Saturday , 26 May 2018
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सीमा विवाद हल करने प्रयास तेज करेंगे भारत और चीन

वुहान। भारत और चीन ने आपसी सीमा विवाद हल करने की दिशा में आगे बढ़ने तथा एक दूसरे को मान्य समझौते के लिए अपने प्रयास तेज करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पहली अनौपचारिक शिखर बैठक के बाद आज यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने दो दिन की यात्रा के दौरान द्विपक्षीय एवं वैश्विक महत्व के मुद्दों पर गहन विचार विमर्श किया।
दोनों नेताओं ने आपसी सीमा विवाद हल करने करने के प्रयास तेज करने पर सहमति व्यक्त की और सीमा विवाद के संबंध में विशेष प्रतिनिधियों को सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनसे उचित, तर्कसंगत और आपसी रुप से स्वीकार्य समझौते की ओर बढ़ने की अपील की। समग्र द्विपक्षीय संबंधों के विकास की भारत और चीन सीमा के सभी क्षेत्रों पर शांति और सदभावना की महत्त्ता स्वीकार करते हुए दोनों नेताओं ने सीमा पर आपसी समझ, विश्वास, सैन्य संवाद, प्रभावी (शेष पृष्ठ ८ पर)
सीमा मामले प्रबंध तथा व्यवहारिकता पर बल दिया। दोनों देशों के नेताओं ने अपनी अपनी सेनाओं को विश्वास कायम के करने के उपायों पर तेजी से काम करने के निर्देश दिये। दोनों देशों की सेनाएं आपसी तथा समान सुरक्षा के सिद्धांत, मौजूदा संस्थागत प्रबंधन की मजबूती तथा सीमाई क्षेत्रों की घटनाओं के संबंध में सूचनाओं का आदान प्रदान करेंगी।
भारत और चीन बढ़ाएंगे आपसी व्यापार
भारत और चीन ने एक दूसरे की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
दोनों नेताओं ने कहा कि व्यापार और निवेश एक दूसरे की आवश्यकताओं के अनुरुप होना चाहिए। दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक सहयोग तथा आम जनता के आपसी संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा की और इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए नए प्रणाली स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने कहा कि वैश्विक समृद्धि और शांति में भारत और चीन अलग अलग अपने आर्थिक प्रगति एवं विकास से योगदान करते हैं और भविष्य में भी दोनों अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था के इंजन बने रहेंगे। उन्होंने दोहराया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था खुली, बहुस्तरीय, बहुलवादी और भागीदारीपूर्ण होनी चाहिए जिससे सभी देश विकास कर सकें और दुनिया के सभी क्षेत्रों से गरीबी तथा असमानता के उन्मूलन में योगदान कर सकें।
चिनफिंग ने कहा, चीन में आएं ज्यादा भारतीय फिल्में
इस मीटिंग में आध्यात्म, तकनीक, ट्रेड, मनोरंजन और अन्य कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर बात हुई। इस बात सहमति बनी कि ज्यादा से ज्यादा भारतीय फिल्में चीन आएं और चीन की फिल्मों को भारत में जगह मिले। खुद शी चिनफिंग ने कहा कि मैंने भी कई भारतीय फिल्में देखी हैं और चीन में ज्यादा से ज्यादा ऐसी फिल्में आनी चाहिए।
गंगा सफाई और खेल को लेकर मोदी ने कही सीखने की बात
प्र.मं. मोदी ने इस मीटिंग में गंगा नदी की सफाई को लेकर भी चीन से सीखने की बात कही। यही नहीं प्र.मं. मोदी ने कहा कि खेलों के मामले में हम चीन की सफलता से प्रभावित हैं। इसके अलावा बुद्ध सर्किट में टूरिज्म को बढ़ाने की भी बात की गई है। दोनों नेताओं ने माना कि भारत और चीन के विकास से दुनिया में गरीबी को दूर करने और आर्थिक समानता स्थापित करने में मदद मिलेगी।

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