Sunday , 27 May 2018
Breaking News
Home » Political » 20 विधायकों की सदस्यता रद्द

20 विधायकों की सदस्यता रद्द

  • लाभ का पद
  • हाईकोर्ट का आप को अंतरिम राहत देने से इनकार

नई दिल्ली। चुनाव आयोग द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) के 20 सदस्यों की सदस्यता रद्द करने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने आप को राहत देने से इनकार कर दिया है। आप के 6 विधायक चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे थे। मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि वह आप के तथ्यों से संतुष्ट नहीं है और इस आधार पर फौरी राहत नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने साथ ही आयोग से आप के आरोपों पर जवाब भी मांगा है। मामले की अगली सुनवाई अब सोमवार को फिर होगी।

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने आप विधायकों को कड़ी फटकार भी लगाई। कोर्ट ने कहा कि आप वक्त रहते चुनाव आयोग के पास नहीं गए और नोटिस का जवाब भी नहीं दिया। कोर्ट ने पूछा कि चुनाव आयोग के बार-बार बुलाने के बाद भी आप उनके पास क्यों नहीं गए? कोर्ट ने कहा कि जब आप बुलाने पर भी नहीं गए, तो अब आयोग मामले पर फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। कोर्ट ने आप विधायकों के चुनाव आयोग के सामने रवैये पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने इस बात को ढाल बनाने की कोशिश की कि उनकी याचिका कोर्ट में लंबित है।
चुनाव आयोग ने लाभ के पद मामले में दिल्ली में सत्तारूढ़ आप के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। आयोग अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेज चुका है। अब सबकी नजरें राष्ट्रपति पर हैं, जो इस मामले पर अंतिम मुहर लगाएंगे। वह अगर आयोग की अनुशंसा पर इन विधायकों को अयोग्य घोषित करने का आदेश जारी करते हैं, तो दिल्ली में इन सीटों पर दोबारा चुनाव की नौबत आ सकती है। हालांकि यह तय है कि 20 विधायकों की सदस्यता चले जाने की स्थिति में भी 67 सीटों के बंपर बहुमत के साथ सत्ता में आई केजरीवाल सरकार बची रहेगी।

शुक्रवार को चुनाव आयोग की टॉप मीटिंग के बाद इस बारे में राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजने का फैसला हुआ। मामले की जांच राष्ट्रपति के निर्देश पर ही हो रही थी। चुनाव आयोग ने आप के 21 विधायकों को ‘‘लाभ का पद’’ मामले में कारण बताओ नोटिस दिया था। इस मामले में पहले 21 विधायकों की संख्या थी, लेकिन जरनैल सिंह पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। आप ने चुनाव आयोग पर बोला हमला
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिस लाभ के पद का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है। हमारे विधायकों ने सरकारी गाड़ी, सरकारी बंगला और तनख्वाह का फायदा नहीं लिया। चुनाव आयोग ने इस मामले में हमारी बात नहीं सुनी। किसी भी विधायक को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त एके ज्योति ने गुजरात में पीएम मोदी के अंडर में काम किया है। अब वे पीएम मोदी का कर्ज चुका रहे हैं। 23 जनवरी को उनका जन्मदिन है और सोमवार को रिटायर हो रहे हैं। इसलिए जाने से पहले सभी काम को निपटाना चाहते हैं। सौरभ ने कहा कि सोमवार के बाद ना ही मोदी जी और ना ही ब्रह्मा जी एके ज्योति को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर रख सकते हैं।शिकायताकर्ता ने कहा- आप विधायकों की रद्द होगी सदस्यता
मामले में शिकायत करने वाले प्रशांत पटेल ने कहा कि यह पूरी तरह से साफ है, आम आदमी पार्टी के इन 20 विधायकों की सदस्यता रद्द हो जाएगी। उन्होंने कहा, मैंने यह मामला साल 2015 में उठाया था। पूरे केस को देखने पर लगता है कि इन विधायकों की सदस्यता चली जाएगी। चुनाव आयोग अपना फैसला राष्ट्रपति के पास भेजेगा, जिस पर राष्ट्रपति अपनी मंजूरी देंगे।
उन्होंने आगे कहा, आप विधायकों की सदस्यता बचने की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि खुद दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने आयोग को दिए अपने हलफनामा में माना है कि विधायकों को मंत्रियों की तरह सुविधा दी गई। दिल्ली में 7 विधायक मंत्री हो सकते हैं, लेकिन इन्होंने 28 बना दिए।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने विधायकों को संसदीय सचिव बनाए जाने के फैसले का विरोध करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में आपत्ति जताई और कहा था कि दिल्ली में सिर्फ एक संसदीय सचिव हो सकता है, जो मुख्यमंत्री के पास होगा। इन विधायकों को यह पद देने का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*