Monday , 21 May 2018
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नरम हुई पाक सेना

तलाश रही भारत से दोस्ती की राह

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा मानते हैं कि भारत के शांति और स्थिरता के लिए सैन्य सहयोग बहुत जरूरी है। ब्रिटेन स्थित थिंक टैंक रॉयल यूनाइट्स सर्विसेज इंस्टिट्यूट ने अपनी ऐनालिटिकल रिपोर्ट में यह बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक इतिहास में ऐसा पहला मौका था, जब बीते महीने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने भारत के मिलिट्री अताशे संजय विश्वराव और उनकी टीम को पाक दिवस के मौके पर इस्लामाबाद में आयोजित परेड के लिए बुलाया। यही नहीं इसके दो सप्ताह बाद पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष बाजवा ने कहा कि पाक सेना भारत के शांति और बातचीत चाहती है।
दोनों प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच सुलह की यह पहल अप्रत्याशित है। दोनों ही देश सितंबर महीने में रूस में आयोजित होने वाले सैन्य अभ्यास में भी हिस्सा ले सकते हैं, जिसमें चीन की भी भागीदारी होगी। रिपोर्ट में कहा गया है, कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल पर दोनों देशों के बीच फायरिंग की घटनाओं के बाद यह प्रयास तेज हुए हैं। बता दें कि पिछले साल रॉयल यूनाइट्स सर्विसेज इंस्टिट्यूट से बातचीत करते हुए पाक सेना प्रमुख ने कहा था कि हम चीन-पाकिस्तान इकॉनमिक कॉरिडोर में भारत की सहभागिता का स्वागत करेंगे। (शेष पेज 8 पर)6 गुना बड़े पड़ोसी से दुश्मनी ठीक नहीं : पाक अफसर
रिपोर्ट में कहा गया कि एक अन्य पाक अधिकारी मेजर जनरल अहमद हयात ने 2013 में कथित तौर पर एक इंडिया प्लान लिखा था, जिसमें यह बताने की कोशिश की गई थी कि कब और कैसे पाकिस्तान को भारत से बातचीत करने का प्रयास करना चाहिए। आईएसआई के एनालिसिस विंग के डायरेक्टर जनरल हयात ने कहा था कि पाक सेना को भारत से तब बात करनी चाहिए, जब उसकी रक्षा कूटनीति मजबूत हो और किसी भी तरह के अमेरिकी दबाव से मुक्त हो। उन्होंने कहा, यह बात सही है कि आप अपने ऐसे पड़ोसी से हमेशा दुश्मनी की स्थिति में नहीं रह सकते, जो साइज में आप से छह गुना बड़ा हो। लेकिन संकेत तो सही होने चाहिए।

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