Thursday , 26 April 2018
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एक साथ चुनाव कराना अव्याहारिक, मतपत्रों से हो चुनाव

नई दिल्ली। कांग्रेस ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के मोदी सरकार के सुझाव को सिरे से खारिज कर दिया है तथा चुनाव इलेक्ट्रानिक मतदान मशीन की बजाय मतपत्रों से कराने की मांग की है।
पार्टी के यहां चल रहे 84वें महाधिवेशन में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ कराने के सरकार के प्रस्ताव को संविधान की दृष्टि से अनुचित और अव्यवहारिक करार दिया गया। राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया एक साथ चुनाव कराने की भाजपा की चाल गलत है। यह संविधान की दृष्टि से अनुचित है और व्यवहारिक भी नहीं है।
पार्टी ने इलेक्ट्रानिक मतदान मशीनों को लेकर राजनीतिक दलों और आम लोगों में उठ रही शंकाओं का जिक्र करते हुये चुनाव आयोग से चुनाव मतपत्रों से कराने का पुराना तरीका अपनाने का आग्रह किया है। राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया निर्वाचन आयोग के पास स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने की संवैधानिक जिम्मेदारी होती है। चुनावी व्यवस्था में लोगों का भरोसा बनाये रखने के लिये मतदान और मतगणना, दोनो प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।

मां का भाषण सुन भावुक हुए राहुल, लगाया गले
नई दिल्ली। कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन में शनिवार को सोनिया गांधी बेहद जोश से भरी नजर आईं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर खराब नीतियों, भ्रष्टाचार और गिरती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हल्ला बोला। उनका भाषण समाप्त होते ही जब वह अपनी सीट पर वापस लौट रही थीं, तब एक बेहद भावुक नजारा देखने को मिला। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी सीट से उठे और अपनी मां सोनिया गांधी को प्यार से गले लगा लिया। इस दौरान वहां मौजूद कांग्रेस नेताओं ने ताली बजाकर खुशी जाहिर की, तो वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी इस लम्हे को अपने कैमरे में कैद करती दिखीं। मां और बेटे के बीच का यह प्यार भरा लम्हा कई कैमरे में कैद हुआ।

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