Saturday , 26 May 2018
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जीत के लिए धार्मिक कर्मकांड से पीछे नहीं हटते टीम मालिक

मुंबई। आईपीएल टीमों के मालिक जीत के वास्ते पूरी शिद्दत से हर तरकीब अपनाते हैं, जिसमें तमाम तरह के धार्मिक कर्मकांड भी शामिल हैं। बात 2015 की गर्मियों की है जब ढेरों पुरोहित अपनी परंपरागत वेशभूषा में पुणे स्थित महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) के स्टेडियम पहुंच गए और वहां हवन शुरू कर दिया। दरअसल वे तमाम पुजारी किंग्स इलेवन पंजाब की को-ओनर प्रीति जिंटा के कहने पर वहां पहुंचे थे, जिन्होंने एक मैच से पहले यह हवन करने का निर्देश दिया था।
यही नहीं, पुजारियों ने शिष्यों को पिच से थोड़ी घास उखाड़कर लाने और उसे हवन की अग्नि में डालने को कहा। बावजूद इसके, खफा स्टेडियम स्टाफ ने अपनी नाराजगी नहीं जताई। लेकिन हद तो तब हो गई जब पुजारियों ने आदेश सुना दिया कि उस दिन जिन भी लोगों ने ब्रेकफास्ट में अंडे या मांस खाए हों, वे हवन के दौरान उस ‘पवित्र स्थलÓ से बाहर चले जाएं। हालांकि, हवन और पूजा-पाठ भी प्रीति जिंटा की टीम के लिए कारगर साबित नहीं हुआ और उनकी टीम उस साल पुणे में अपने तीनों मैच हार गई। दरअसल आईपीएल में इतना कुछ दांव पर लगा होता है कि टीम मालिक और इससे जुड़े लोग कई बार विचित्र लगने वाले नुस्खे भी आजमाते रहते हैं।
वास्तु शास्त्र, गोल्डन पैड्स और पर्पल कलर : अंधविश्वासों से मुंबई इंडियंस टीम भी मुक्त नहीं है। वानखेड़े स्टेडियम में 2011 के वल्र्ड कप फाइनल के फौरन बाद टीम अधिकारियों ने ड्रेसिंग रूम के कुछ विशेष हिस्सों और इसके पूरे एंट्रेंस एरिया की दोबारा नीले रंग से पेंटिंग कराई। पहले यह पीले रंग का था। टीम के सबसे अहम प्लेयर्स को हर मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में प्रवेश के लिए खास समय दिया गया है। ड्रेसिंग रूम के अंदर वास्तु शास्त्र का ख्याल रखा गया है। आईपीएल के शुरूआती सीजनों में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद अंक ज्योतिषी संजय जुमानी ने सलाह दी थी कि टीम अपनी जर्सी और दूसरे सामान पर ज्यादा सुनहरे रंग को शामिल करे।
जुमानी ने कोलकाता नाइट राइडर्स टीम को भी काले के बजाय जामुनी रंग की जर्सी इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। केकेआर के को-ओनर्स शाहरूख खान और जूही चावला ने जुमानी की सलाह से कलर से लेकर दूसरे तरह के कई बदलाव किए हैं। वहीं आरसीबी के पूर्व ओनर विजय माल्या को खेल के बारे में अपने ज्ञान पर काफी भरोसा रखते थे। बताया जाता है कि माल्या हर मैच से पहले टीम के कम्पोजिशन पर चर्चा किया करते थे। क्या है लाल धब्बों का राज ?चेन्नै सुपरकिंग्स के ड्रेसिंग रूम में भी कम दिलचस्प चीजें नहीं होतीं। खासकर हर आईपीएल सीजन में चेन्नै स्थित एम चिदंबरम स्टेडियम में ड्रेसिंग रूम को काफी ज्यादा री-डिजाइन किया जाता है। 2012 में चेन्नै में सीएसके और केकेआर के बीच फाइनल के दौरान अफवाह फैली कि सीएसके टीम के ड्रेसिंग रूम में दीवारों पर कुछ रहस्यमय लाल स्पॉट्स पेंट कराए गए हैं, हालांकि केकेआर टीम ने फाइनल में सीएसके को हराकर खिताब पर कब्जा कर लिया। हालांकि इस साल 8 अप्रैल को जब दोनों टीमें दोबारा भिड़ीं तो दीवारों पर वे लाल निशान गायब थे। सीएसके टीम के ड्रेसिंग रूम की एक और विशेषता है कि उनके हर प्लेयर को उसकी वैदिक राशियों के हिसाब से सीटिंग पोजिशन का आवंटन है। बताया जाता है सीएसके ओनर एन श्रीनिवासन के निजी ज्योतिषी द्वारा हर साल ये पोजिशंस बांटे जाते हैं।

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