Thursday , 14 December 2017
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इस तरह कोच बनते-बनते रह गए सहवाग

मुंबई। टीम इंडिया के नए कोच की रेस में पूर्व बल्लेबाज और आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के मेंटर वीरेंद्र सहवाग भी फेवरिट माने जा रहे थे। खबरों की मानें तो वीरू को भी कोहली का पूरा समर्थन था, लेकिन अंत में बाजी पूर्व कप्तान रवि शास्त्री ने मार ली। चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कैप्टन विराट कोहली और टीम इंडिया के खिलाड़ी अचानक पूर्व कोच अनिल कुंबले के खिलाफ हो गए।
भले ही टीम इंडिया कुंबले के खिलाफ हुई हो, लेकिन टीम को नए कोच के लिए आवेदन करने वाले किसी भी कैंडिडेट से कोई परेशानी नहीं थी। टीम इंडिया ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह क्रिकेट अडवाइजरी कमिटी (सीएसी) के निर्णय में किसी प्रकार का दखल नहीं देगी।
सीएसी द्वारा टीम इंडिया के कोच पद के लिए हाल ही में लिए गए इंटरव्यू के बाद यह बात सामने आई है कि वीरेंद्र सहवाग को भी कोहली का पूरा समर्थन था। वीरू उन 5 कैंडिडेट्स में शुमार थे, जिन्होंने टीम इंडिया के कोच पद के लिए इंटरव्यू दिया था। वीरू का प्रेजेंटेशन रवि शास्त्री और पूर्व ऑस्ट्रेलियन ऑलराउंडर टॉम मूडी के बाद सबसे शानदार था। सहवाग ने इंटरव्यू से पहले कोच की भूमिका के लिए जमकर मेहनत की थी। सहवाग ने टीम इंडिया के साथ काफी ग्राउंडवर्क भी किया था।
टीम इंडिया में कोच और कैप्टन के रूप में दिल्ली की यह जोड़ी भारतीय क्रिकेट में एक नया इतिहास लिख सकती थी, अगर सहवाग ने सीएसी के सामने यह प्रस्ताव न रखा होता। वीरू अपने हेड कोच बनने के बाद सपॉर्ट स्टाफ के रूप में अपनी पसंद के लोगों को ही रखना चाहते थे। वीरू फिजियोथेरपिस्ट के रूप में अमित त्यागी और किंग्स इलेवन पंजाब की टीम में सहायक कोच की भूमिका निभा रहे मिथुन मिन्हास को भी साथ लाना चाहते थे।
पंजाब के मेंटर बनने के बाद वीरू में भरपूर कॉन्फिडेंस था कि इस शीर्ष स्थान पर टीम इंडिया के लिए बेहतर रिजल्ट लाने में सकारात्मक भूमिका निभाएंगे। वीरू में यह कॉन्फिडेंस बीसीसीआई के एक अधिकारी द्वारा उन्हें कोच पद के लिए अप्लाई करने की सलाह देने के बाद आया। अधिकारी ने सहवाग को कहा था कि यदि वह खुद को कोच पद के लिए उपयुक्त मानते हैं, तो वह खुद को तैयार करें और इस पद के लिए अप्लाई करें।
अधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद अप्लाई करने से पहले वीरू ने कैप्टन कोहली से मिलना बेहतर समझा। कोहली ने सहवाग को कहा, बिल्कुल वीरू पा। हम सभी जानते हैं कि भारतीय क्रिकेट में आपका योगदान शीर्ष स्तर का रहा है। मुझे इस बात से कोई दिक्कत नहीं है अगर आप कोच बनने के लिए अप्लाई कर रहे हैं। हर वो व्यक्ति जो यह मानता है कि वह भारतीय क्रिकेट में बेहतर योगदान दे सकता है वह इस पद के लिए अप्लाई कर सकता है और उसे करना चाहिए।
हालांकि कोहली ने सहवाग को यह भी बताया था, पाजी, आपके लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है और मुझे मालूम है कि आप बतौर कोच शानदार काम करेंगे, लेकिन आपको यह समझना होगा कि इस पद के लिए एक खास तरह का प्रोफेशनल सेटअप है। इसलिए यह थोड़ा मुश्किल भी है और बाकी सब तो सीएसी के हाथ में है। कोहली ने कहा, टीम के साथ काम करने के लिए पिछले कुछ समय से हमारे साथ सपॉर्ट स्टाफ है। टीम का प्रत्येक वह सदस्य जिसे व्यक्तिगत स्तर पर यह महसूस होता है कि उसे किसी खास व्यक्ति की मदद की जरूरत है तो वे सपोर्ट स्टाफ से चर्चा करते हैं। इस तरह बाद में शास्त्री ने टीम के लिए खुद को सबसे सही साबित करते हुए कोच पद की रेस में जीत हासिल की।

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