Sunday , 24 September 2017
Breaking News
Home » International » रोहिंग्या मुसलमानों का भारत आना एक बड़ी समस्या

रोहिंग्या मुसलमानों का भारत आना एक बड़ी समस्या

पी तां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के दौरे में दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत करने पर बल दिया है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रोहिंग्या मुस्लिमों का भी मुद्दा उठाया है। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने इसका सीधे तौर पर जिक्र तो नहीं किया लेकिन इशारों में म्यांमार को यह संदेश जरूर दिया कि भारत उनकी इस समस्या के समाधान में हरसंभव मदद को तैयार है। म्यांमार के पी तां में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा कि म्यांमार की शांति प्रक्रिया तारीफ के काबिल है। उन्होंने कहा कि म्यांमार जिन चुनौतियों का मुकाबला कर रहा है, भारत उन्हें पूरी तरह समझता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, रखाइन स्टेट में चरमपंथी हिंसा के चलते खासकर सिक्यॉरिटी फोर्सेज और मासूम जीवन की हानि को लेकर आपकी चिंताओं के हम भागीदार हैं। चाहे वह बड़ी शांति प्रक्रिया हो या किसी विशेष मुद्दे को सुलझाने की बात, हम आशा करते हैं कि सभी ऐसा हल निकालने की दिशा में काम कर सकते हैं, जिससे म्यांमार की एकता और भौगौलिक अखंडता का सम्मान करते हुए सभी के लिए शांति, न्याय, सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्य सुनिश्चित हों।
प्रधानमंत्री ने कहा, यहां (म्यांमार) इतनी गर्मजोशी से स्वागत हुआ है, मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने घर में हूं। म्यांमार में शांति प्रक्रिया में भारत पूरा सहयोग करेगा। हम म्यांमार की चुनौतियों को समझते हैं। पड़ोसी होने के नाते सुरक्षा के मामले में हमारे हित एक जैसे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि हम जमीनी, समुद्री सीमा पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए मिलकर काम करें। आंग सान सू की की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व में म्यांमार शांति के रास्ते पर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आने वाले म्यामांर के नागरिकों को नि:शुल्क वीजा उपलब्ध कराएगा। वहीं आंग सान सू की ने कहा कि हम मिलकर यह तय कर सकते हैं कि आतंकवाद को हमारी धरती पर या हमारे पड़ोसियों की धरती पर जड़ें जमाने की अनुमति नहीं होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*