Saturday , 19 August 2017
Breaking News
Home » India » सरकार मुख्यमंत्रियों को प्रायोरिटी लैंडिंग देने के पक्ष में नहीं

सरकार मुख्यमंत्रियों को प्रायोरिटी लैंडिंग देने के पक्ष में नहीं

Views:
12

 नई दिल्ली। सरकार मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों को प्रायोरिटी लैंडिंग वाले विशिष्ट लोगों की सूची में शामिल करने के पक्ष में नहीं है क्योंकि इससे हवाई अड्डों पर विमान सेवायें प्रभावित होंगी और जटिलताएं बढ़ेंगी।
सरकार ने परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति पर संसद की स्थायी समिति को बताया कि प्रायोरिटी लैंडिंग वाले विशिष्ट अतिथियों की सूची के विस्तार से हवाई अड्डों पर तथा हवा में दूसरे विमानों के आगमन और प्रस्थान में देरी होगी। इससे एक तरफ यात्रियों को असुविधा होगी और दूसरी ओर हवाई अड्डों पर और हवा में इंतजार कर रहे विमानों की संख्या बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि इससे हवाई अड्डों पर और हवाई क्षेत्र में सुरक्षा ङ्क्षचताएं भी बढ़ सकती हैं। साथ ही कई राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री नियमित वाणिज्यिक उड़ानों से सफर करते हैं जिसके कारण लैंडिंग या टेकऑफ के समय उनकी प्राथमिकता तय करने में जटिलता आ सकती है।
अभी सिर्फ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के विमानों को ही देश के किसी भी हवाई अड्डे पर प्राथमिकता के आधार पर उतरने और उड़ान भरने की सुविधा है। समिति ने इस साल मार्च में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा था नागर विमानन मंत्रालय को नियमों में सुधार करना चाहिये ताकि राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को भी उनके संबद्ध राज्यों में प्राथमिकता के आधार पर लैंडिंग की सुविधा मिल सके।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर में तृणमूल कांग्रेस सांसद मुकुल रॉय ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की उड़ान को कोलकाता हवाई अड्डे पर उतरने के लिए करीब आधे घंटे हवा में इंतजार करना पड़ा जबकि विमान में ईंधन कम था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*