Wednesday , 22 November 2017
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गोरखालैंड की गूंज पहुंची दिल्ली

नयी दिल्ली। पृथक गोरखालैंड की मांग पश्चिम बंगाल से होते हुए रविवार को दिल्ली पहुंच गई और हजारों की तादाद में गोरखा संयुक्त संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने पृथक गोरखालैंड की मांग के समर्थन तथा पश्चिम बंगाल सरकार की कथित ज्यादतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का जुलूस राजघाट से शुरु होकर जंतर-मंतर पर पहुंचा। समिति के कार्यकर्ताओं का कहना था कि वह पृथक गोरखालैंड से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। इसलिए सरकार यदि इस मुद्दे के अलावा किसी और मुद्दे पर बातचीत करना चाहती है तो बेहतर होगा कि वह ऐसा नहीं करे। उनका कहना था कि अन्य लोगों के समान ही गोरखा लोग भी भारत का अभिन्न अंग है ऐसे में अलग राज्य की मांग करना उनका अधिकार बनता है इसमें गलत कुछ भी नहीं है।
गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के विरोध प्रदर्शन के दौरान मोर्चा के कई सदस्यों ने कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया और कहा कि मांग पूरी होने तक वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे। फिर उबाल पर दार्जिलिंग, कई जगह आगजनीदार्जिलिंग। पश्चिम बंगाल के उत्तरी पर्वतीय इलाके में जारी अस्थिरता के बीच कथित तौर पर पुलिस की गोली से एक गोरखालैंड समर्थक की मौत के बाद भड़की हिंसा और आगजनी की घटनाएं रविवार को भी जारी रहीं। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने रविवार सुबह कुरसियोंग में प्रखंड कार्यालय को आग लगा दी, जिसमें इमारत का एक हिस्सा बुरी तरह जल गया।
पश्चिम बंगाल से अलग गोरखालैंड राज्य बनाने की मांग कर रहे लोगों ने रविवार को पोखरिबिंग पंचायत कार्यालय को भी आग लगा दी और दार्जिलिंग के पोखरी में स्थित पुलिस की एक सीमा चौकी में तोड़-फोड़ की। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के समर्थकों ने शनिवार को भी कई जगह प्रदर्शन करते हुए पुलिस चौकी और कई सरकारी कार्यालयों में तोडफ़ोड़ और आगजनी की थी। जीजेएम कार्यकर्ताओं का गुस्सा कथित तौर पर पुलिस की गोली से उनके एक समर्थक की मौत के बाद फूटा।
पुलिस ने हालांकि इससे इनकार किया है, वहीं जीजेएम के अलावा गोरखा नैशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएएफ) ने मृतक ताशी भूटिया को अपनी-अपनी पार्टी का समर्थक बताया है। दार्जिलिंग के सोनादा पुलिस थाने में व्यक्ति की मौत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अलग राज्य की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल का यह इलाका बीते एक महीने से सुलग रहा है। अलग राज्य के लिए छेड़े गए आंदोलन का नेतृत्व कर रहा जीजेएम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।

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