Tuesday , 20 February 2018
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फिलिस्तीन में मोदी ने दिया हिंसा का चक्र तोड़ने का ‘मंत्र’

रमल्ला। फिलिस्तीन के दौरे पर जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यहां बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत हुआ। फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात के बाद प्र.म. मोदी ने जारी संयुक्त बयान में कहा कि हम फिलिस्तीन की शांति और संप्रभुता के लिए प्रतिबद्ध हैं। फिलिस्तीन हमारी विदेश नीति में हमेशा से शीर्ष पर रहा है। इजरायल के साथ फिलिस्तीन के रिश्तों पर भी परोक्ष रूप से बोलते हुए प्र.म. मोदी ने कहा, भारत फिलिस्तीन के संप्रभु देश बनने की आकांक्षा रखता है। हम इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता का समर्थन करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमारा मानना है कि बातचीत और गहन कूटनीति से ही हिंसा के चक्र और इतिहास के बोध से मुक्ति पाई जा सकती है। यह आसान नहीं है, लेकिन हमें लगातार कोशिश करते रहना चाहिए। दोनों नेताओं की बातचीत की गर्माहट को इससे भी समझा जा सकता है कि प्र.म. मोदी ने अपने बयान का अंत धन्यवाद, शुक्रन, जजरन बोलकर किया। ‘यह सवा अरब भारतीयों का सम्मान’
फिलिस्तीन के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर’ से नवाजे जाने पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति जी आपने मुझे बेहद आत्मीयता के साथ सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। यह पूरे भारत के लिए सम्मान का प्रतीक है। इसके लिए मैं सवा अरब भारतीयों की ओर से आपका धन्यवाद व्यक्त करता हूं। भारत और फिलिस्तीन के बीच जो पुराना और ऐतिहासिक संबंध है, वह समय की कसौटी पर खरा उतरा है। फिलिस्तीन को हमारा समर्थन हमारी विदेश नीति में सबसे ऊपर रहा है। पिछले साल प्रेजिडेंट महमूद अब्बास का स्वागत करने का हमें अवसर मिला था। इस यात्रा में अबू अमार के मकबरे में श्रद्धांजलि देने का मौका मिला। फिलिस्तीन के संघर्ष में उनकी भूमिका बेमिसाल है। वह भारत के भी विशिष्ट मित्र थे। टेक्नॉलजी पार्क और डिप्लोमैसी इंस्टिट्यूट बना रहा भारत
मोदी ने कहा कि फिलिस्तीन के लोगों ने निरंतर चुनौतियों की स्थिति में दृढ़ता का परिचय दिया है। फिलिस्तीन के राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में भारत आपका पुराना सहयोगी है। हमारे बीच ट्रेनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और बजटीय सहयोग पहले से हैं। अब हमने रमल्ला में टेक्नॉलजी पार्क के निर्माण का करार किया है। यह संस्था स्किल डिवेलपमेंट का काम करेगी। इसके अलावा इंस्टिट्यूट ऑफ डिप्लोमैसी भी भारत की ओर से तैयार किया जा रहा है। फिलिस्तीन में प्रिंटिंग प्रेस लगाएगा भारत
मुझे खुशी है कि इस यात्रा के दौरान हम अपने विकास और सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं। भारत फिलिस्तीन में एक प्रिंटिंग प्रेस लगाने और महिला एवं स्वास्थ्य के विकास के लिए निवेश करता रहेगा। द्विपक्षीय स्तर पर हम अंतर-मंत्रालयी मीटिगों के जरिए और अधिक मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। भारत फिलिस्तीन की तरह ही युवाओं का देश है। हमारी आकांक्षाएं फिलिस्तीन के युवाओं के लिए भी ऐसी ही हैं, जैसी हम भारत के युवाओं के बारे में सोचते हैं। अब्बास ने भारत को बताया अंतरराष्ट्रीय ताकतराष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा कि यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि आप हमारे मेहमान बने हैं। आपकी यह ऐतिहासिक यात्रा आपके और भारतीयों के फिलिस्तीन के प्रति प्रेम को भी दर्शाती है। भारतीय नेतृत्व हमेशा फिलिस्तीन में शांति के पक्ष में खड़ा रहा है। अब्बास ने भारत को अंतरराष्ट्रीय ताकत करार देते हुए कहा कि उसका गुट-निरपेक्ष आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

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