Tuesday , 21 November 2017
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उमड़ेगी भावनाओं की सुनामी

लंदन। क्रिकेट इतिहास के दो सबसे प्रबल प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान रविवार को जब आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के ‘महा खिताबीÓ मुकाबले में उतरेंगे तब ना केवल दोनों टीमों के बीच सम्मान की जंग होगी बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच भावनाओं की सुनामी उठ जाएगी।
चैंपियंस ट्राफी शुरू होने के समय किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि भारत और पाकिस्तान फाइनल में आमने सामने होंगे। दोनों देशों का ग्रुप मुकाबला शुरू होने से कई महीने पहले ही हाउसफुल हो चुका था और अब तो दोनों के बीच फाइनल का रोमांच सिर चढ़कर बोलेगा।
भारत चैंपियंस ट्राफी का गत विजेता और लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचा है। पाकिस्तान की टीम अपने पहले मैच में भारत से करारी शिकस्त झेलने के बाद हैरतअंगेज प्रदर्शन करते हुए फाइनल में पहुंच चुकी है। पाकिस्तान का यह पहला फाइनल है। दोनों टीमें आईसीसी टूर्नामेंटों के इतिहास में दूसरी बार फाइनल में भिड़ेंगी। इससे पहले दोनों के बीच 2007 के ट््वंटी-20 विश्वकप के फाइनल में मुकाबला हुआ था जहां भारत ने खिताबी जीत दर्ज की थी।
भारत और पाकिस्तान के बीच ग्रैंड फाइनल में दोनों देशों के करोड़ों प्रशंसकों की सांसें थमी रहेेंगी और टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली तथा पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद पर तनाव की तलवार तब तक लटकती रहेगी जब तक मैच का फैसला न हो जाए। दोनों ही टीमों के लिए यह मुकाबला करो या मरो से कम नहीं होगा क्योंकि किसी भी टीम को खिताब से कुछ कम मंजूर नहीं होगा।
टीम इंडिया बंगलादेश को एजबस्टन में 9 विकेट से हराकर और पाकिस्तान मेजबान इंग्लैंड को कार्डिफ में 8 विकेट से हराकर फाइनल में पहुंचे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच खिताबी मुकाबला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के लिए किसी ब्लॉकबस्टर से कम नहीं है। दोनों टीमों के बीच ग्रुप मुकाबले को टीवी पर 20.1 करोड़ लोगों ने देखा था जो बीएआरसी के इतिहास में सर्वाधिक रेटेड वनडे है और फाइनल में यह रिकॉर्ड टूट सकता है।
भारत की खिताब बचाने की उम्मीदें उसके तीन शीर्ष बल्लेबाजों शिखर धवन, रोहित शर्मा और कप्तान विराट पर टिकी रहेंगी। आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के चैंपियन बल्लेबाज शिखर ने इस टूर्नामेंट में 79.25 के औसत से सर्वाधिक 317 रन बना दिये हैं जबकि रोहित 101.33 के औसत से 304 रन और विराट 253.00 के औसत से 253 रन बना चुके हैं। विराट चार पारियों में अब सिर्फ एक बार आउट हुए हैं।
पाकिस्तान के लिए अजहर अली ने 169, फ$खर जमान ने 138, मोहम्मद हफीज ने 91 और बाबर आजम ने 87 रन बनाए हैं। दोनों टीमों के शीर्ष बल्लेबाजी क्रम के बीच का फासला इन आंकड़ों से स्पष्ट हो जाता है लेकिन जब बात फाइनल की हो तो फाइनल का दबाव हमेशा बल्लेबाजों पर भारी पड़ता है। ऐसे समय में जो तनाव को झेलता है वही विजेता बनता है।
भारत के शीर्ष क्रम की तरह पाकिस्तान का तेज गेंदबाजी आक्रमण जबर्दस्त है जिसने अपने बूते पर पाकिस्तान को फाइनल में पहुंचाया है। तेज गेंदबाज हसन अली 10 विकेट ले चुके हैं और सर्वाधिक विकेट लेने में सबसे आगे हैं। जुनैद खान ने 7 विकेट लिये हैं और यह तेज गेंदबाज जोड़ी फाइनल में काफी खतरनाक साबित हो सकती है। पाकिस्तान को फाइनल के लिए उम्मीद है कि तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर फिट होकर उतरेंगे। हालांकि रूम्मन रईस ने इंग्लैंड के खिलाफ 44 रन पर दो विकेट लेकर खासा प्रभावित किया था।
भारतीय आक्रमण में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी शानदार रही है। भुवनेश्वर ने छह और बुमराह ने चार विकेट लिए हैं। लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा ने भी चार विकेट हासिल किये हैं। जडेजा के साथ फाइनल में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की भी अहम भूमिका रहेगी।
यह मुकाबला भारतीय कप्तान विराट और पाकिस्तानी कप्तान सरफराज के बीच चालों का भी दिलचस्प मुकाबला होगा कि दोनों में से कौन एक दूसरे को शह और मात दे पाता है। भारत ने पाकिस्तान से बेशक पहला मैच 124 रन के बड़े अंतर से जीत लिया था। लेकिन उसे पाकिस्तान के पलटवार से सतर्क रहना होगा।
चैंपियंस ट्राफी को अब तक दो ही देशों भारत और आस्ट्रेलिया ने दो-दो बार जीता है। भारत के पास तीसरी बार यह ट्राफी जीतकर आस्ट्रेलिया से आगे निकलने का सुनहरा मौका है लेकिन पाकिस्तान पहली बार चैंपियन बनने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा।

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