Monday , 19 February 2018
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कोच और कप्तान का टेस्ट शुरू

ravi_shastriगाले। नवनिर्वाचित कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली की टीम बुधवार से श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरूआत करने उतरेगी जहां उनके सामने मेजबान टीम के खिलाफ अपनी आखिरी सीरीज के प्रदर्शन को दोहराने के साथ विदेशी जमीन पर अपने रिकार्ड को सुधारने की भी जिम्मेदारी हेागी। भारत ने आखिरी बार वर्ष 2015 में तीन टेस्टों की सीरीज खेली थी जिसमें उसने 2-1 से जीत अपने नाम की थी।
हालांकि तब से लेकर अब तक विराट एंड कंपनी में काफी बड़े बदलाव आये हैं और इस बार वह यहां बतौर नंबर वन टेस्ट टीम पहुंची है जिसने अपनी घरेलू जमीन पर 13 टेस्टों में 10 में जीत दर्ज की और केवल एक ही हारा है। 2 मैच ड्रा रहे।
श्रीलंकाई जमीन पर पिछली सीरीज में महेंद्र ङ्क्षसह धोनी के हाथों से निकलकर कप्तानी विराट को मिली थी और उस समय टीम के साथ शास्त्री बतौर कोच नहीं बल्कि निदेशक के तौर पर जुड़े हुये थे। लेकिन अब सभी समीकरण बदल चुके हैं और विराट तीनों प्रारूपों में कप्तान हैं तथा शास्त्री का बतौर राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच यह पहला दौरा भी है। ऐसे में कोच और कप्तान दोनों पर ही बेहतर परिणाम का दबाव भी होगा।
28 वर्षीय अनुभवी खिलाड़ी विराट ने भले ही घरेलू टेस्ट सीरीज में अच्छे परिणाम निकाले हों लेकिन अब बतौर टेस्ट कप्तान अब उन पर विदेशी जमीन पर अच्छा प्रदर्शन करने का ज्यादा दबाव है। भारत श्रीलंकाई दौरे पर चैंपियंस ट्राफी और फिर वेस्टइंडीज के सीमित ओवर प्रारूपों में खेलकर पहुंचा है और उसके खिलाडिय़ों को टेस्ट प्रारूप के अनुकूल खुद को ढालना होगा जबकि श्रीलंकाई टीम भी बदलाव के दौर से गुजर रही है जिसने जिम्बाब्वे के खिलाफ हाल ही में कड़ी मेहनत के बाद एकमात्र टेस्ट जीता है।
श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज अपनी कप्तानी छोड़ चुके हैं और टीम का नेतृत्व दिनेश चांडीमल को मिल गया है। लेकिन स्वभाविक कप्तान चांडीमल अभी भी निमोनिया से उभर नहीं पाये हैं जिसके कारण अनुभवी स्पिनर रंगना हेरात को कप्तानी सौंपी गयी है। वहीं लेफ्ट आर्म स्पिनर मङ्क्षलडा पुष्पकुमारन गैर अनुभवी खिलाड़ी हैं जिन्हें गाले टेस्ट में जगह मिली है। ऐसे में मेजबान टीम के लिये भी नंबर वन टीम के खिलाफ अपनी स्थिति सुधारने का मौका होगा।
दूसरी ओर भारतीय टीम के लिये श्रीलंका दौरे की अच्छी शुरूआत आगामी दौरों के लिहाज से अहम होगी जिसमें भारत को दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी जमीन पर टेस्ट सीरीज खेलनी है। भारतीय टीम के लिये 2015 का श्रीलंका दौरे कई मायनों में खास रहा था क्योंकि तब उसने विदेश में लगातार सात सीरीज हारने के बाद जीत की पटरी पर कदम रखा था।
हालांकि सीरीज के पहले ही गाले टेस्ट में उसे शिकस्त मिली थी लेकिन उसके बाद विराट ने अपनी कप्तानी में भारत को 2-1 से सीरीज में जीत दिलाई थी। यह 22 वर्षों के बाद मौका था जब भारतीय टीम ने श्रीलंका में टेस्ट सीरीज जीती थी। इसके बाद से ही कप्तान विराट की नेतृत्व क्षमता एक अलग मुकाम पर पहुंची। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इस बाबत कहा, जब हम गाले टेस्ट हार गये थे तो काफी निराश थे लेकिन रवि भाई ने हमें जीतने के लिये प्रेरित किया और वह एक बार फिर हमारे साथ हैं।

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