क्वालिफिकेशन मार्क को पार कर फाइनल में पहुंचने का मौका हाथ से जाने नहीं दिया। ग्रुप ए से पांच और ग्रुप बी से सात भाला फेंक एथलीटों ने 83 मीटर के क्वालिफिकेशन मार्क तक या उसे पार कर फाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ये सभी एथलीट अब शनिवार को फाइनल में उतरेंगे। देविंदर का तीनों प्रयासों में सबसे अच्छा प्रदर्शन 84.22 मीटर का था जिससे वह फाइनल राउंड क्वालिफायर में सातवें नंबर पर रहे। देङ्क्षवदर की यह उपलब्धि इसलिये भी खास है क्योंकि उन्हें मई में नयी दिल्ली में हुई इंडियन ग्रां प्री में चोट लग गयी थी। गुरूवार को भी वह क्वालिफायर में अपने सीधे कंधे में स्ट्रैप बांधकर उतरे थे। दिलचस्प यह भी है कि क्वालिफिकेशन से पहले केवन नीरज ही सुर्खियों में बने हुये थे जिनसे भारतीय खेमे को सबसे अधिक उम्मीदें भी थीं। लेकिन देविंदर ने न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई बल्कि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाला पहला भारतीय होने की उपलब्धि भी अपने नाम कर ली है। देविंदर ने फाइनल में जगह बनाने के बाद कहा, जब मुझे पता लगा कि नीरज क्वालीफाई ही नहीं कर सके हैं और मैं दृढ़ निश्चय हो गया कि मुझे फाइनल राउंड के लिये क्वालीफाई करना है। मैं देश के लिये कुछ करना चाहता था। मुझे कंधे में चोट भी है जो मुझे मई में लगी लेकिन इससे मुझे अधिक समस्या नहीं हुई।

 

देविंदर ने कहा, मुझे फाइनल से पहले एक दिन का आराम मिल गया है और मुझे यकीन है कि इससे मेरी चोट में आराम आयेगा और मैं अपने देश के लिये पदक ला सकूंगा।
19 साल के जूनियर रिकार्डधारी ओलंपिक स्टेडियम में यहां अपने ग्रुप में सातवें स्थान पर रहे। नीरज के लिये भी यह प्रदर्शन काफी निराशाजनक है क्योंकि उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही 86.48 मीटर का है जबकि इस सत्र में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 85.63 मीटर रहा है।
नीरज ने कहा, मैंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की लेकिन क्वालिफिकेशन मार्क हासिल नहीं कर सका। मैं बहुत निराश हूं क्योंकि मैं कुछ मीटर से रह गया। मैं विश्व चैंपियनशिप के लिये काफी मेहनत कर रहा था लेकिन यहां आकर मैं अच्छा नहीं कर सका। की लेकिन क्वालिफिकेशन मार्क हासिल नहीं कर सका। मैं बहुत निराश हूं क्योंकि मैं कुछ मीटर से रह गया। मैं विश्व चैंपियनशिप के लिये काफी मेहनत कर रहा था लेकिन यहां आकर मैं अच्छा नहीं कर सका।रहा था लेकिन यहां आकर मैं अच्छा नहीं कर सका।

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