Wednesday , 22 November 2017
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आडवाणी-जोशी समेत 12 पर आरोप तय

लखनऊ। पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले अयोध्या में 6 दिसम्बर 1992 को विवादित ढांचा विध्वंस मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी और केन्द्रीय मंत्री उमा भारती समेत 12 आरोपियों पर आरोप तय करते हुए मंगलवार को जमानत दे दी।
सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश संजय कुमार यादव ने आरोपियों को 20-20 हजार रूपये के निजी मुचलके पर जमानत दी। अदालत ने इन आरोपियों पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 153, 153ए, 295, 505 और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय किये हैं।
उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई हर हाल में दो वर्ष में समाप्त करने के आदेश दिये हैं। न्यायालय ने कहा है कि सुनवाई पूरी होने तक सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश का स्थानांतरण न किया जाये। यह मामला 25 वर्षों से लम्बित है। उच्चतम न्यायालय इसमें जल्द से जल्द फैसला चाहता है। मामले की सुनवाई प्रतिदिन होगी।
आरोपियों के अधिवक्ता के के मिश्रा ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई प्रतिदिन चलेगी। सभी गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद आरोपियों को फिर हाजिर होना पड़ेगा, हालांकि अदालत आरोपियों को बीच में भी बुला सकती है।
सुरक्षा के कड़े इन्तजाम के बीच करीब 12 बजे आडवाणी अदालत में पेश हुए। अदालत के बाहर सुरक्षा के व्यापक बन्दोबस्त किये गये थे। देश-विदेश के मीडियाकर्मियों से परिसर खचाखच भरा हुआ था।
इसके पूर्व आडवाणी और जोशी के साथ कुछ अन्य आरोपी दिल्ली से सुबह करीब 9 बजे लखनऊ हवाई अड्डे पहुंचे। वहां से वह अतिविशिष्ट अतिथि गृह आये जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की। मुलाकात के बाद सभी आरोपी सीधे अदालत पहुंचे।
आडवाणी और दो अन्य आरोपियों को सीबीआई ने ढांचा गिराने के षडयंत्र के आरोप से 2001 में बाहर निकाल दिया था। वर्ष 2010 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी इस पर मुहर लगा दी थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने षडयंत्र की धारा 120बी के तहत भी मुकदमा चलाने का आदेश दिया। सीबीआई की विशेष अदालत में मंगलवार को 120बी के तहत मुकदमा चलाने पर आपत्ति दर्ज करायी गयी। विशेष अदालत में उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार भारतीय दण्ड संहिता की इस धारा में भी मुकदमा चलेगा।
आडवाणी, जोशी, केन्द्रीय मंत्री उमा भारती, भाजपा सांसद विनय कटियार, विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) नेता विष्णु हरि डालमिया और साध्वी ऋतम्भरा को गत 26 मई को अदालत में पेश होना था, लेकिन अदालत में बैठते ही उनके वकील ने हाजिरी माफी की दरख्वास्त दे दी थी। विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार यादव ने हाजिरी माफी तो दे दी थी, लेकिन 30 मई को हर हाल में पेश होने का आदेश दिया था।

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