Saturday , 26 May 2018
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12वीं अर्थशास्त्र का पेपर 25 को

  • राजस्थान में नहीं होगी 10वीं गणित की परीक्षा
  • अगर गणित की परीक्षा दोबारा करानी पड़ी तो सिर्फ दिल्ली और हरियाणा में जुलाई में होगी

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की अर्थशास्त्र की परीक्षा की तिथि का ऐलान कर दिया गया है। मानव संसाधान एवं विकास मंत्रालय के सचिव (स्कूल शिक्षा) अनिल स्वरूप ने बताया कि अर्थशास्त्र की दोबारा परीक्षा 25 अप्रैल को होगी। हालांकि 10वीं के गणित की दोबारा परीक्षा को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। स्वरूप ने बताया कि अभी जांच चल रही है और अगले 15 दिनों में यह फैसला होगा कि 10वीं के गणित की परीक्षा दोबारा कराने की जरूरत है या नहीं। अगर दोबारा परीक्षा करानी पड़ी तो सिर्फ दिल्ली और हरियाणा रिजन में होगी और उसे जुलाई में कराया जाएगा।
शिक्षा सचिव ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि 12वीं के अर्थशास्त्र के प्रश्नपद्ध के लीक होने की पुष्टि हुई है और छात्रों के भविष्य में विभिन्न संस्थानों में प्रवेश से संबंधित मामलों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि बारहवीं का अर्थशास्त्र पूरे देश में 25 अप्रैल को दोबारा होगा। यह कदम छात्रों के हितों को देखते हुए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि देश के बाहर यह प्रश्नप्रत्र लीक नहीं हुआ है, इसलिए वहां यह प्रश्नपत्र दोबारा नहीं होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे 12 वीं के परिणाम में किसी तरह की देरी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि दसवीं के गणित के प्रश्नपत्र के दिल्ली एनसीआर और हरियाणा में लीक होने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। देश या विदेश में और कहीं इसके लीक होने की बात पता नहीं चली है। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों तथा परिस्थितियों के आधार पर इसकी जांच की जा रही है और लीक की पुष्टि होने पर यह परीक्षा केवल दिल्ली एनसीआर तथा हरियाणा में जुलाई में आयोजित की जायेगी और जरूरत हुई तो 15 दिन में इसकी तिथि की घोषणा कर दी जायेगी।
दसवीं के परिणाम में देरी के बारे में उन्होंने कहा कि परीक्षा की तारीख के समय ही इससे जुड़ी सभी बातों की घोषणा की जायेगी।
स्वरूप ने कहा कि पेपर लीक होने की जांच दो स्तर पर की जा रही है। एक ओर पुलिस आपराधिक मामला दर्ज कर जांच कर रही है दूसरी ओर सीबीएसई भी व्यवस्था में चूक का पता लगाने में जुटा है।
सीबीएसई चेयरमैन अनिता करवाल को उनके पद से हटाने और इस मामले में जिम्मेदारी तय किये जाने से जुड़े सवालों पर स्वरूप ने कहा कि यह सही है कि गड़बड़ी हुई है और यह बेहद गंभीर मामला है। यह गड़बड़ी कहां और कैसे हुई इसका पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी उनके पास सीमित जानकारी है और अभी से किसी को दोषी करार दिया जाना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि जांच के परिणाम के आधार पर जिम्मेदारी भी तय की जायेगी और उचित कार्रवाई भी की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस सारे मामले की एक महीने में जांच पूरी कर ली जायेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य पेपरों के लीक होने के बारे में जो भी शिकायतें की गयी हैं उनकी जांच की गयी है और यह पता चला है कि ये पेपर लीक नहीं हुए हैं। जो भी प्रश्नपत्र व्हाटसएप पर आये हैं उन्हें मूल प्रश्न पत्रों से मिलाकर देखा गया है और यह पता चला है कि ये वास्तविक प्रश्न पत्रों के हिस्से नहीं थे।
श्रीमती करवाल से जब यह पूछा गया कि क्या पुलिस ने उनसे इस मामले में पूछताछ की है उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनसे परीक्षा के आयोजन से जुड़ी समूची व्यवस्था के बारे में पूछा है कि परीक्षा कैसे होती है। उन्होंने कहा कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस व्यवस्था में कहां गड़बड़ी हुई।
सीबीएसई पेपर लीक की खबर के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश है। जगह-जगह छात्र और अभिभावक प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, सीबीएसई ने पेपर लीक के आरोपी विक्की को गिरफ्तार कर लिया है। विक्की दिल्ली में एक कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाता है। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसआईटी जहां ताबड़तोड़ छापे मार रही है, वहीं सीबीएसई अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच में गूगल से मांगी गई मदद
सीबीएसई पेपर लीक मामले में स्टूडेंट्स के भारी विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच विसलब्लोअर की तलाश में जुटी है। इसके लिए गूगल से भी सहयोग मांगा गया है। दरअसल, इसी विसलब्लोअर ने सीबीएसई चेयरपर्सन को परीक्षा से कई घंटे पहले ही एक वॉर्निंग ईमेल भेजा था। क्राइम ब्रांच ने इस ईमेल के बारे में गूगल से जवाब मांगा है। यह मेल जीमेल आईडी से भेजा गया था और इसमें हाथ से लिखे प्रश्नपत्रों की तस्वीरें भी अटैच थीं।
10 से ज्यादा संदिग्ध वॉट्सऐप ग्रुप की पहचान
वॉट्सऐप पर पेपर शेयर होने की खबरों के बीच क्राइम ब्रांच ने 10 से ज्यादा वॉट्सऐप ग्रुप्स की पहचान की है, जिसमें प्रत्येक में 50-60 सदस्य थे। जांच और पूछताछ का सिलसिला लगातार जारी है। इस बीच, पेपर लीक को लेकर 5 छात्रों के समूह ने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की है। सीबीएसई चेयरमैन के इस्तीफे की मांग के साथ छात्रों ने कहा है कि सीबीएसई की गलती की सजा सभी छात्रों को नहीं मिलनी चाहिए। उधर, दिल्ली में प्रकाश जावड़ेकर के घर के पास धारा 144 लागू कर दी गई है। राहुल का तंज
एक और किताब लिखें प्र.म.
बता दें कि दिल्ली में सीबीएसई दफ्तर के बाहर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। सुबह कांग्रेस पार्टी का स्टूडेंट्स यूनियन एनएसयूआई भी छात्रों के साथ मार्च में शामिल हुआ। कांग्रेस पार्टी सरकार पर और ज्यादा हमलावर हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा, प्र.म. ने एग्जाम वॉरियर्स किताब लिखी, जो परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स का तनाव दूर करने के लिए है। अब उन्हें एग्जाम वॉरियर्स 2 लिखनी चाहिए, जिसे पेपर्स लीक होने के कारण तबाह हुई स्टूडेंट्स और पैरंट्स की जिंदगियों के बाद उनके तनाव को दूर करने के लिए पढ़ाया जाए।

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