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प्रिंयका गांधी ने पहले दिया ‘मदद’ का आश्वासन
फिर 3 घंटे बाद कर दी गई थी सचिन पायलट की छुट्टी- सूत्र

जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  राजस्थान के डिप्टी-सीएम और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद सचिन पायलट व्यथित थे। कांग्रेस के इस ऐक्शन से लगभग तीन घंटे पहले उनकी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से बात हुई थी। फोन कॉल पर प्रियंका ने पायलट को मदद का आश्वासन दिया था। उनकी शिकायतें सुनने के बाद प्रियंका ने कहा था कि वह इस मसले को लेकर कांग्रेस चीफ सोनिया गांधी और राहुल गांधी से बात करेंगी। सूत्रों के हवाले से ये बातें ‘हृष्ठञ्जङ्क’ ने बताई हैं।

शुक्रवार (17 जुलाई, 2020) को अंग्रेजी समाचार चैनल की रिपोर्ट में  कहा गया,  दो दिनों पहले (15 जुलाई) पायलट की प्रियंका से फोन पर बात हुई थी और उस दौरान कांग्रेस महासचिव ने उनकी सुनवाई की बात कही थी।

सूत्र के मुताबिक, पायलट की शिकायतें सुनने के बाद प्रियंका ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा था कि वह राहुल गांधी (भाई) और सोनिया गांधी (मां और मौजूदा कांग्रेस चीफ) से इस बारे में बात करेंगी। इस घटना के तीन घंटे बाद ही पायलट को उनके पदों से हटा दिया गया था।

पायलट के हवाले से सूत्र ने बताया, कांग्रेस जब मेरे खिलाफ कार्रवाई कर रही है, तब वह मुझसे मेल-मिलाप की बात कैसे कर सकती है? एक तरफ कांग्रेस कहती है कि उसके दरवाजे खुले हैं। दूसरी तरफ मुझे हटा दिया जाता है। डिस्क्वालिफिकेशन नोटिस भेज दिया जाता है। मुझ पर अशोक गहलोत की ओर से हमला हुआ है।

पायलट से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली कांग्रेसी विधायकों की बैठक में पायलट कैसे शामिल होते, वह भी तब जब वह काफी व्यथित थे। उनके मुताबिक, “सबसे पहले गहलोत साहब के साथ मुख्य दिक्कतों का हल हो जाना चाहिए।

बता दें कि गहलोत के खिलाफ बागी तेवर को लेकर पायलट के खिलाफ यह ऐक्शन लिया गया था। गहलोत सरकार का आरोप था कि पिछले छह महीने से पायलट समेत तीन साथियों का ‘आ बैल मुझे मार’ वाला रवैया था, जबकि पायलट राजस्थान सरकार को गिराने की बीजेपी की साजिश में शामिल हैं।’


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