Monday , 21 May 2018
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दो दावेदार : अटक गई कर्नाटक सरकार

  • सबसे बड़ी पार्टी बन कर भी भाजपा सत्ता से दूर
  • राज्यपाल से मिले येदियुरप्पा सरकार बनाने का दावा पेश

बेंगलुरू। कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणामों की तस्वीर साफ हो चुकी है। अंतिम परिणाम आने के बाद सूबे में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन गई है। उधर, चुनाव परिणाम के अनुसार भाजपा प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और इसी आधार पर उसने सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है। भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने मंगलवार शाम राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। उधर, येदियुरप्पा के बाद जेडीएस और कांग्रेस ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। ऐसे में अब गेंद राज्यपाल के पाले में हैं और देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह सरकार बनाने का न्योता किसे देते हैं। हालांकि मीडिया सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल भाजपा को पहले मौका दे सकते हैं।
कर्नाटक चुनाव परिणाम के बाद भाजपा सबसे ज्यादा सीटों के साथ उभरी है लेकिन बहुमत के आंकड़े को पार नहीं कर सकी है। इसके बावजूद भाजपा सरकार बनाने की तैयारी में है। येदियुरप्पा ने कहा, हम सबसे बड़ी पार्टी हैं और ऐसे में सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। भाजपा सौ प्रतिशत सरकार बनाएगी और विधानसभा में बहुमत भी साबित करेगी।
उधर, राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद मीडिया से मुखातिब सिद्धारमैया ने कहा, कांग्रेस ने बिना शर्त जेडीएस को समर्थन दिया है। सिद्धारमैया ने कहा कि गठबंधन की शर्तों पर बाद में फैसला होगा। पहली प्राथमिकता सरकार का गठन है। कांग्रेसी नेता ने दावा किया कि उनके पास मैजिक नंबर है। उन्होंने कहा कि दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के साथ है।
येदियुरप्पा मंगलवार शाम करीब 5 बजे पार्टी नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे। राज्यपाल से मुलाकात और सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद येदियुरप्पा ने कहा, हम सबसे बड़े दल के तौर पर दावा पेश करके आए हैं। हमने राज्यपाल से मुलाकात की क्योंकि कर्नाटक में हम सबसे बड़ा दल (सिंगल लार्जेस्ट पार्टी) हैं। हम विधानसभा में बहुमत पेश करेंगे। येदियुरप्पा के साथ भाजपा नेता अनंत कुमार, शोभा करंदलजे और राजीव चंद्रशेखर ने भी राज्यपाल से मुलाकात की।
दूसरी ओर कांग्रेस और जेडी(एस) ने एकसाथ आने का फैसला किया है क्योंकि दोनों साथ मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार कर रहे हैं। जेडी(एस) और कांग्रेस ने एचडी कुमारास्वामी को अपना सीएम पद का दावेदार घोषित किया है।
भाजपा का आंकड़ा फिलहाल 104 सीटों का है और बहुमत के लिए भाजपा को 8 और विधायकों की जरूरत होगी। वहीं कांग्रेस ने कर्नाटक में दूसरा ही दांव खेला है। कांग्रेस और जेडीएस साथ मिलकर 116 विधायकों पर पहुंच रहे हैं और बहुमत के मैजिक नंबर को पार कर रहे हैं। कांग्रेस ने बनाया जेडीएस
के कुमार को ‘किंगÓभाजपा के संपर्क में हैं जेडीएस के 5 विधायक
सूत्रों के मुताबिक जेडीएस के 5 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। भाजपा आलाकमान को उम्मीद है कि सबसे बड़ी पार्टी के नाते राज्यपाल भाजपा को ही सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे। राज्यपाल येदियुरप्पा को शपथ के लिए 17 मई का समय दे सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक दो सीटों पर चुनाव जीते कुमारस्वामी पर भाजपा एक सीट से जल्दी-जल्दी इस्तीफा देने का दबाव बनाएगी। साथ ही इस मामले को राज्यपाल सामने भी रखेगी कि विश्वास मत से पहले कुमारस्वामी दो जीती हुई सीटों में से एक से इस्तीफा दें। ऐसे में यह भी जानकारी निकलकर आ रही है कि जेडीएस अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बेंगलुरू के बाहर भी ले जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के लिंगायत विधायक भी भाजपा के संपर्क में हैं। अगर कांग्रेस कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए समर्थन करती हैं, तो कांग्रेस के लिंगायत विधायक विश्वास मत पर गैरहाजिर रह सकते हैं।कर्नाटक के रिजल्ट पर बोले मोदी- ‘पसीने की महक भी कमल को खिला सकतीÓनई दिल्ली। कर्नाटक चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अमित शाह और संगठन के कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया है। भाजपा संसदीय दल की बैठक में शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में वाराणसी में अपने संसदीय क्षेत्र में पुल का हिस्सा गिरने से हुए हादसे को लेकर शोक प्रकट किया। प्रधानमंत्री ने इसी क्रम में पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा की भी चर्चा कर ममता सरकार पर निशाना साधा।
‘भाजपा केवल उत्तर भारत की नहीं, हर हिंदुस्तानी की पार्टीÓ
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरूआत में बनारस में हुए हादसे का जिक्र कर मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा अफसरों से भी बात हुई है और पूरी मदद की कोशिश की जा रही है। प्रधानमंत्री ने अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भाजपा लगातार तरक्की कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ खुशी समाती नहीं है तो दूसरी तरफ वाराणसी का जिक्र करते हुए कहा कि मन एक भारी बोझ में दबा हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा, कर्नाटक का विजय असामान्य विजय है, अभूतपूर्व विजय है। ऐसे छवि बना दी गई कि भाजपा उत्तर भारत की पार्टी है। हिंदी भाषी पार्टी है। न गुजरात हिंदी भाषी है, न महाराष्ट्र, न असम, न नॉर्थ ईस्ट का कोई राज्य हिंदी भाषी है। झूठ फैलाने वाले बार-बार ऐसा झूठ फैलाते हैं। ऐसी विकृत सोच रखने वालों को कर्नाटक चुनाव ने झटका दिया है। भाजपा पूरे हिंदुस्तान में फैली हुई पार्टी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस दल ने इतने वर्षों तक देश को चलाया, कई दिग्गज नेता पैदा हुए, कोई सोच नहीं सकता था कि यह दल अपने स्वार्थ के लिए भारत के संविधान को, भारत के संघीय ढांचे को (शेष पेज 8 पर)

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