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        <title>National news</title>
        <description>National news from the pratahkal.com</description>
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        <title>बदल रहा है उप्र में राजनीतिक परिदृश्य</title>
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        <description>लखनऊ। सोमवार को महारैली के तेवर से साफ लगा कि बसपा ने मान लिया है कि यूपी में उसकी लड़ाई अब सीधी कांग्रेस से है। शायद यही वजह रही कि 1.34 घंटे लम्बे भाषण में मायावती ने कांग्रेस और सिर्फ कांग्रेस को अपने निशाने पर रखा। भाजपा और सपा कभी बसपा के निशाने पर हुआ करती थीं लेकिन पूरी रैली में बसपा प्रमुख ने इन दोनों पार्टियों पर एक शब्द भी नहीं बोला। कांग्रेस के दलित प्रेम को देखते हुए ही शायद बसपा प्रमुख ने कांग्रेस को दलित विरोधी करार दिया। &lt;br /&gt;इस बात में कोई शक-ओ-सुबहा नहीं है कि रैली में लाखों की भीड़ जुटा कर मायावती ने जहां अपनी शक्ति का जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं अपने खिलाफ होने वाली साजिशों का जिक्र कर समर्थकों में जोश भरने का भी काम किया। उन्होंने जिस तरह से तमाम मामलों पर अपनी ओर से सफाई दी, उससे यह भी झलका कि विरोधियों द्वारा लगाये जाने वाले आरोपों का जवाब देना उनकी मजबूरी हो चला है। पहला, खुद की प्रतिमा लगाये जाने को लेकर उठ रही अंगुलियों पर उन्होंने यह कह कर सफाई दी कि क्या देश में ऐसा कोई कानून है जो जीवित व्यक्ति की प्रतिमा पर रोक लगाता हो। दूसरा, बसपा सरकार में अधिकारियों द्वारा पैसा लेकर काम करने के बाबत लगाये जाने वाले आरोपों पर मायावती का तर्क रहा, अधिकारियों को भ्रष्ट और बेईमान पूर्व की सरकारों ने बनाया है, इन्हें सुधारने में थोड़ा वक्त लगेगा। तीसरा, खुद के जनता के बीच दौरे पर न जा पाने का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कांशीराम जीवित थे, तो वे पूरे देश में पार्टी का काम संभाले थे, अब मुझे पूरे देश में पार्टी संगठन को आगे बढ़ाने का काम देखना पड़ रहा है। ऐसे में पूरा समय अकेले उत्तर प्रदेश को दे पाना संभव नहीं है। मायावती ने कार्यकर्ताओं से जिस तरह से अपनी स्थिति स्पष्ट की उससे साफ झलका कि संभवत: इन आरोपों का जवाब दे पाने में पार्टी संगठन कारगर नहीं रहा है। &lt;br /&gt;रैली के आयोजन के पीछे मायावती एक उद्देश्य यह भी रहा कि वह देश भर से अपने समर्थकों को बुला कर उन्हें लखनऊ में बनने वाले उन स्मारकों, पार्कों और प्रतिमाओं को दिखा दें, जिसको लेकर हायतौबा मची रहती है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने कहा कि दूसरे राज्यों से जो चार लाख लोग इस रैली में आए हैं, वे यह संदेश लेकर लौटेंगे कि स्मारकों को लेकर बिना वजह बवाल मचा है। यहां के विकास कार्यों, सौन्दर्यीकरण की चर्चा दूसरे राज्यों में होगी तो वहां पार्टी अपने आप मजबूत होगी। &lt;br /&gt;मायावती ने जिस तरह से पार्टी की इस खासियत को उजागर किया कि बसपा का वोट बैंक &amp;#39;ट्रांसफरेबल&amp;#39; है, इसलिए सारी पार्टियां उससे समझौता करने को लालायित रहती है, कहीं न कहीं दूसरे दलों को यह सोचने पर विवश कर सकती हैं कि वह बसपा का साथ पाने के लिए उससे अपने समीकरण सुधारें। &lt;br /&gt;बहरहाल महारैली के जरिये बसपा ने अपना एजेन्डा साफ कर दिया है। दूरगामी लक्ष्य केन्द्र में सत्ता और निशाना सीधा कांग्रेस। सर्वजन में भी दलित उसकी प्राथमिकता में हैं।&lt;br /&gt;</description>
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        <title> पच्चीस साल का हुआ डॉट कॉम  </title>
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        <description>आज से ठीक 25 साल पहले 15 मार्च 1985 को कंप्यूटर बनाने वाली एक कंपनी सिम्बॉलिक्स ने अपने नाम में डॉट कॉम जोड़ा था और आज 25 साल बाद करीब-करीब एक लाख डॉट कॉम वेबसाइट्स हर दिन रजिस्टर्ड होती हैं।&lt;br /&gt;बीबीसी के तकनीकी मामलों के संवाददाता मैगी शिल्स का कहना है कि 80 के दशक के आखिर और 90 के दशक के शुरू में इक्का-दुक्का ही ये जानता था कि ये डॉट कॉम क्या है। लेकिन आज डॉट कॉम हमारे जीवन का हिस्सा है और इंटरनेट की दुनिया में मील का पत्थर।&lt;br /&gt;विकास : आज लोग डॉट कॉम की दुनिया में गोते लगाकर शॉपिंग कर सकते हैं, मनोरंजन कर सकते हैं, नई चीजें सीख सकते हैं, विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं, छुट्टियों की योजना बना सकते हैं और भी बहुत कुछ कर सकते हैं।&lt;br /&gt;वर्ष 1985 में सिर्फ छह डॉट कॉम डोमेन नेम रजिस्टर हुए थे। आज करीब आठ करोड़ 60 लाख सक्रिय वेबसाइट्स हैं और 11 करोड़ 30 लाख वेबसाइट्स आईं और गईं।&lt;br /&gt;वर्ष 1997 तक डॉट कॉम डोमेन नेम का आँकड़ा 10 लाख भी नहीं पहुँचा था। लेकिन इसी साल इंटरनेट के क्षेत्र में आई उछाल ने तस्वीर बदल कर रख दी। इसी के साथ डॉट कॉम की दुनिया में भी धमाका हुआ और अगले दो साल में करीब दो करोड़ डोमेन नेम रजिस्टर हुए।&lt;br /&gt;डॉट कॉम डोमेन नेम की निगरानी करने वाली कंपनी वेरीसाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क मैकलॉगलिन का कहना है, दरअसल हम इंटरनेट का जश्न मना रहे हैं और डॉट कॉम इंटरनेट का चर्चित और जाना-पहचाना चेहरा है। 25 साल पहले किसने कल्पना की थी कि इंटरनेट आज ऐसी स्थिति में होगा।&lt;br /&gt;मैकलॉगलिन का मानना है कि इंटरनेट के इस्तेमाल में नित-नए बदलाव हो रहे हैं और आने वाले दिनों में इसमें और बदलाव होंगे।&lt;br /&gt;</description>
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        <title>दहेज में सांप नहीं, तो बेटियां कुंआरी रह जाएंगी</title>
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        <description>बांदा। सपेरा बिरादरी में आज भी दहेज में सांप देने की पुरानी परंपरा है। सांप पालने के सरकारी प्रतिबंध से जहां सपेरों के लिए रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है, वहीं बेटियों के कुंआरी रह जाने का डर भी सता रहा है। सपेरे हालांकि चोरी-छिपे अब भी कुछ सांप पाल कर दो जून की रोटी का जुगाड़ कर रहे हैं। &lt;br /&gt;उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद के शंकरगढ़ इलाके के कई गांवों में बसे सपेरा समाज के लोग सांप पालने के सरकारी प्रतिबंध से परेशान हैं। तकरीबन सभी सरकारी सुविधाओं से वंचित अनुसूचित जाति की सपेरा जाति का आर्थिक ढांचा बेहद कमजोर है।&lt;br /&gt;सांप पकड़कर पालना और बीन (महुअर) बजाकर उन्हें नचाना इनका पुश्तैनी पेशा है, लेकिन सरकारी प्रतिबंध से अब रोजी-रोटी पर भी संकट मंडराने लगा है। मेहनत-मजदूरी कर रोटी का इंतजाम तो हो सकता है, पर सबसे बड़ा डर बेटियों के कुंआरी रह जाने का है। बेटियों की शादी में कम से कम दो सांप बतौर दहेज देने की पीढिय़ों पुरानी परंपरा है।&lt;br /&gt;बिमरा गांव के सपेरे श्यामनाथ ने बताया कि,&amp;nbsp; उसने अपनी बड़ी बेटी जदपति की शादी में दो सांप, बीन, झोला व एक गुदरी दहेज में दी थी। दो बेटियां और हैं, किंतु अब सांपों की दरकार है। सरकारी रोक न हटी तो इनकी शादी कैसे होगी?&lt;br /&gt;श्यामनाथ बताता है कि उसकी बिरादरी में अधिकतम 10 वर्ष की उम्र में बेटियों की शादी का रिवाज है। इस समय वह प्रशासन की गैर जानकारी में एक काला नाग, एक तक्षक नाग व एक कौड़हाला गड़ैता नामक जहरीला सांप पाले हुए है। इस इलाके के कपारी, लोहगरा, भैरवघाट, कंचन पुरवा, तालापार व तपारी गांव में सपेरा जाति के करीब पांच सौ परिवार हैं, जो सांप पालने के पेशे से जुड़े हैं। &lt;br /&gt;लोहगरा गांव के 60 वर्षीय सिलनाथ व 62 वर्षीय अक्कलनाथ का कहना है कि, सांप पकडऩा जोखिम भरा काम है। दूसरा कोई रोजगार है नहीं, इसके बाद भी सांप पालने पर रोक लगा दी गई है। अब तो भूखों मरेंगे। सबसे बड़ी चिंता बेटियों की शादी की है। दहेज के लिए सांप कहां से लाएंगे?&lt;br /&gt;</description>
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        <title> 'मायावती अपना घर संभालें' </title>
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        <description>&lt;strong&gt;रामदेव ने राजनीति में आने के संकेत दिए&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;लखनऊ। लखनऊ में हुई महा रैली में मायावती ने देश के बाबाओं पर भी जम कर निशाना साधा था। इसके जवाब में खुलकर सामने आए योग गुरू बाबा रामदेव ने देहरादून में मायावती के आरोपों का जवाब दिया। रामदेव ने मायावती को सलाह दी है कि वो अपना घर संभाले। यहीं नहीं पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बाबा रामदेव ने राजनीति में आने के भी संकेत दे दिए। &lt;br /&gt;दरअसल लखनऊ में हुई रैली में मायावती ने लोगों को ऐसे बाबाओं से बच कर रहने की सलाह दी थी जो लोगों को कसरत करा कर और अपने नुस्खे बेच कर पैसे कमाते हैं। इसी के जवाब में बाबा रामदेव ने कहा कि वो किसी की पार्टी में घुसने की कोशिश नहीं कर रहे। योग गुरू रामदेव का ये भी कहना था कि राजनीति में आना उनका नैतिक दायित्व और हक है जिससे उन्हें कोई नहीं रोक सकता है। &lt;br /&gt;रामदेव का कहना है कि वो राजनीति के शुद्धीकरण के लिए हर शहर में भारत स्वाभिमान संगठन को तैयार कर रहे हैं। इस संगठन के माध्यम से रामदेव सभी 543 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने अभी पार्टी के नाम का खुलासा नहीं किया। &lt;br /&gt;महिला आरक्षण के मुद्दे पर रामदेव ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को 30 फीसदी ही नहीं 50 फीसदी तक आरक्षण मिलना चाहिए। इसके लिए उन्होंने अपने मंच में पहले से ही 50 फीसदी महिलाओं के होने का तर्क भी दिया।&lt;br /&gt;</description>
    </item>
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        <title> फैनक्लब से मोटी कमाई करेगी केकेआर</title>
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        <description>आईपीएल के पिछले सीजन में केकेआर अपना जलवा भले ही न बिखेर पाई हो मगर इस साल टीम ने मुनाफा कमाने के लिए तमाम तैयारियां कर ली हैं&lt;br /&gt;फिल्म अभिनेता शाहरूख खान की क्रिकेट टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (के केआर) इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पिछले सत्र में भले ही बड़ी कामयाबी हासिल नहीं कर पाई थी, लेकिन जब इसके द्वारा ब्रांड वैल्यू के निर्माण के प्रयास की बात की जाए तो यह बाकी आईपीएल टीमों से आगे है।&lt;br /&gt;केकेआर ने प्रति व्यक्ति ४९५ रूपए के सदस्यता शुल्क पर &amp;#39;ऑफिशियल केकेआर फैन क्लब&amp;#39; की घोषणा की है। शाहरूख खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट, जो केकेआर की मालिक है, के एक प्रवक्ता ने कहा, &amp;#39;हमें अधिकतम मुनाफा कमाने की जरूरत है। इसलिए हम कई नई पहलों की घोषणाओं पर काम कर रहे हैं।&amp;#39;&lt;br /&gt;ईडन गार्डन्स ग्राउंड केकेआर के सात घरेलू मैचों की मेजबानी करेगा। इस मैदान की सीट क्षमता मरम्मत कार्यों की वजह से आईपीएल के पहले सत्र में ८५,००० से घट कर लगभग ४४,००० सीटों की रह गई। इसके परिणामस्वरूप टिकटों की बिक्री से हासिल होने वाला राजस्व भी घट कर आधा रह गया और केकेआर के मालिक अब अधिक से अधिक मुनाफा कमाने के तरीकों पर ध्यान दे रहे हैं। इन नई पहलों से प्राप्त होने वाला राजस्व आईपीएल और केकेआर के बीच विभाजित किया जाएगा।&lt;br /&gt;ऑफिशियल केकेआर फैन क्लब की सदस्यता के तहत शुरू में सदस्यों को वेबसाइट पर विशेष कंटेंट तक पहुंच बनाने, सदस्यों को न्यूजलेटर हासिल करने, सदस्य-विशेष प्रतियोगिताओं में शामिल होने और केकेआर से संबद्ध वस्तुओं पर डिस्काउंट हासिल करने का मौका मिलेगा।&lt;br /&gt;जो पाठक एबीपी समूह के अंग्रेजी दैनिक और पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबारों में से एक &amp;#39;टेलीग्राफ&amp;#39; के जरिये सदस्यता लेंगे, उन्हें सदस्यता शुल्क (४९४ रूपए) पर १० फीसदी की छूट दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि एबीपी ने केकेआर के आधिकारिक मीडिया भागीदार बनने के लिए उसे १५-२० करोड़ रूपये का भुगतान किया है।&amp;nbsp; इस सदस्यता के अन्य फायदों के हित फैन क्लब के सदस्यों को केकेआर स्लिंग बैग, केकेआर जेली रिस्ट-बैंड, केकेआर चेन, केकेआर टी-शर्ट, केकेआर प्लेइंग कार्ड आदि जैसे गिफ्ट पैक मिलेंगे। इसके अलावा इन सदस्यों को एक विशेष संख्या के साथ केकेआर मेंबरशिप कार्ड और शाहरूख खान, जूही चावला और जय मेहता से वेलकम लेटर भी मिलेंगे। यह सदस्यता ऑनलाइन पर भी उपलब्ध होगी। रेड चिलीज के एक अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, &amp;#39;इस साल की प्रमुख पहलों में से एक पहल मर्केंडाइज यानी इस टीम से जुड़े सामानों की खरीद के लिए ऑर ऑनलाइन पर मैच टिकट खरीदने के लिए दर्शकों के लिए अवसर मुहैया कराना है।&amp;#39; केकेआर ने उन प्रशंसकों के लिए रोजाना ३२,००० रूपये प्रति टिकट की घोषणा की है जो वातानुकूलित लाउंज की सुविधा, मुख्य प्रवेश द्वार के सामने पार्किंग का अधिकार और लजीज व्यंजन का लुत्फ उठाना चाहते हैं। इसके साथ-साथ इन सदस्यों को समय समय पर टीम के खिलाडिय़ों और किंग खान से मिलने का भी मौका मिलेगा।&lt;br /&gt;गौरतलब है कि ईडन गार्डन्स में इस साल खेले जाने वाले टिकटों की कीमत प्रति टिकट ३०० रूपये, ४००, ५००, १२०० और ६५०० रूपये तक है। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) के अनुमान के मुताबिक इस साल कोलकाता में केकेआर टीम द्वारा खेले जाने वाले ७ मैचों से १५-२० करोड़ रूपये प्राप्त होंगे। २००८ में आईपीएल के पहले सत्र में केकेआर ने ईडन गार्डन्स में खेले गए घरेलू मैचों से लगभग २५ करोड़ रूपए कमाए थे।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;br /&gt;कुछ ऐसा है केकेआर का ऑनलाइन जलवा&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;इंटरनेट पर सोशल मीडिया नेटवर्कों के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को लेकर सबसे अधिक चर्चा है वहीं रिकी पोटिंग सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले खिलाड़ी है। नीलसन कंपनी के मुताबिक दिलचस्प रूप से पिछले साल की तुलना में २०१० में सोशल मीडिया में आईपीएल की दोगुनी चर्चा की जा रही है। नीलसन कंपनी ने नीलसन ऑनलाइन बजमेट्रिक्स के इस्तेमाल से एक विश्लेषण किया जिसमें मैसेज बोर्ड, ब्लॉगों, डिस्कशन ग्रुप और माइक्रो ब्लॉग पर डाले गए पोस्ट को ध्यान में रखा गया। इस सूची में ट्विटर तीसरे स्थान पर रहा।&lt;br /&gt;</description>
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        <title> बनेगा टाइटैनिक का 3डी संस्करण</title>
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        <description>&lt;br /&gt;&amp;nbsp;लंदन। &amp;#39;अवतार&amp;#39; बनाकर प्रशंसकों और समीक्षकों की वाहवाही लूट चुके हालीवुड के प्रख्यात फिल्मकार जेम्स कैमरून ने पुष्टि की है कि वह 2012 में अपनी ब्लाकबस्टर फिल्म &amp;#39;टाइटैनिक&amp;#39; का 3डी संस्करण पेश करेगे। &lt;br /&gt;वेबसाइट कांटेक्ट म्यूजिक डाट काम के मुताबिक कैमरून ने कहा, हम 2012 में &amp;#39;टाइटैनिक&amp;#39; का 3डी संस्करण दर्शक के सामने पेश करेगे। उल्लेखनीय है कि टाइटैनिक नाम के जहाज की दुर्घटना 1912 में हुई थी। कैमरून की टाइटैनिक 1997 में प्रदर्शित हुई थी। &lt;br /&gt;कैमरून ने यह भी बताया कि वह इस साल के आखिर तक थियेटरों में &amp;#39;अवतार&amp;#39; का एक नया संस्करण पेश करेगे। उन्होंने कहा कि इस नए संस्करण में कुछ अतिरिक्त दृश्य जोड़े जाएंगे और फिल्म में कुछ रचनात्मक परिवर्तन किए जाएंगे।&lt;br /&gt;</description>
    </item>
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        <title> किम कार्डिशियां के हुस्न के जलवे</title>
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        <description>&lt;br /&gt;लंदन। यदि कोई अपने हुस्न के जलवे बिखेरना चाहे और सामने वाला देखने में दिलचस्पी न ले रहा हो तो उस समय का नजारा ठीक वैसा ही होगा जैसी यह तस्वीर।&lt;br /&gt;कोस्टारिका में छुट्टियां बिता रहीं किम कार्डिशियां भी शायद अपने बॉयफ्रैंड रेगी बुश को अपना खूबसूरत और सुडौल जिस्म दिखा कर रिझाना चाह रही थी लेकिन रेगी को देखिए कैसे अनजान बन रहा है।&lt;br /&gt;तभी तो वह मुंह फेर कर आगे जा रहा है और किम उसके पीछे गुनगुनाते जा रही हैं, &amp;#39;कहां जाते, जरा ठहरो.., ये मंजर देखकर जाना..।&amp;#39;&lt;br /&gt;</description>
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        <title> दुबई में किस करने पर मिली जेल</title>
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        <description>दुबई। एक ब्रिटिश जोड़े को दुबई के एक रेस्टोरेंट में किस करना महंगा पड़ गया। इन्हें किस करते हुए देखकर किसी ने पुलिस में शिकायत कर दी जिसके बाद इन्हें जेल की सजा सुनाई गई।&lt;br /&gt;पेशे से मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव अयमान नजाफी (24) और ब्रिटिश टूरिस्ट शेरोलेट लेविस (25) को एक रेस्टोरेंट में किस करते हुए देखकर अपने बच्चों के साथ वहां पहुंची एक महिला ने पुलिस को बुला लिया।&lt;br /&gt;अपनी सफाई में नजाफी का कहना था कि उसने बस लेविस के गाल पर किस किया था लेकिन उनकी शिकायत करने वाली स्थानीय महिला ने दावा किया कि उसने उन दोनों को होटों पर किस करते हुए देखने के बाद ही पुलिस को बुलाया।&lt;br /&gt;पुलिस ने पहुंचकर तुरंत दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दुबई में सख्त इस्लामिक कानून लागू हैं जिसके तहत किसी भी सार्वजनिक स्थान पर सेक्स या किस करना मना है।&lt;br /&gt;इसके लिए दोनों को एक महीने की जेल और उसके बाद वापस ब्रिटेन भेज दिया जाएगा। उन्हें शराब पीने के लिए भी 180 पाउंड का जुर्माना भरना पड़ा।&lt;br /&gt;हांलाकि इस ब्रिटिश जोड़े को जमानत मिल गई है लेकिन दुबई की अदालत ने उनके सजा भुगतने से पहले दुबई छोडऩे पर पाबंदी लगा दी है।&lt;br /&gt;</description>
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        <dc:date>2010-03-16T13:41:24+01:00</dc:date>
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        <title>वीरू के विस्फोट में उड़े रायल्स</title>
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        <description>अहमदाबाद,१५ मार्च। विस्फोटक ओपनर वीरेन्द्र सहवाग (७५ रन) की धुआंधार पारी की बदौलत दिल्ली डेयरडेविल्स ने आईपीएल थ्री के अपने दूसरे मुकाबले में आज यहां राजस्थान रायल्स को एकतरफा अंदाज में छह विकेट से रौंदकर टूर्नामेंट में लगातार अपनी दूसरी जीत दर्ज की।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान की टीम ने अभिषेक झुनझुन- वाला के नाबाद ५३ रन की बदौलत छह विकेट पर १४१ रन का स्कोर बनाया था।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;जवाब में दिल्ली ने वीरू के आईपीएल के पांचवें तूफानी अद्र्धशतक की मदद से यह लक्ष्य १७.१ ओवर में चार विकेट पर १४२ रन बनाकर हासिल कर लिया। मध्यम लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की टीम को कप्तान गौतम गंभीर (९) और सहवाग ने तूफानी शुरूआत दी। दोनों बल्लेबाजों ने महज ३.३ ओवर में ४२ रन जोड़ डाले। राजस्थान की टूर्नामेंट में यह लगातार दूसरी हार है। पहले मैच में वह मुंबई इंडियंस से एक नजदीकी मुकाबले में हार गया था।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;पहले मैच में किंग्स इलेवन पंजाब को अपनी पारी की बदौलत हार दिलाने वाले गंभीर हालांकि इस मैच में ज्यादा देर तक नहीं टिक सके और नौ रन के निजी स्कोर पर दिमित्री मास्केरनहास की गेंद पर ग्रीम स्मिथ को कैच थमा बैठे। उस समय दिल्ली का स्कोर ४२ रन था। दिल्ली को इसी स्कोर पर तिलकरत्ने दिलशान के रूप में दूसरा झटका लगा, दिलशान तो खाता भी नहीं खोल पाए।&lt;br /&gt;इसके बाद सहवाग विपक्षी गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े। सहवाग ने सातवें ओवर में युवा गेंदबाज अमित उनियाल की गेंद पर दो छक्के और एक चौके की मदद से १७ रन बटोरे और आईपीएल का अपना पांचवां अद्र्धशतक पूरा किया। सहवाग ने अपना अद्र्धशतक महज २१ गेंदों में सात चौकों और तीन छक्कों की मदद से पूरा किया।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;टीम के ९९ रन पर तीसरे विकेट के रूप में आउट होने से पहले सहवाग अपनी विस्फोटक पारी से दिल्ली को सेफ जोन में पहुंचा चुके थे। इन ९९ रनों में तो ७५ रन अकेले सहवाग के ही बल्ले से निकले थे। उन्होंने आउट होने से पहले ३४ गेंदों में आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से ७५ रन ठोके ।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;सहवाग के आउट होने के बाद दिल्ली की रन बनाने की गति थोड़ी धीमी हुई । टीम के ११४ के स्कोर पर ए बी डिविलियर्स (१५) शेन वार्न की गेंद को कवर में उछालकर खेलने के चक्कर में स्थानापन्न खिलाड़ी फैजल को कैच थमा बैठे। उन्होंने २४ गेंदों में १५ रन बनाए ।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;हालांकि डिविलियर्स के आउट होने तक दिल्ली जीत की दहलीज तक पहुंच चुकी थी और बाकी का बचा खुचा काम दिनेश काॢतक (नाबाद २३) और मिथुन मन्हास (नाबाद १२) ने पूरा कर दिया। काॢतक ने २६ गेंदों में दो चौकों की मदद से २३ रन बनाए तो मन्हास ने दस गेंदों में एक चौके की मदद से नाबाद १२ रन बनाए।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;राजस्थान की तरफ से मास्केरनहास ने चार ओवर में ३१ रन देकर सर्वाधिक दो विकेट लिये जबकि मुनाफ पटेल और वार्न को एक-एक विकेट मिला।&lt;br /&gt;इससे पहले दिल्ली डेयरडेविल्स की चुस्त दुरूस्त फीङ्क्षल्डग और शानदार गेंदबाजी के सामने राजस्थान रायल्स की टीम अभिषेक झुनझुनवाला (नाबाद ५३) के अथक प्रयास के बावजूद अपनी पारी में छह विकेट पर १४१ रन ही बना सकी।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपना पहला मैच हारने वाली राजस्थान की टीम की शुरूआत बेहद खराब रही। उसके चार विकेट ५० रन के स्कोर पर पवेलियन लौट चुके थे। पिछले मैच के आतिशी शतकधारी यूसुफ पठान आज खाता खोले बिना ही आउट हो गए।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;राजस्थान को १४ रन पर स्वप्निल अस्नोदकर के रूप में पहला झटका लगा। अस्नोदकर महज पांच रन ही बना सके। पर इसके बाद नमन ओझा (२४) ने ग्रीम स्मिथ (१८) के साथ दूसरे विकेट के लिए ३१ रन की साझेदारी कर टीम को शुरूआती झटके से उबारने की कोशिश की लेकिन ४५ के स्कोर पर ओझा आउट हो गए। उन्होंने १४ गेंदों में चार चौकों और एक छक्के की मदद से २४ रन बनाए।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;इसके बाद तो राजस्थान टीम को ताबड़तोड़ दो झटके लगे। जब टीम का स्कोर ४६ रन था तभी पठान फरवीज महरूफ की गेंद पर ए बी डिविलियर्स के हाथों कैच आउट हो गए। वह पांच गेंदों का सामना करने के बावजूद खाता नहीं खोल सके। पचास के स्कोर पर अच्छा खेल रहे स्मिथ भी १७ गेंदों में तीन चौके की मदद से १८ रन बनाकर चलते बने।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;लेकिन लगातार गिर रहे विकेटों के बीच पारस डोगरा (२९) और अभिषेक झुनझुनवाला (नाबाद ५३) ने पांचवें विकेट के लिए ६० रन की साझेदारी कर टीम को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने इस दौरान संभलकर खेलते हुए विपक्षी गेंदबाजों को विकेट लेने का मौका नहीं दिया।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;लेकिन लेग स्पिनर अमित मिश्रा के एक ओवर में रन चुराने के चक्कर में डोगरा दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रनआउट हो गए। उस समय टीम का स्कोर ११० रन था। उन्होंने २६ गेंदों में एक चौके और दो छक्कों की मदद से २९ रन बनाए। पांच रन बाद ही दिमित्री मास्केरनहास भी तीन रन बनाकर रनआउट हो गए।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;बाद में झुनझुनवाला ने अमित उनियाल (नाबाद ४) के साथ मिलकर टीम के स्कोर को १४१ रन तक पहुंचाया। झुनझुनवाला ने ४५ गेंदों में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद ५३ रन बनाए।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;दिल्ली की तरफ से महरूफ, मिश्रा, प्रदीप सांगवान और डर्क नैन्स ने एक-एक विकेट लिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;आईपीएल अंकतालिका&lt;br /&gt;सर्वाधिक रन&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;१.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;यूसुफ पठान&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(राजस्थान) &amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;१००&lt;br /&gt;२.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;एडम गिलक्रिस्ट&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(डेक्कन)&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;९२&lt;br /&gt;३.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;वीरेन्द्र सहवाग&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(दिल्ली)&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;८३&lt;br /&gt;४.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;गौतम गंभीर&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(दिल्ली)&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;८१&lt;br /&gt;५. &amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;पी. डोगरा&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(राजस्थान)&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;७०&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;br /&gt;सर्वाधिक विकेट&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;१.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;चामिंडा वास&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(डैक्कन)&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; ५&lt;br /&gt;२. &amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;एंजलो मैथ्यूज&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(कोलकाता)&amp;nbsp;&amp;nbsp; ५&lt;br /&gt;३.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;डिमित्रि मस्करेन्हास&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(राजस्थान)&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; ४&lt;br /&gt;४.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;मुरली कार्तिक&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(कोलकाता)&amp;nbsp;&amp;nbsp; ३&lt;br /&gt;५.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;डर्क नैनस&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(दिल्ली) &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; ३&lt;br /&gt;६.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;चाल्र्स लेंग्वेल्ट&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(कोलकाता)&amp;nbsp;&amp;nbsp; ३&lt;br /&gt;७.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;फरवीज मारूफ&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(दिल्ली) &amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; ३&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;br /&gt;सर्वाधिक छक्के&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;१.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;यूसुफ पठान&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(राजस्थान)&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;८&lt;br /&gt;२. &amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;एडम गिलक्रिस्ट&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(डैक्कन)&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;६&lt;br /&gt;३.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;वीरेन्द्र सहवाग&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(दिल्ली)&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;५&lt;br /&gt;४.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;पंकज डोगरा&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(राजस्थान)&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;४&lt;br /&gt;५.&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;एंजलो मैथ्यूज&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;(कोलकाता) &amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;४</description>
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        <title>मायावती ने पहनी हजार के नोटों की माला</title>
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        <description>{mosimage}लखनऊ, १५ मार्च। बसपा संस्थापक कांशीराम की 76 वीं जयंती पर पार्टी स्थापना की रजत जयंती के मौके पर समर्थकों से खचाखच भरे राजधानी के विशाल रमाबाई अम्बेडकर मैदान पर हुए महारैली में पार्टी सुप्रीमो मायावती को हजार-हजार रूपये के चमकदार नोटों की ऐसी आदमकद माला पहना कर स्वागत किया गया कि दूर बैठे लोग बहुत देर तक यही कयास लगाते रहे कि आखिर वह माला किन फूलों से बनाई गई है। &lt;br /&gt;मायावती रैली स्थल पर हेलीकाप्टर से पहुंचीं और घंटो से इंतजार में बैठे समर्थकों ने जैसे ही उनके हेलीकाप्टर को आकाश में देखा, स्वागत में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और आसमान में नीले गुब्बारे छोड़े। &lt;br /&gt;पार्टी सुप्रीमो के लिए विशाल मंच पर बीचो बीच एक अकेला सोफा रखा था। वे मंच पर आईं और हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया और सोफे पर बैठ गई। इसके बाद न फूल न गुलदस्ते बल्कि उनके समर्थकों ने लाई एक झिलमिल करती लहराती बलखाती सी आदमकद माला। &lt;br /&gt;उधर मंच पर उपस्थित पार्टी के बड़े नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी, लालजी वर्मा आदि अपने पार्टी मुखिया को माला पहना रहे थे तो दूर बैठे उनके समर्थक और यहां तक कि प्रिन्ट मीडिया के लोग माला के फूलों की जाति, देशी है कि विदेशी की कयासबाजी में लगे हुए थे। काफी जद्दोजहद के बाद यह पता चला कि वह माला तो हजार-हजार रूपये के नोटो से बनाई गई थी। &lt;br /&gt;हजार-हजार रूपए के नोटों की माला स्वीकार करने के बाद बसपा सुप्रीमो पुन: सोफे पर बैठ गई और विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर पास ही खड़े रहे जबकि नसीमुद्दीन, लालजी वर्मा एवं अन्य कई मंत्री मंच से नारे बाजी करते रहे। &lt;br /&gt;बसपा मुखिया मायावती महारैली को संबोधित करती उसके पहले बसपा की स्थापना से लेकर बसपा राज के आने और उसकी उपलब्धियों पर आधारित तीन गान नृत्य भी प्रस्तुत किए गए और उस दौरान रैली स्थल पर मौजूद बसपा कार्यकर्ताओ ने पार्टी के झंडे लहरा लहरा कर नारे लगाए, जबकि बहुजन वालंटियर फोर्स के पुरूष और महिला स्वंय सेवक भी खुशी में नाचते रहे। &lt;br /&gt;इस दौरान अचानक चिंता का एक क्षण भी आया, जब मायावती के संबोधन के दौरान ही मधुमक्खियों का एक झुण्ड उड़ाता हुआ रैली के ऊपर पहुंच गया। &lt;br /&gt;हालांकि थोड़ी देर बाद इधर उधर भटकने के बाद यह झुण्ड वहां से कहीं और चला गया और तब जाकर सबके माथे पर छाई चिंता खत्म हो पाई। &lt;br /&gt;</description>
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