Tuesday , 20 February 2018
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‘नोटबंदी से कुछ की नींद अब तक उड़ी हुई’

अबूधाबी के पहले हिन्दू मन्दिर का शिलान्यास

दुबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलिस्तीन के बाद शनिवार को अपने द्विपक्षीय दौरे पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी पहुंचे, जहां रविवार को उन्होंने सबसे पहले वॉर मेमोरियल वाहत अल करमा पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी दुबई के ओपेरा हाउस पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। इससे पहले मोदी ने ओपेरा हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अबू धाबी के पहले भव्य हिंदू मंदिर का शिलान्यास किया।
55000 वर्ग मीटर भूमि में बनने वाला यह मंदिर पश्चिम एशिया में पत्थरों से बना पहला हिंदू मंदिर होगा, जिसे बीएपीएस संस्था द्वारा बनाया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई में रह रहे भारतीयों को संबोधित किया। दुबई के ओपेरा हाउस में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, शायद कई दशकों के बाद भारत का खाड़ी देशों के साथ इतना व्यापक और गहरा नाता बना है। मोदी ने कहा कि ‘‘ईज ऑफ डुइंग बिजनस’’ में भी भारत आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत को ग्लोबल बेंचमार्क तक लाने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को गर्व है कि खाड़ी के देशों में 30 लाख से भी अधिक भारतीय समुदाय के लोग यहां की विकास यात्रा में भागीदार रहे हैं। भारतीय समुदाय ने इसे अपना घर मानकर प्रतिबद्धता के साथ यहां के लोगों के सपनों को साकार करने के लिए अपने सपनों को भी यहां बोया है। ‘दो देशों के बीच सद्भावना सेतु होगा मंदिर’
प्रधानमंत्री ने कहा, बहुत लोगों को आश्चर्य हुआ कि क्राउन प्रिंस ने मंदिर बनाने की बात को आगे बढ़ाया। मैं क्राउन प्रिंस को सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों की तरफ से आभार व्यक्त करना चाहता हूं। मंदिर का निर्माण दोनों देशों की सद्भावना के सेतु के रूप में होगा। हम उस परंपरा में पले हैं, जहां मंदिर मानवता का स्थान है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश विकास की नई ऊंचाइयों को पार कर रहा है। यह भारत के लिए गर्व की बात है कि एक विश्व स्तर की समिट में भारत को विशेष सम्मान मिलेगा।
‘‘लोग अब पूछते हैं काम कब होगा’’
भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, भारत किस तेजी से बदल रहा है और सवा सौ करोड़ लोग अपने सपनों को पूरा करने के लिए किस तरह आगे बढ़ रहे हैं, यह आपको पता है। हमने वह समय भी देखा है जब लोग चलो छोड़ो यार कहकर उम्मीद छोड़ देते थे। उन्होंने कहा कि एक समय था जब आम आदमी पूछता था, यह संभव है क्या? यह हो सकता है क्या? लेकिन चार साल में हम उस जगह पहुंच गए हैं जब देश यह नहीं पूछ रहा है कि संभव है या नहीं है, वह पूछ रहा है कि मोदी जी बताओ कब होगा? इस सवाल में शिकायत नहीं है, विश्वास है। ‘‘ग्लोबल बेंचमार्क तक आएगा भारत’’
2014 में ईज ऑफ डुइंग बिजनस में हम 142वें नंबर पर थे, सूची में पीछे से ढूंढने पर हमारा नाम आसानी से मिल जाता था। लेकिन इतने कम समय में हम 42 अंक आगे जाकर 100वें नंबर पर पहुंच गए हैं, हम यहां भी नहीं रूकेंगे, हमें अभी और आगे जाना है। इसके लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य भारत को ग्लोबल बेंचमार्क के स्तर तक लाना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी को एशिया की सदी बनाने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी, तात्कालिक लाभ हो या न हो, लेकिन कोशिश करनी पड़ेगी। कुछ काम ऐसे होते हैं जिनका तात्कालिक लाभ नहीं होता, लेकिन लोगों की भलाई के लिए वे करने पड़ते हैं। प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा, नोटबंदी करता हूं तो देश के गरीब तबके को समझ आता है कि सही दिशा का मजबूत कदम है, लेकिन कुछ लोगों की रात की नींद अब तक उड़ी हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई साल से अटके हुए जीएसटी को हमने बेहद कम समय में पास कराया है। इसकी वजह से कुछ परेशानी हो रही है, लेकिन जब व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जाता है तो थोड़ी परेशानी होती है। इस मौके पर भी लोगों को बखूबी समझ आ रहा है कि यह कदम देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। मोदी ने दिया 6क्र का मंत्र, मिलेगा ‘आनंद’दुबई। वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर एक नए मंत्र से दुनिया को परिचित कराया है। अलग-अलग शब्दों के पहले अक्षर को जोड़ अपनी बात कहने में माहिर प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार 6क्र का मंत्र दिया है। मोदी ने सतत विकास की अवधारणा के संदर्भ में बोलते हुए रहा कि आज के समय में इस रास्ते पर छह महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने छह क्र यानी रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकल, रिकवर, रीडिजाइन और रीमैन्युफैक्चर की बात की। प्र.म. ने कहा कि इन छह कदमों से हम जिस मंजिल पर पहुंचेंगे वह रिजॉइस यानी आनंद की होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में मुझे मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाना न सिर्फ मेरे लिए बल्कि 125 करोड़ भारतीयों के लिए भी गर्व की बात है। प्र.म. ने कहा कि यूएई में 33 लाख भारतीयों को अपनापन मिला है, इसके लिए भारत आपका कृतज्ञ है। प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई को दुनिया के लिए एक उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी ने एक रेगिस्तान को बदल दिया, यह चमत्कार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास के लिए तकनीक के इस्तेमाल में दुबई अपनेआप में बेमिसाल है। आज दुबई आगे बढ़ रहा है तो उसके पीछे संकल्प है। यूएई ने सफल प्रयोगों को लैब तक सीमित नहीं रहने दिया गया।
हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक के अंधाधुंध इस्तेमाल से खड़े हो रहे संकटों की ओर भी इशारा किया। मिसाइल और बमों के निर्माण में वैश्विक रूप से बढ़ते इन्वेस्टमेंट पर चिंता जताते हुए प्र.म. मोदी ने तकनीक के दुरूपयोग के प्रति चेताते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल विकास के लिए होना चाहिए, विनाश के लिए नहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी-कभी ऐसे लगता है कि मानव टेक्नॉलजी को प्रकृति पर विजय का ही नहीं उस से संघर्ष का साधन बनाने की भूल कर रहा है। इसकी कीमत बहुत भारी है। मानवता के भविष्य के लिए हमें प्रकृति के साथ संघर्ष नहीं, सहजीवन का रास्ता चाहिए।

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