Thursday , 24 May 2018
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अंतिम एकादश के लिये माथापच्ची चल रही

सेंचुरियन। भारतीय टीम जब तक जीतती रहती है तब तक टीम प्रबंधन का हर दांव और हर रणनीति कामयाब चलती रहती है लेकिन केपटाउन में पहले टेस्ट में मिली हार के बाद विश्व की नंबर एक टीम के सामने आलोचनाओं के रास्ते खुल चुके हैं और दूसरे टेस्ट की अंतिम एकादश के लिये माथापच्ची चल रही है।
केपटाउन टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन तो शानदार रहा लेकिन बल्लेबाजों ने दोनों पारियों में अपने समर्पण से टीम की लुटिया डुबो दी। शनिवार से सेंचुरियन में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट के लिये भारतीय खेमे में मंथन का दौर जारी है जबकि बाहर से टीम को पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों से सलाहें मिल रही हैं कि उन्हें कैसी एकादश के साथ उतरना चाहिये।
अंतिम एकादश के लिये पहला परिदृश्य तो नेट अभ्यास में ही दिखाई दे रहा है जहां केपटाउन में बेंच पर बैठे लोकेश राहुल, अजिंक्य रहाणे, पार्थिव पटेल और इशांत शर्मा पसीना बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इन चारों खिलाड़ियों को उम्मीद दिखाई दे रही है कि सेंचुरियन में उनके लिये एकादश का रास्ता खुल सकता है।
पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली का मानना है कि पहले टेस्ट में फ्लॉप रहे ओपनर शिखर धवन और मध्यक्रम के बल्लेबाज रोहित शर्मा को बाहर बैठा कर राहुल और रहाणे को मौका दिया जाना चाहिये। लेकिन पूर्व दिग्गज ओपनर वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि शिखर और रोहित को बाहर नहीं रखा जाना चाहिये क्योंकि ये तेजी से रन बनाने में सक्षम हैं और दूसरे टेस्ट में भारतीय रणनीति में कारगर साबित होंगे। हालांकि सहवाग का यह भी कहना है कि भारतीयों के लिये अब सीरीज में वापसी बहुत मुश्किल हो गयी है।
केपटाउन में बल्लेबाजों के फ्लॉप प्रदर्शन के बाद अब यह मांग बराबर उठ रही है कि शिखर को बाहर रखा जाए और राहुल को मौका दिया जाए। एक पक्ष यह भी कह रहा है कि विकेटकीपर रिद्धिमान साहा का बल्ले से प्रदर्शन अच्छा नहीं है इसलिये उन्हें बाहर बैठाकर पार्थिव पटेल को मुरली विजय के साथ ओपनिंग में उतारा जाए और रहाणे को मध्यक्रम में एक अतिरिक्त बल्लेबाज के रूप में उतारा जाए।
पार्थिव पटेल को ओपनिंग में उतारने और रहाणे को मध्यक्रम में खेलाने की वकालत ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह कर रहे हैं। तेज गेंदबाज इशांत शर्मा को भी उम्मीद है कि उन्हें मौका मिल सकता है हालांकि दूसरी पारी में जिस तरह जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, हार्दिक पांड्या और भुवनेश्वर कुमार ने प्रदर्शन किया उसे देखते हुये इशांत के लिये तेज गेंदबाजी में जगह बनाना आसान नहीं होगा।
इशांत ने सेंचुरियन टेस्ट से पहले नेट पर नई गेंद से लगातार गेंदबाजी की है और वह बल्लेबाजों पर बाउंसर डालने से हिचकिचाये नहीं हैं। ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का अपनी बल्लेबाजी के दम पर टीम में खेलना तय है और इशांत चौथे तेज गेंदबाज के रूप में उतर सकते हैं।
ऐसी स्थिति में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को बाहर बैठना पड़ सकता है। लेकिन अश्विन को बाहर रखना आसान फैसला नहीं होगा जिन्होंने पहली पारी में दो विकेट लेने के अलावा दूसरी पारी में सबसे ज्यादा 37 रन बनाये थे।
दूसरी ओर बल्लेबाज नेट बदलकर अभ्यास करने में लगे हुये हैं। राहुल के आने की संभावना ज्यादा दिखाई दे रही है क्योंकि शिखर को तेज गेंदबाजों के सामने काफी असहज देखा गया था। कप्तान विराट कोहली ने रोहित शर्मा को खेलाने का यह कहते हुये बचाव किया था कि उन्हें मौजूदा फार्म के कारण एकादश में रखा गया था, लेकिन यदि रोहित खेलते हैं तो उनके लिये यह करो या मरो का मुकाबला होगा। सेंचुरियन टेस्ट शुरू होने में 48 घंटे का समय रह गया है और टीम प्रबंधन को मैच की पूर्व संध्या पर तय कर लेना होगा कि अंतिम एकादश क्या रहेगी।

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