Thursday , 21 June 2018
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अखिल का स्वर्ण पर निशाना

नई दिल्ली। भारत की मनु भाकर मैक्सिको में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) विश्वकप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहकर अपने तीसरे पदक से चूक गयीं, लेकिन अखिल श्योरण ने पुरूषों के 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन स्पर्धा में स्वर्ण पदक पर निशाना साधा।
महिलाओं में युवा खिलाड़ी मनु का प्रदर्शन बेहतरीन रहा लेकिन वह टूर्नामेंट में तीसरे फाइनल में पहुंचने के बावजूद पदक से चूक गयीं और पांचवें स्थान पर रहीं। मनु ने इससे पहले महिलाओं की 10 मीटर पिस्टल और 10 मीटर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीते थे।
इससे पहले दिन में अखिल ने हालांकि भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक डालकर उसे पदक तालिका में शीर्ष पर बनाये रखा। भारत फिलहाल 4 स्वर्ण, 1 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ कुल 9 पदक लेकर शीर्ष पर है। चीन 2 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य के साथ दूसरे स्थान पर है।
अखिल ने गुआदालाजरा में पुरूषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन स्पर्धा में स्वर्ण पर कब्जा किया और आईएसएसएफ विश्वकप में स्वर्ण जीतने वाले भारत के चौथे सबसे युवा निशानेबाज रहे। उनसे पहले शहजार रिजवी, मनु भाकर, मेहुली घोष और अंजुम मुद्गिल ने भारत के लिये टूर्नामेंट में पदक जीते थे।
श्योरण का स्वर्ण टूर्नामेंट में भारत का चौथा पीला पदक भी है जिसने पहली बार आईएसएसएफ विश्वकप में भारत को तालिका में शीर्ष पर रहने की उम्मीदों को बल दिया। अखिल ने फाइनल में 455.6 अंक हासिल किये और आस्टि्रया के बेर्नार्ड पिकल (452) को दूसरे स्थान पर छोड़ दिया।
अखिल ने स्वर्ण की राह में हंगरी के राइफल लीजेंड पीटर सिडी, रियो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता फ्रांस के एलेक्सिस रेनॉल्ड और हंगरी के एयर राइफल स्वर्ण विजेता इस्तवान पेनी तथा भारतीय चैंपियन संजीव राजपूत को पीछे छोड़ा।
इससे पहले क्वालिफिकेशन राउंड में सभी निशानेबाजों ने 40 शॉट््स लगाये और राजपूत 1176 के अंक के साथ पेनी (1178) के बाद दूसरे स्थान पर रहे। अखिल 1174 के अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे जबकि पदार्पण कर रहे अन्य भारतीय स्वप्निल कुसाले 1168 अंकों के साथ सातवें पायदान पर रहे तथा आठ फाइनलिस्टों में तीन भारतीय क्वालीफाई करने में सफल रहे।
संजीव प्रोन राउंड में 400 में 398 अंक लेकर सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज रहे जबकि नीलींग राउंड में अखिल का प्रदर्शन बेहतरीन रहा और उन्होंने 392 अंक हासिल किये। वहीं स्वप्निल ने 390 अंक लेकर पोजिशन में दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।
40 शॉट््स के बाद रेनॉड और चीनी निशानेबाज फू सबसे पहले बाहर हुये जबकि राजपूत और स्वप्निल पिछड़ गये। हालांकि अखिल ने बढ़त जारी रखी। स्वप्निल अपने पहले विश्वकप में छठे स्थान पर रहे जबकि अखिल ने 42वें शॉट पर 10.8 के अंक के साथ स्वर्ण पर कब्जा पक्का किया। राजपूत वहीं 43वें शॉट पर 10.8 के अच्छे स्कोर के बावजूद चौथे स्थान पर रहे। इस्तावन पेनी ने 442.3 के साथ कांस्य जीता।
इससे पहले मनु ने 25 मीटर पिस्टल फाइनल के लिये 581 अंकों के साथ क्वालीफाई किया। क्वालिफाइंग राउंड में आठ शीर्ष महिलाओं ने फाइनल के लिये क्वालीफाई किया। अनु राज सिंह ने 575 अंकों के साथ क्वालीफाई किया लेकिन वह 10वें स्थान पर रहीं। फाइनल में पूर्व ओलंपिक चैंपियन यूनान की एना कोराकाकी और रियो ओलंपिक की कांस्य विजेता स्विटजरलैंड की हैदी गेर्बर भी शामिल थीं जो तीसरे और क्रमशः छठे स्थान पर रहीं।
एना ने 50 में से 29 शॉट््स में सटीक निशाना लगाते हुये अपना पहला विश्वकप स्वर्ण पदक जीता जबकि जर्मन खिलाड़ी डोरीन वेनीकैंप को रजत और माथिल्डे को कांस्य पदक मिला।
महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में रश्मी राठौर ने 125 में से 109 अंक जीते और 19वें स्थान पर रहकर सर्वश्रेष्ठ भारतीय रहीं। महेश्वरी चौहान (103) 22वें जबकि सानिया शेख (101) 23वें पायदान पर रहीं।

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