Thursday , 26 April 2018
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सीरिया पर अमेरिका का मिसाइल अटैक

रासायनिक हथियारों का जखीरा नष्ट कर ट्रंप बोले
पेरिस/वॉशिंगटन। अपने ही नागरिकों पर कथिततौर पर रासायनिक हमला करने के जवाब में अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने सीरिया पर 100 से ज्यादा मिसाइल अटैक किए हैं। इसके बाद सीरिया संकट और भी गहरा गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि मिशन पूरा हो गया है। फ्रांस ने दावा किया है कि सीरिया के रासायनिक हथियारों के जखीरे का ज्यादातर हिस्सा तबाह कर दिया गया है और उसने (सीरिया) सबक भी सीख लिया है। वहीं, इस कार्रवाई से रूस और ईरान तिलमिला गए हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। पुतिन ने इसे ‘‘आक्रामक कार्रवाई’’ करार देते हुए चेतावनी दी है कि इससे सीरिया में मानवीय संकट बढ़ जाएगा।
उधर, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमनेई ने कहा है कि सीरिया पर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की ओर से किया गया हमला एक अपराध था और इससे कुछ भी हासिल नहीं होगा। खमनेई ने ट्वीट कर कहा, उन्हें इस हमले से कोई फायदा नहीं होगा, जैसा उनको पिछले कई वर्षों में इराक, सीरिया और अफगानिस्तान में नहीं हुआ। खमनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति, फ्रांस के राष्ट्रपति और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को अपराधी बताया।
सीरिया पर मिसाइल हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी फ्रांस और यूके का शुक्रिया अदा किया है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा भी की, ‘‘मिशन पूरा हुआ।’’ उधर, सीरिया हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बैठक भी बुलाई है।

फ्रांस के विदेश मंत्री जां इव ली दारियां ने शनिवार को दावा किया कि पैरिस, ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा सीरिया पर किए गए हमले में बड़ी मात्रा में दमिश्क के रासायनिक हथियार नष्ट कर दिए गए हैं। फ्रांस ने यह दावा भी किया कि सीरिया ने इस हमले से सबक सीख लिया है। उन्होंने कहा, बड़ी मात्रा में इसका रासायनिक हथियार नष्ट कर दिया गया है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप द्वारा हवाई हमलों की घोषणा करने के बाद अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने सीरिया की राजधानी दमिश्क पर शुक्रवार रात हमले किए। इस हमले में तीनों देशों ने कई अत्याधुनिक हथियारों जैसे, बी-1 बॉम्बर्स, टोरनैडो जेट्स के साथ युद्धपोत का भी प्रयोग किया।

आगे भी कार्रवाई की चेतावनी
ली दारियां ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, पिछली रात किए गए हमले में बड़ी मात्रा में हथियार नष्ट हुए हैं। फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा कि फ्रांस के पास खुफिया जानकारी है कि दौमा में पिछले सप्ताहांत हुए रासायनिक हमले में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद का हाथ रहा है। इस हमले में 40 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने आगे कहा, जहां तक रासायनिक हथियारों का सवाल है, एक लक्ष्मण रेखा है जिसे पार नहीं करना चाहिए और अगर इसे पार किया गया, तो फिर एक और हस्तक्षेप होगा लेकिन मुझे लगता है कि सबक सीखा जा चुका है।

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