Thursday , 21 June 2018
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उपाध्यक्ष का मंत्रियों को सख्त निर्देश

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह ने सदन में मंत्रियों द्वारा समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने और सदस्यों द्वारा मर्यादा नहीं रखने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुये सरकार से इसमें सुधार करने के निर्देश दिये। राव ने गुरूवार को शून्यकाल में सदस्यों द्वारा बार-बार मर्यादा का उल्लंघन करने को गंभीरता से लेते हुये चेतावनी भी दी कि आसन ऐसे कृत्यों को गंभीरता से लेगा और सुधार नहीं करने वाले सदस्यों को निलंबित भी करेगा। उन्होंने कहा कि आसन सदन की मर्यादा और सदस्य को अनुशासन में रहने के लिये कटिबद्ध है।

आसन की ओर से शून्यकाल में नियम 295 के तहत विधायकों द्वारा परिसर में मौजद रहते हुये चर्चा में नहीं होने, पर्ची के माध्यम से सदस्यों द्वारा प्रश्न करने के बाद मंत्री का जवाब सुने बिना ही बाहर चले जाने और मंत्रियों द्वारा वार्षिक प्रतिवेदनों को समय पर पेश नहीं करने पर कड़ी आपति व्यक्त की। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी द्वारा मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर का वर्ष 2015-16 तथा महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर का वर्ष 2016-17 तथा 2017-18 के वार्षिक प्रतिवेदनों को सदन में रखने के दौरान अपनी आपत्ति व्यक्त की।

उन्होंने मंत्री से पूछा कि आप द्वारा दो विश्वविद्यालयों के प्रतिवेदन रखे गये है लेकिन एक विवि का दो साल पहले का जबकि एक का नवीनतम प्रतिवेदन रखा गया है। उन्होंने कहा कि आसन ने मार्च 2017 में भी स्पष्ट निर्देश दिये गये थे कि प्रतिवेदनों को समय पर रखा जाये लेकिन इस को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। श्रीमती माहेश्वरी ने आसन को अवगत कराया कि आगे से इसका ध्यान रखा जायगा, जिस पर राव ने पुनः कहा कि सरकार एवं मंत्री प्रतिवेदन समय पर तैयार नहीं करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्यवाही करें ताकि इस प्रवृति पर अंकुश लग सकें।

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